01/02/2026
अभी कुछ दिनों पहले विधानसभा में यह बताया गया कि प्रदेश के कुल 45,365 विद्यालयों में से 41,178 विद्यालय ऐसे हैं, जिन्हें मरम्मत की आवश्यकता है। इन विद्यालयों के लिए वास्तव में क्या किया जा रहा है, इस पर चर्चा करना तो जैसे औपचारिकता भर रह गया है।
लेकिन मंत्रियों के लिए नई फॉर्च्यूनर लीजेंडर लाना आवश्यक था और वह आ भी गई। आखिर प्राथमिकताएँ तो स्पष्ट हैं रील, लग्ज़री गाड़ियाँ और काफ़िले। जब प्राथमिकता यही होगी, तो नेताओं का ध्यान भी स्वाभाविक रूप से इन्हीं विषयों पर टिका रहेगा।
पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक चाय की थड़ी वाला उनसे कहता है “आप इस सफारी में क्यों घूमते हो, डिफेंडर क्यों नहीं लेते?” यह घटना बताती है कि आम नागरिक न तो इन बातों को भूलता है और न ही अनदेखा करता है। जनता सब देखती है, सब समझती है और हर विषय पर उसकी पैनी नज़र बनी रहती है।
Bhajanlal Sharma
Narendra Modi