22/06/2024
भूखंड की चार दीवारी के साथ मुख्य द्वार के प्रावधान को प्रमुख महत्व दिया गया है। भूखंड के सभी पक्षों (boundary walls) को नौ समान विभाजनों में विभाजित किया जाना चाहिए। यदि द्वार उत्तर या पूर्व की ओर प्रदान किया जाना है तो इसे क्रमशः उत्तर-पश्चिम कोने और उत्तर-पूर्व कोने से तीसरे / चौथे डिवीजनों पर ठीक करें। यदि द्वार पश्चिम की ओर होना है, तो इसे उत्तर-पश्चिम कोने से पांचवें / छठे विभाजन पर तय किया जाना चाहिए। इसी तरह, गेट को दक्षिण-पश्चिम कोने से छठे / सातवें डिवीजनों पर तय किया जाना चाहिए, अगर यह भूखंड के दक्षिण तरफ प्रदान किया जाना है। मुख्य दरवाजा चौकोर होना चाहिए जिसमें डबल पल्ला हो।
मालिक के लिए शयनकक्ष: दक्षिण-पश्चिम कोने।
बच्चों का कमरा: नॉर्थ-वेस्ट, वेस्ट कॉर्नर।
बैठक कक्ष: पूर्व की ओर या उत्तर-पश्चिम का कोना।
भोजन कक्ष: पूर्व की ओर या पश्चिम की ओर।
रहने के जगह (living space): पूर्व की ओर या पश्चिम की ओर या उत्तर-पश्चिम का कोना।
अध्ययन कक्ष: उत्तर या पश्चिम की ओर।
रसोई: दक्षिण-पूर्व कोने या दक्षिण की ओर।
बालकोनी: उत्तर-पूर्व कोने या उत्तर की ओर या पूर्व की ओर
शौचालय: पश्चिम की ओर या दक्षिण की ओर या उत्तर-पश्चिम का कोना।
स्नान कक्ष: पूर्व की ओर अन्यथा उत्तर-पश्चिम या उत्तर की ओर।
सीढ़ी: दक्षिण की ओर या पश्चिम की ओर अन्यथा दक्षिण-पूर्व कोने या दक्षिण-पश्चिम कोने।
लिफ्ट: दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम कोने।
भूमिगत पानी की टंकी/ बोरवेल: उत्तर-पूर्व कोने।
सेप्टिक टैक / सीवेज उपचार संयंत्र: उत्तर-पश्चिम कोने या पूर्व की ओर।
ओवरहेड वॉटर टैंक: दक्षिण-पश्चिम कोने।
विद्युत कक्ष: दक्षिण-पूर्व कोने।
पेट रूम: उत्तर-पश्चिम कोने।
[1]
फुटनोट
[1] Vastu Shastra for Home Planning
दक्षिणमुखी घर के लिए क्या वास्तु उपाय कर लेने चाहियें ?
दक्षिण मुखी मकान सभी के लिए अच्छा नहीं होता सभी के लिए बुरा नहीं होता। इसी प्रकार से सभी दिशाओं का ख्याल है जैसे पूरब मुखी मकान अच्छा माना गया है लेकिन सभी के लिए अच्छा नहीं होता अगर आप दक्षिण मुखी मकान में रहते हैं और अगर आपके घर में कोई लड़ाई झगड़ा नहीं है कोई भी बेऔलाद नहीं है घर में किसी को कैंसर तपेदिक जैसी गंभीर बीमारियां नहीं हुई है तो यह मकान आपके लिए खराब नही है। अगर उपरोक्त समस्याएं हैं तो यह घर आपके लिए खराब है यह दिशा आपके लिए खराब है
घर का मुख्य द्वार, दक्षिण पश्चिम में होना सही है या गलत?
सब से पहले क्वोरा के उन लोगों को बताना चाहूंगा की वास्तु शास्त्र अब IIT खरगपुर के पढ़ाई में शामिल हो गया है |
( कोई मने या न माने ये अपना व्यग्तिकत मामला है | )
घर का मुख्या द्वार दक्षिण पश्चिम में होना बहुत ख़राब मन जाता है | ऐसे में किसी वास्तुकार को लेआउट दिखा कर और साइट विजिट कर के परामर्श लेना ही उचित रहेगा | ( कृपया टिप्स पर ना जाये )
सुख का सार, वास्तु का आधार
अगर घर के उत्तर पूर्व में बाथरूम और टॉयलेट हो तो क्या वास्तु उपाय करने चाहिए ?
श्रीमान जी
आपके प्रश्न के अनुसार निम्नवत विचारणीय पहलू निम्नवत रहेगे
● उत्तर पूर्व दिशा या ईशान कोण अति संवेदनशील शील दिशा वास्तु शास्त्र मे मानी गयी है इस दिशा में यदि बाथरूम और टाॅयलेट है तो निवास करने वाले व्यक्तियो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होगी विभिन्न प्रकार के रोगों आगमन यथा संतान से संबंधित परेशानी की संभावना रहेगी साथ ही उन्नति मे बाधा, तरक्की प्रभावित होंगी, मानसिक तनाव या अशांति की भी स्थिति बनेगी।
● वास्तु निदान - टाॅयलेट का उपयोग तत्काल बन्द कर दे , स्नानघर के रूप में उपयोग कर सकते हैं ध्यान रहें गन्दा पानी का उपयोग ईशान कोण मे कदापि न करें तथा संभव सफाई का विशेष ध्यान रखे, गन्दगी क
किसी घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है और घर आगे से चौड़ा ज्यादा है तो इसका वास्तुशास्त्र के अकोडिंग उपाय बताएं?
मुख्य द्वार अग्नि कोण में होना चाहिए।
अगर मैं आपसे ऐसा घर बनाने को कहूं जिसकी चारों दिवारे दक्षिण दिशा में हो, तो आप क्या करते ?..तो मैं आपसे आग्रह करता कि अपना प्लॉट सीधा नार्थ पोल पर खरीदें | वहाँ दिशाओं की समस्या बहुत सरल हो जाती है | वहाँ हर तरफ सिर्फ दक्षिण ही दिशा है | जहाँ चाहे दीवार लगाएँ |
इसके अतिरिक्त, अगर आप यही कार्य किसी अन्य स्थल पर मौजूद ज़मीन पर करवाना चाहें, तो सिर्फ एक ही बात कहेंगे, कि दीवारों का काम सिर्फ संरक्षण और निजता देना है | इसलिए यदि आप दक्षिण के अलावा हर दिशा में कोई प्राकृतिक परदे वाली ज़मीन खोज सकें, तो भी काम बन जाएगा | उदाहरण के लिए, यदि आप की ज़मीन पर दक्षिण के अलावा हर दिशा में कोई पहाड़ी/ खाई/ नदी/ घना झुरमुट इत्यादि हो, तो हमें कोई और दीवार बनाने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी |
मैं एक आ
घर का मुख्य द्वार अगर दक्षिण दिशा की तरफ हो तो उस पर कैसा रंग होना चाहिए?
घर का मुख्य द्वार अगर आपका दक्षिण दिशा की ओर होता है तो आपके घर का जो रंग होता है यह ब्राउन कलर लकड़ी का कलर या फिर काले रंग का भी आप रख सकते हैं अगर आप अपने घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा दक्षिण-पश्चिम औरत है आपने डार्क कलर ज्यादा यूज करना चाहिए
यदी घर का दरवाजा दक्षिण दिशा में है, तो किस दिशा में सिर कर के सोना चाहिए?
हेलो आज का सवाल कि अगर हमारे घर का जो दरवाजा है दक्षिण दिशा में हैं तो हमें किस तरफ सिर करके सोना चाहिए
सबसे पहले तो मैं आपको यह बताना चाहूंगा कि अगर हमारे घर में दक्षिण दिशा में दरवाजा नहीं होना चाहिए तो ज्यादा बेहतर होगा अगर आपका दरवाजा पहले से दक्षिण दिशा में है तो कोई बात नहीं पर अगर आप नया घर बनाने जा रहे हैं तो अब दक्षिण दिशा में दरवाजा ना रखें तो ज्यादा अच्छा होगा उसमें भी एक महत्वपूर्ण बात यह होती कि दक्षिण-पश्चिम दिशा मैं दरवाजा नहीं होना चाहिए
लेकिन अब कोई भी दिशा में दरवाजा हो तो भी दरवाजा तो आप रात को बंद ही करेंगे लेकिन अगर हम सोने की बात करते हैं तो सोने की जो दिशा होती है उसमें सब
क्या आप 27x27 फीट का गृह नक्शा वास्तु शास्त्र अनुसार दे सकते हैं जो पश्चिम की ओर मुख करता हो और जिसके उत्तर में मार्ग और पूर्व, दक्षिण में घर हों? क्या उसमें दो शयनकक्ष एक महाकक्ष एक रसोईघर दो स्नान घर व शौचालय हों और एक भंडार कक्ष हो?
क्या आप घर की योजना 27x27 के लिए (पैरों में) पश्चिम की ओर मुख वाले घर के लिए वास्तुशास्त्र के अनुसार भूखंड के उत्तर और पश्चिम में सड़क और पूर्व और दक्षिण में घर के लिए साझा कर सकते हैं? कम से कम 2 शयनकक्ष 1 महाकक्ष रसोईघर और 2 स्नानघर हो सकते हैं?
मैंने इसे अपने घर के लिए बनाया है अब मैं चाहता हूं कि विशेषज्ञ इसकी समीक्षा करें।
यहाँ विवरण हैं-
प्लॉट का आकार 27x27 (यूनिट फीट-इंच)।
दुकान 10x10 फीट (दीवारों के साथ)।
रसोईघर (दीवारों के साथ) भोजनकक्ष के साथ 10x11 फीट।
हॉल महाकाक्ष 14'0x11′6 फुट-इंच (दीवारों के साथ)।
सीढ़ी 10x6 फीट (चौड़ाई -3 फीट) (दीवारों के अंदर)।
सीढ़ियों के नीचे पश्चिमी या जापानी शौच सी
क्या आप मुझे दक्षिणमुखी मकान के लिए कोई उचित सलाह दे सकते हैं? मेरे घर का दरवाजा दक्षिण दिशा में खुलता है. घर के सामने आटा चक्की भी है.
घर कि व्हायब्रेशन इतनी अच्छी रखीए की घर दक्षिण हों या पश्चिम कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। सुबह शाम घर में गुरु भगवान की आरती पुजा हो।घर में सालासर हनुमानजी फोटो की भी पूजा हो। गायत्री मंत्र,अमृतसंजीवनी मंत्र की ध्वनि गूंजती हो। क्या फर्क पड़ता है।घर कौनसी दिशा में है। भूत प्रेत तो भाग जायेंगे,और दक्षिण दिशा यमराज की दिशा कहते तों यमराज भी आयेंगे और नमस्कार करके चले जायेंगे।