08/03/2026
दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़कर संजू के पिता केरला शिफ्ट हो गए ताकि उनका बेटा इंडिया के लिए खेले, लेकिन उन्हें क्या पता था कि असली लड़ाई मैदान के अंदर नहीं,
बल्कि बाहर होने वाली है। 18 साल की उम्र में जब संजू ने IPL में एंट्री मारी, तो दुनिया ने कहा कि ये अगला सचिन या कोहली बनेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
2015 में सिर्फ एक मैच खेला और फिर 5 साल के लिए टीम से बाहर हो गए। धोनी, पंत, राहुल सब आए, लेकिन हर बार संजू को लिस्ट से बाहर रखा गया। लोग 'जस्टिस फॉर संजू' चिल्लाते रहे, लेकिन सिलेक्शन के दरवाजे हमेशा बंद मिले।
हद तो तब हो गई जब इस साल भी उन्हें मौका नहीं मिल रहा था। जब कैप्टन सूर्या से पूछा गया कि संजू को खिलाइए, तब उनका जवाब ये आया— 'तो अभिषेक की जगह खिलाऊं? या तिलक की जगह खिलाऊं?'
एक 18 साल के लड़के को दुनिया को खुद को साबित करने में 14 साल लग गए। लेकिन संजू हमें एक बात सिखा कर चले गए कि अगर दुनिया आपका रास्ता रोके तो लड़ना नहीं,
बल्कि खामोशी से इतनी मेहनत करना कि आपका वक्त ही सबका मुंह बंद कर दे। अगर ये लड़का 14 साल रुक सकता है, तो आप अपने सपनों के लिए थोड़ा और..