28/05/2026
पिता के गोद से बड़े कोई बैठक व्यवस्था नहीं और
पिता के सर पर हाथ के बराबर कोई ताज नहीं
हम तो लड़ते हैं अपने आप उसके स्वार्थ के लिए
वरना पिता की नजरों में कोई भेद नहीं
मेरी कलम से✍️कोई चोरी ना करना ©️ ना करे।
❤️🩹समय सिंह गुर्जर ❤️🩹