22/05/2022
राजस्थान के वीर गुर्जरों ने गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान का बोर्ड लगाया*
गांव दौला का खेड़ा, बदनौर, भीलवाड़ा, राजस्थान में ग्रामवासियों ने राजस्थान का पहला गुर्जर सम्राट पृथ्वीराज चौहान का बोर्ड लगाया। राजस्थान में अब हर गांव में लगाए जाएंगे ऐसे बोर्ड। बदनौर भगवान देव नारायण जी चौहान के दादा बाघ जी चौहान के अधिकार क्षेत्र मे था । बाघ जी चौहान के 24 बेटे थे जोकि 24 बगड़ावत के नाम से प्रसिद्ध हुए। जिनसे से एक भगवान देव नारायण जी चौहान के पिता भोज बगड़ावत जी चौहान थे । गुर्जर चौहान वंश के काजल देव के तीन पुत्र हुए 1 अर्णोराज चौहान, 2 बीसलदेव चौहान, 3 मांडलराज चौहान। अर्णोराज चौहान के आगे के वंश मे 1149 ईस्वी (विक्रमी संवत 1206) मे गुर्जर महाराज पृथ्वीराज चौहान हुए और मांडलराज चौहान के आगे के वंश मे 911 ईस्वी ( विक्रमी संवत 968 ) मे भगवान देव नारायण जी बगड़ावत चौहान हुए । जब भगवान देव नारायण जी बगड़ावत चौहान ।
भगवान देव नारायण जी चौहान के बारे मे एक राजस्थान की प्रसिद्ध कहावत तो सबने सुनी होगी
*संवत 968 के अंश जन्म लिया गुर्जर के वंश, साडू सती के वचनों द्वारा कमल फूल देव लिया अवतारा*
नोट: अर्णोराज चौहान, बीसलदेव चौहान, मांडलराज चौहान तीनो सगे भाई है और उनकी जाति गुर्जर है तो उनके बच्चे राजपूत जाति के कैसे हो सकते है।
*तो जागो मेरे राजस्थान के वीर गुर्जरों जागो तुम्हे देव नारायण जी चौहान बगड़ावत की सौगंध उठो और उनके गुर्जर चौहान वंश का इतिहास बचाओ और हर गांव में ऐसे बोर्ड लगाओ ।*