30/04/2026
ईलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. एक खंडित फैसले (Split Verdict) के दौरान जस्टिस अतुल श्रीधरन ने आरोप लगाया कि आयोग देश में मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं की अनदेखी कर रहा है.
जस्टिस श्रीधरन ने 'टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया' द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग के रवैये पर हैरानी जताई.
जज ने कहा कि यह "आश्चर्यजनक" है कि देश के मानवाधिकार आयोग उन मामलों में दखल दे रहे हैं जो उनके अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में नहीं आते.