07/08/2026
NTA के एक्सपर्ट्स ने लीक कराया NEET-UG
का पेपर', CBI का बड़ा खुलासा
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EET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पेपर किसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं हुआ था, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए काम कर रहे विषय विशेषज्ञों ने अपने अधिकृत एक्सेस का दुरुपयोग कर पेपर बाहर पहुंचाया।
जांच में सामने आया कि फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवालदार ने प्रश्न पुणे स्थित एपीएमए के फिजिक्स लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को बताए. इसके बाद शाह ने हस्तलिखित नोट्स की तस्वीरें खींचीं और उन्हें लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर के निदेशक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को भेज दिया. सीबीआई ने यह भी दावा किया है कि शाह ने मनीषा हवालदार के पति के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर किए।
अस्पताल में उम्मीदवारों को कराया गया प्रश्न बैंक याद
सीबीआई के अनुसार, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे के साथ मिलकर उम्मीदवारों को सिद्धिविनायक अस्पताल बुलाया. वहां परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को पूरा प्रश्न बैंक याद कराया गया, ताकि वे परीक्षा में वही सवाल हल कर सकें. जांच में पता चला कि नासिक के शुभम खैरनार ने गुरुग्राम के यश यादव से संपर्क किया. लीक हुए प्रश्नों को पीडीएफ में बदलकर टेलीग्राम के माध्यम से यश यादव को भेजा गया।
जांच में सामने आया कि फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवालदार ने प्रश्न पुणे स्थित एपीएमए के फिजिक्स लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को बताए. इसके बाद शाह ने हस्तलिखित नोट्स की तस्वीरें खींचीं और उन्हें लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर के निदेशक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को भेज दिया. सीबीआई ने यह भी दावा किया है कि शाह ने मनीषा हवालदार के पति के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर किए।
अस्पताल में उम्मीदवारों को कराया गया प्रश्न बैंक याद
सीबीआई के अनुसार, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे के साथ मिलकर उम्मीदवारों को सिद्धिविनायक अस्पताल बुलाया. वहां परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को पूरा प्रश्न बैंक याद कराया गया, ताकि वे परीक्षा में वही सवाल हल कर सकें. जांच में पता चला कि नासिक के शुभम खैरनार ने गुरुग्राम के यश यादव से संपर्क किया. लीक हुए प्रश्नों को पीडीएफ में बदलकर टेलीग्राम के माध्यम से यश यादव को भेजा गया। इसके बाद यश यादव ने यह पीडीएफ जयपुर के मांगीलाल बिवाल उर्फ मांगीलाल खटीक को 10 से 12 लाख रुपये में उपलब्ध कराई।
कोचिंग छात्रों और ट्यूटर्स तक पहुंचाया गया प्रश्नपत्र
सीबीआई के मुताबिक, मांगीलाल ने प्रश्नपत्र की प्रिंट कॉपी निकालकर अपने परिवार के सदस्यों, स्थानीय कोचिंग संस्थानों के छात्रों और निजी ट्यूटर्स में बांट दी. इस तरह लीक हुआ प्रश्नपत्र कई उम्मीदवारों तक परीक्षा से पहले पहुंच गया. सीबीआई ने बताया कि केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और सरकारी दस्तावेज परीक्षक की हैंडराइटिंग जांच में महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
छापेमारी के दौरान बरामद उम्मीदवारों की नोटबुक का मिलान तीन मई को आयोजित वास्तविक नीट-यूजी प्रश्नपत्र से किया गया. जांच में दोनों में मौजूद प्रश्न और उत्तर पूरी तरह समान पाए गए।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और नकदी बरामद
जांच एजेंसी को ऑनलाइन भुगतान से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले हैं. इनमें मनीषा हवालदार के परिवार के बैंक खाते में हुए लेनदेन शामिल हैं. इसके अलावा डॉ. मनोज शिरुरे के परिवार के एक सदस्य से पांच लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं. सीबीआई ने इसे जांच का अहम सबूत बताया है।