स्वदेशी हिन्द फौज

स्वदेशी हिन्द फौज स्वदेशी से ही
सम्रद्ध होगा भारत

पीएम मोदी- ने कल दोबारा अपनी बात दोहराई है। आप लोग शायद समझ नहीं रहे हैं; भारत पर बहुत बड़ा आर्थिक संकट मंडरा रहा है और ...
12/05/2026

पीएम मोदी- ने कल दोबारा अपनी बात दोहराई है। आप लोग शायद समझ नहीं रहे हैं; भारत पर बहुत बड़ा आर्थिक संकट मंडरा रहा है और उसे टालना हमारे हाथ में है। इसीलिए प्रधानमंत्री बार बार हमसे अपील कर रहे हैं कि;

पेट्रोल डीजल और गैस का उपयोग कम करो (हम 85-90% क्रूड तेल आयात करते है)
खाने के तेल का उपयोग कम करो (हम 60% खाद्य तेल आयात करते है)
सोना मत खरीदो (हम 90% सोना आयात करते हैं)
ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट (मेट्रो/रेल/इलेक्ट्रिक व्हीकल) का उपयोग करो
वर्क फ्रॉम होम शुरू करो (सरकारी और निजी संस्थानों दोनों से कहा है)
ऑनलाइन क्लासेज शुरू करें (सभी स्कूलों से कहा है)
कार पूलिंग करने को कहा है।

IMF ने भारत के करेंट अकाउंट डेफिसिट के लिए चिंता जताते हुए कहा है कि यह 80-85 अरब डॉलर तक जा सकता है जो जीडीपी के 2% CAD के आसपास बैठता है। हालांकि FY25 में CAD लगभग $23–41 billion के आसपास था। यानी जीडीपी का लगभग 0.6%–1.0%.

अगर 1 वर्ष के लिए हम सोना खरीदना बंद कर दें तो आयात एक वर्ष के लिए रुक जाएगा जिससे 70 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा बाहर जाने से बचेगी।

अगर 1 वर्ष के लिए हम सोना आयात आधा यानि 50% तक कम कर पाएं तो लगभग 35 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बचेगी।

अगर हम 1 वर्ष के लिए तेल आयात मे 20% की कटौती कर पाएं तो हम लगभग 32 अरब डॉलर तक विदेशी मुद्रा बचा सकते हैं।

अगर हम 1 वर्ष के लिए खाद्य तेल मे 20% भी कटौती कर पाएं तो 4 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा बचा सकते हैं।

भारत को अपना फॉरेक्स रिजर्व बचाना है और बढ़ाना है। फॉरेक्स रिजर्व ही एक मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी बार बार हमसे यह अपील कर रहे हैं।

यह देश के प्रति हमारी देशभक्ति प्रमाणित करने का अवसर भी है। ऐसा करके हम भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बचा सकेंगे। हमारा करेंट अकाउंट डेफिसिट बहुत हद तक कंट्रोल/कम हो सकेगा। आने वाले आर्थिक संकट को हम टाल सकते हैं यदि हम प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से लेकर उनकी कही बातों का पालन करते हैं।

देश के प्रति दायित्वों का निर्वहन करने का ठेका केवल सरकार का नहीं है; हर देशवासी का भी है; कोरोना काल के बाद पुनः हमें यह अवसर मिला है।

अगर हमने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने देश को जिस मुकाम पर पहुंचाया है वो सब व्यर्थ हो जाएगा। देश पुनः आर्थिक कमजोरी और गरीबी के दलदल में धंसने लगेगा। फॉरेक्स रिजर्व कम होता जाएगा; FDI जाएगा; कम्पनियां बंद होंगी; रोजगार के अवसर खत्म होने लगेंगे। महंगाई इतनी बढ़ेगी जिसका हम सामना भी नहीं कर पाएंगे। ले दे कर हमारा ही नुकसान होगा; क्योंकि आर्थिक बोझ केवल देश की अर्थव्यवस्था पर ही नहीं; हमारी जेब पर भी पड़ेगा।

स्थिति भयावह हो उससे पहले ही हर परिस्थिति से निपटने के लिए सबको तैयार करना यही सच्चे नेतृत्व की निशानी है और पीएम मोदी की अपील बार बार हमसे यही कह रही है! कृपया इसे हल्के में न लें।

✍️ abhijeet srivastava

09/02/2026

जय सनातन 🙏

आयुर्वेदिक घी थेरेपी - घी - सिर्फ खाना नहीं, दो बूंद में पूरी जिंदगीअगर दुनिया की सारी औषधियों को रैंक दिया जाए , तो नंब...
09/02/2026

आयुर्वेदिक घी थेरेपी - घी - सिर्फ खाना नहीं, दो बूंद में पूरी जिंदगी
अगर दुनिया की सारी औषधियों को रैंक दिया जाए , तो नंबर-1 पर अगर किसी एक दवा का नाम आएगा…तो वो होगा - घी।

जी हां, आपके किचन में रखा वही साधारण सा घी।

और इसकी सिर्फ दो बूंद - आपको ही नहीं, आपकी आने वाली पूरी generation को नई जिंदगी देने की ताकत रखती हैं।

इसलिए बोला जाता है -

घी – दो बूंद जिंदगी की।

इस POST में तीन खास बातें समझेंगे:

घी में ऐसा क्या है जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी दवा बनाता है?
सिर्फ दो बूंद घी से कौन-कौन सी बीमारियां ठीक हो सकती हैं?
बच्चों के लिए जमीन-जायदाद छोड़ने से ज्यादा फायदेमंद क्यों है घी छोड़ना?

आयुर्वेद में घी = सर्वश्रेष्ठ दवा
आयुर्वेद में घी को सुप्रीम मेडिसिन का दर्जा दिया गया है।

खासकर गले के ऊपर की बीमारियों में।

मतलब:

सिर
बाल
आंख
कान
नाक
दांत
गला
ब्रेन

इन सब में घी नंबर-वन माना गया है।

इसीलिए चरक ऋषि ने साफ लिखा है —
उन्माद (मेंटल डिसऑर्डर) और अपस्मार (न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम) जैसी दिमाग की बीमारियों में घी सबसे श्रेष्ठ है।

घी ठंडा है – और ज़हर का दुश्मन
आयुर्वेद कहता है - घी का नेचर ठंडा होता है।

और सबसे बड़ी बात -
घी विषनाशक है।

आजकल:

केमिकल वाला खाना
खेतों में यूरिया, DDT
पॉल्यूशन
कॉस्मेटिक्स (लिपस्टिक, डियोड्रेंट)

हर जगह ज़हर भरा पड़ा है।

इन सब toxins को बाहर निकालने की ताकत घी में होती है।

घी और दिमाग – सुपर पावर कनेक्शन
घी की एक यूनिक क्वालिटी है।

ये तीनों चीजों पर एक साथ काम करता है:

धी – समझने की शक्ति
श्रुति – याद रखने की शक्ति
स्मृति – सही वक्त पर याद आने की शक्ति

ये तीनों प्रॉपर्टी एक साथ सिर्फ घी में मिलती है।

इसीलिए बच्चे हों या बुजुर्ग —
जिसे भी ब्रेन strong रखना है, उसे घी जरूर लेना चाहिए।

ज्यादा गुस्सा? दिमाग में गर्मी? घी लगाओ
जिन लोगों को:

जल्दी गुस्सा आता है
दिमाग हमेशा गरम रहता है
जवानी में बाल झड़ रहे हैं
बाल सफेद हो रहे हैं
आंखों की परेशानी है

इन सबके लिए घी बेस्ट है।

क्योंकि घी शरीर और दिमाग दोनों को ठंडा करता है।

गाय का घी क्यों खास है?
वैसे सभी घी अच्छे होते हैं।

पर आयुर्वेद में देसी गाय का घी सबसे ऊपर रखा गया है।
इसे सात्विक कहा गया है।

सात्विक मतलब -
जो दिमाग में अच्छे विचार लाए
और brain quality कई गुना बढ़ा दे।

नाक में घी? हां बिल्कुल – यही असली तरीका है
अगर आपके पास देसी गाय का घी है:

2–2 बूंद
हल्का गुनगुना
दाईं नाक में 2 बूंद
बाईं नाक में 2 बूंद

बस।

अब सुनते ही लोग मुंह बनाते हैं —
“… नाक में घी कौन डालता है?”

पर फायदे सुनोगे तो खुद दिन में 10 बार डालोगे।

नाक = दिमाग का दरवाजा
आयुर्वेद कहता है:

नासा ही शिरसो द्वार

मतलब — नाक-दिमाग का दरवाजा है।

जैसे घर में एंट्री दरवाजे से होती है,
वैसे ही ब्रेन तक दवा पहुंचाने का रास्ता नाक है।

इसी प्रक्रिया को पंचकर्म में कहते हैं — नस्य।

Modern science भी यही बोलती है
नाक और दिमाग के बीच एक खास bone होती है।

वहीं से nerves direct brain तक जाती हैं।

जब आप नाक में घी डालते हो -
तो nourishment सीधा brain तक पहुंचता है।

और brain का एक security gate होता है:

Blood Brain Barrier (BBB)
इस barrier को सबसे आसानी से पार करता है
इसलिए घी ultimate है।

कौन-कौन सी बीमारियां ठीक होती हैं?
कॉलर बोन के ऊपर की हर बीमारी:

सिर दर्द
बाल झड़ना
आंखों की कमजोरी
कान की समस्या
साइनस
पिंपल्स
गला
थायराइड
नींद ना आना
स्ट्रेस
टेंशन
पैरालिसिस
मेमोरी लॉस

सब में नस्य (नाक में घी) बेस्ट है।

बच्चे से बुजुर्ग तक – सबके लिए
5 साल से ऊपर कोई भी इसका यूज कर सकता है।

जिन्हें:

नींद नहीं आती
ज्यादा टेंशन है
ब्रेन वर्क ज्यादा है (स्टूडेंट, डॉक्टर, वकील, ऑफिस वाले)
गुस्सा बहुत आता है

सबके लिए रामबाण।

बच्चे ज्यादा शरारती हों?
रोज 2 बूंद — कुछ दिन में शांत।

बुजुर्गों की याददाश्त कमजोर?
घी लगाओ — धीरे धीरे सुधार।

कितनी बार डालें?
जब चाहो तब।

नहीं तो कम से कम:

सुबह
दोपहर
शाम
रात

3–4 बार जरूर।

शुरुआत में उंगली से भी लगा सकते हो।
फिर बूंद डालना शुरू करो।

घी जितना पुराना होता है — उतनी बड़ी दवा बनता है।
आयुर्वेद में हजारों साल पुराने घी का वर्णन है।

घी की कोई expiry नहीं।

पुराना घी = ज्यादा ताकतवर घी।

खासकर मानसिक रोगों में पुराना घी अमृत है।

घी = सोने से भी ज्यादा कीमती
चार्वाक ऋषि ने कहा था:

यावत जीवेत, सुखम जीवेत, ऋणं कृत्वा घृतं जीवेत

- उधार लेकर भी घी खाओ।

अब समझ आता है क्यों।
क्योंकि घी गोल्ड से भी ज्यादा पावरफुल है।

Final Line
दो बूंद घी -
आपके लाखों रुपए बचाएंगी,
घी को जिंदगी का हिस्सा बनाइए।

स्वस्थ रहिए।

आप घी कैसे यूज़ करते हैं? Comment में बताओ



#मेरा_भारत_महान

चीन को चीन के खेल में हराने वाले उत्तराखंड के मिक्स मार्शल आर्ट फाइटर चैंपियन अंगद बिष्ट जी ने देवभूमि उत्तराखंड ही नहीं...
17/10/2025

चीन को चीन के खेल में हराने वाले उत्तराखंड के मिक्स मार्शल आर्ट फाइटर चैंपियन अंगद बिष्ट जी ने देवभूमि उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का मान बढ़ाया है।
उतराखंड के पर्वतीय जिले रुद्रप्रयाग के रहने वाले एक युवक के कुछ कर गुजरने के दृढ़संकल्प ने उसे दुनिया के नक्शे में स्थापित कर दिया. अपनी मेहनत और लगन से उसने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

हम बात कर रहे हैं मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) वर्ल्ड चैंपियन अंगद बिष्ट (Angad Bisht MMA) की. वह फ्लाईवेट कैटेगरी में वर्ल्ड चैंपियन हैं. इस पेशे में आने की उनकी कहानी भी कुछ दिलचस्प नहीं है।

मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे अंगद मेडिकल की पढ़ाई के लिए देहरादून आए थे लेकिन किस्मत को तो कुछ और मंजूर था और आज वह जिस मुकाम पर हैं, उनके परिवार को नहीं बल्कि समूचे प्रदेश को उनपर गर्व है

फ़ोटो साभार: अंगद बिष्ट

जिसे मिर्च लगे वो पोस्ट ना पढे..👹👹👹जिसे अच्छी लगे वो शेयर अवश्य करेजम कर मोदी जी को गाली दो. लिजिये गिन लिजिये उनकी उपलब...
04/10/2025

जिसे मिर्च लगे वो पोस्ट ना पढे..👹👹👹
जिसे अच्छी लगे वो शेयर अवश्य करे

जम कर मोदी जी को गाली दो. लिजिये गिन लिजिये उनकी उपलब्धियाँ...

पहली उपलब्धि -

1. दुनिया के 25 सबसे ताकतवर देशों की हुयी सूची जारी, भारत आया नम्बर 3 पर, हम से आगे अमेरिका, रूस हैं।

यह है मोदी युग।

दूसरी उपलब्धि -

2. 1.4- 1.5 लाख करोड़ के पार पहुँचा जीएसटी का मासिक टैक्स कलेक्शन, ये है एक चाय वाले का अर्थशास्त्र।

तीसरी उपलब्धि -

3. नाथ सौर ऊर्जा संयन्त्र लगाने में, अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ , भारत पहुँचा दूसरे स्थान पर।

चौथी उपलब्धि -

4. 2024-25 में दो गुना हुआ, सौर ऊर्जा का उत्पादन, चीन और अमेरिका भी दंग है।

पाँचवी उपलब्धि -

5. भारत की आसमान छू रही, जीडीपी को देखकर, भारत की जीडीपी 8.2% , चीन की 6.7% और अमेरिका की 4.2%, अब भी कहेंगे, भारतीय की मोदी विदेश क्यों जाते हैं।

छठी उपलब्धि -

6. जल,थल और आकाश, तीनों क्षेत्रों से सुपरसोनिक मिसाइल दागने वाला, दुनिया का पहला देश बना भारत, ये है मोदी युग, अगर आपको गर्व हुआ हो, तो जय हिन्द लिखना न भूलें।

सातवीं उपलब्धि -

7. 70 सालों में पाकिस्तान को कभी गरीब नहीं देखा, लेकिन मोदी जी के आते ही पाकिस्तान कंगाल हो गया, दरअसल पाकिस्तान की कमायी का जरिया, भारतीय नकली नोटों का व्यापार था, जिसे मोदी जी ने ख़त्म कर दिया।

आठवीं उपलब्धि -

8. को भी पढ़ें, एक बात समझ में नहीं आयी, 2014 में कांग्रेसी रक्षामन्त्री ऐ. के. एन्टोनी ने कहा था, देश कंगाल है, हम राफेल तो क्या, छोटा जेट भी नहीं ले सकते, पर मोदी जी ने ईरान का कर्ज़ भी चुका दिया, राफेल डील भी करली, S-400 भी ले रहे हैं। शिप भी खुद बना रहे है आख़िर कांग्रेस के समय देश का पैसा कहाँ जाता था...?

नवीं उपलब्धि -

9. सेना को मिला बुलेटप्रूफ स्कार्पियो का सुरक्षा कवच, जम्मू कश्मीर में मिली सेना को 2500 बुलेटप्रूफ स्कार्पियो।

दसवीं उपलब्धि -

10. अब आपको बताती हूँ , भारत का इन 11 सालों में विकास क्या हुआ, अर्थ व्यवस्था में जापान को पीछे ढकेल नम्बर 4 बना।

ग्यारहवीं उपलब्धि -

11. ऑटो मार्केट में जर्मनी को पीछे छोड़ नम्बर 4 बना।

बारहवीं उपलब्धि -

12. बिजली उत्पादन में रूस को पीछे छोड़ नम्बर 3 बना।

तेरहवीं उपलब्धि -

13. टेक्सटाइल उत्पादन में इटली को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना।

चोदहवीं उपलब्धि -

14. मोबाइल उत्पादन में वियतनाम को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना।

पन्द्रहवी उपलब्धि -

15. स्टील उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना।

सोलहवीं उपलब्धि -

16. चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ नम्बर 1 बना*

सतरहवीं उपलब्धि -
17. एक अर्थशास्त्री द्वारा विदेशों में गिरवी रखा सोना वापिस लाया

18. हमेशा सोये रहने वाले हिन्दुओं में राष्ट्रवाद जगा दिया, पूरी दुनिया के सवा सौ करोड़ हिन्दुओं का एक भी राष्ट्र नहीं है। मैं इस काम को सबसे महत्वपूर्ण मानती हूँ।

आतंकियों का सफाया '8' महीनों में 230 आतंकियों को 72 हूरों के पास जहन्नुम में पहुँचाया*

कृपया करके - 2 मिनट का समय निकाल कर इसे देश हित में अवश्य शेयर करें विशेष रूप से मोदी जी से अविश्वास करने वाले लोगों को...!
😍😍😍💪💪💪🇮🇳🇮🇳🇮🇳😎😎😎

जय हिन्द जय भारत 🙏🇮🇳🙏🚩🇮🇳🇮🇳👑🇮🇳🌺🌹🚩☘️

04/10/2025
07/09/2025

Jai hind Jai Bharat🙏

दोस्तों पूरा पढे और सहमत है तो जय हिंद 🇮🇳  लिख कर शेअर अवश्य करे 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏जब अमेरिका का एक बड़ा नेता, डोनाल्ड ट्रंप, अ...
24/08/2025

दोस्तों पूरा पढे और सहमत है तो जय हिंद 🇮🇳 लिख कर शेअर अवश्य करे
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
जब अमेरिका का एक बड़ा नेता, डोनाल्ड ट्रंप, अपनी सोशल मीडिया पर चिल्लाया: "भारत पर 50% टैरिफ लगाऊंगा!"

यूरोपियन यूनियन ने शोर मचाया, जापान ने बैठकर सौदा करने की कोशिश की, और चीन ने सीधा पलटवार कर दिया।

लेकिन भारत?
बस शांत। न कोई भाग-दौड़, न वॉशिंगटन की तरफ दौड़, न कोई हड़बड़ी वाली मीटिंग। सिर्फ सन्नाटा...

क्यों....?
क्योंकि अमेरिका के साथ खेला हो गया..

टैरिफ के मार से भारत की "आह" तक नहीं निकली..
क्यों? क्या मोदी का घमंड था? या अंधा देशभक्ति का जोश?

नहीं...
बिलकुल नहीं...!! ये तो एक लंबी, गहरी साजिश थी,
जो 11 साल पहले शुरू हुई थी।

साल 2014....
मोदी प्रधानमंत्री बने ही थे, तभी NSA अजीत डोभाल ने उनसे कहा, "सर, अगर भारत सुपरपावर बनना चाहता है, तो अमेरिका का दबाव सहने की तैयारी करनी पड़ेगी।

असली दुश्मन चीन नहीं, बल्कि हमारी कमजोरियां हैं – डॉलर की जकड़न, तेल पर दूसरों का कब्जा, और हथियारों की निर्भरता।"

मोदी ने पूछा, "तो क्या करें?"

डोभाल ने जवाब दिया, "खतरे से दूर रहना है अमेरिका से दुश्मनी नहीं। लेकिन भारत पहले खाड़ी और अफ्रीका के देशों से दोस्ती बढ़ाये। अपनी नौसेना मजबूत करे, और अपना बाजार को हथियार बनाये।"

बस, योजना शुरू हो गई। जैसे कोई योद्धा अपना कवच गढ़ता है, वैसे ही साल दर साल ये चलती रही।

शुरुआत 2014 में 'मेक इन इंडिया' से।
फिर 2015 में कतर से गैस का सौदा दोबारा तय किया। 2016-17 में UPI और GST लाए, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने।

2018 में ईरान पर अमेरिकी पाबंदी आई, तो हमने अपना सिस्टम बनाया जो पाबंदी से बचाए।
2019 में इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी – अब सिर्फ जोड़ना नहीं, बल्कि पार्ट्स खुद बनाना। 2020 में PLI स्कीम, 1.97 लाख करोड़ की।

2021 में तेल का रिजर्व स्टॉक। 2022 में INS विक्रांत जहाज, UAE और ऑस्ट्रेलिया से व्यापार समझौते।

2023 में UPI को विदेश से जोड़ा, रुपए में व्यापार शुरू। 2024 में अग्नि-V मिसाइल टेस्ट, कतर से 20 साल का गैस डील, और चाबहार बंदरगाह।

और 2025 में सर्विस एक्सपोर्ट 387.5 अरब डॉलर तक पहुंचा, अमेरिका का 25% टैरिफ आया, लेकिन असर? जीरो।

ये घमंड नहीं था, भाई।
ये कवच था – मजबूत, अटूट।

2013 में GDP 1.86 ट्रिलियन डॉलर थी,
2025 में 4.19 ट्रिलियन – दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। PPP में 17.65 ट्रिलियन। रफ्तार 6-8%। गरीबी आधी हो गई। FDI 300 अरब$ से ऊपर।

हां, रास्ता कठिन था। टैक्स भारी पड़े, दर्द हुआ। लेकिन ये आग की परीक्षा थी, जो स्टील को मजबूत बनाती है। अब टैरिफ हमारी जंजीर नहीं, बल्कि हमारी ढाल से टकराते हैं।

वो पुराना भारत, जो अमेरिका के आगे झुकता था, वो खत्म हो चुका। यहां कोई राजा का नुमाइंदा नहीं, कोई कठपुतली नहीं।

अब हम अपनी चाय पीते हैं, अपने जहाज गिनते हैं, अपने समंदर की रखवाली करते हैं, और अपनी कमाई पर किसी की दया नहीं मांगते।

मोदी को गालियां मिलेंगी, आलोचना होगी।
लेकिन ये कवच भारत का है।

और अब सवाल पश्चिम से है: "जब भारत नहीं झुकेगा, तो तुम्हारा अगला दांव क्या होगा, साहब?"

क्योंकि उस इटालियन पप्पू से वोट-चोरी की कितनी भी नौटंकी करा लो मोदी ना तो रुकने वाला ना तो भारत अब झुकने वाला है।

कमेंट में जय हिन्द लिखना न भूलें...
जय हिन्द.... 🇮🇳

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06/07/2024

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