02/06/2026
पौराणिक महत्व: महाभारत के युद्ध के बाद पांडव अपने पापों (गोत्र हत्या) से मुक्ति पाने के लिए शिव की खोज में निकले थे। यहाँ शिव ने बैल का रूप धारण किया था, जिसे पांडवों द्वारा पहचाने जाने पर वे भूमि में अंतर्धान हो गए。यहाँ उनकी पीठ का भाग प्रकट हुआ