28/02/2023
एयर कन्डीश्नर और वास्तु शास्त्र
दोनों ही विषयों का आपस में दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है।
वास्तु शास्त्र का हर मूल सिद्धांत अगर आप बारीकी से जानेंगे तो पाएंगे कि वह आपको आपके घर के माध्यम से प्रकृति के करीब लाना चाहता है,
चाहे वह पुरवाई - पछवा का गणित हो, सूर्योदय व सूर्यास्त को लेकर घर की दिशा का विषय हो, जल निकासी सिद्धांत हो, अग्नि जैसी विषय वस्तु भी प्रकृति के अनुकूल ही आपके घर में स्थापित होती है ।
सर्दी का मौसम जा चुका है, होली भी करीब आ चली है, शहरों में पंखों की शुरुआत हो चुकी है, AC की सर्विस के मिस्त्री अपनी मशीने कंधों पर टांगे जगह जगह नजर आने लगे हैं, जल्दी ही AC शुरू भी हो जाएंगे ।
अब चूंकि इंसान टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इतना आगे निकल चुका है कि उसके रोज़मर्रा के आधे से अधिक उपकरण/Gadgets जैसे कि स्मार्टफोन, लैपटॉप आदि को ठंडा वातावरण चाहिए होता है, तो यह कहना बिल्कुल भी उचित ना होगा कि हम AC बंद करके टेक्नोलॉजी दरकिनार कर प्रगति के रास्ते बंद कर दें,
ब्लकि हम इतना ज़रूर कर सकते हैं जितना हो सके प्रकृति के दरवाज़े भी साथ में अपने जीवन के लिए लगातार खोलने का प्रयास करते रहें ।
उदाहरण के रूप में जब भी हमारे एयर कंडीशनर बंद हों, विशेष रूप से सुबह के वक़्त, हमे अपनी खिड़कियां अवश्य खोल देनी चाहिए जिससे प्राकृतिक व ताज़ा हवा /वातावरण आपके घर के अंदर स्थान प्राप्त कर सके।
यह आपके और हम सबके जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और बेहद उपयोगी भी ।।