28/08/2026
प्यार का सर्वपवित्र एक सँस्कार है रक्षाबंधन!
स्नेह और दुलार का ही अभिसार है रक्षाबंधन!!
कर्तव्य बोध की ही अमिट हुँकार है रक्षाबंधन!
आशीर्वाद की इक, अविरल धार हे रक्षाबंधन!!
समय के सँवेग से क्यूँ शून्य हो रहा रक्षाबंधन?
पारिवारिक मर्यादाओ का श्रँगार है रक्षाबंधन!!
किसी अभागे से पूँछो,क्यूँ पिता ने करवाया था?
कन्या भ्रूण हत्या का अपराध,किलकारी क्रँदन?
जब कन्याओ का जन्म भी धरा से विलुप्त हो,
फिर कौन कहेगा चलो भैया आज है रक्षाबंधन?
सर्वाधिकार सुरक्षित मौलिक रचनाकार
बोधिसत्व कस्तूरिया, एडवोकेट, कवि, पत्रकार
202 नीरव निकुंज, सिकँदरा, आगरा 282007
मोः9412443093