24/03/2026
के #प्रदर्शन और #शिकायत पर #सेंट #पैट्रिक पर #पांच #लाख का #जुर्माना, निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन कार्रवाई की शुरुआत.
लेकिन अभी नहीं मिला पूरा न्याय...
"नई किताबें वापस लो..वापस लो."
जब तक सेंट पैट्रिक की नयी किताबों पर रोक नहीं लगेगी तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा, पेरेंट्स से अनुरोध हमारा साथ देने के लिए आगे आयें.
#आगरा. शहर के सेंट पैट्रिक जूनियर कॉलेज पर ड्रेस और किताबों की अनिवार्यता व मनमानी के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई उन PAPA NGO के निरंतर प्रदर्शन और शिकायतों और जांच के बाद की गई जिनमें अभिभावकों पर निर्धारित दुकानों से ही महंगी किताबें और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आए थे.
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित आईजीआरएस बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शिक्षा संस्थानों में किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा. जांच में यह भी पाया गया कि कई विद्यालयों में सत्र शुरू होने से पहले ही बुक-लिस्ट जारी कर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों को अनिवार्य बनाया जा रहा था, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा था.
प्रशासन ने ऐसे विद्यालयों की पहचान कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि ब्लॉक स्तर पर विशेष अभियान चलाकर ड्रेस, किताब, नोटबुक व अन्य सामग्री की बिक्री के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए. साथ ही पूर्व में पाठ्यक्रम या ड्रेस बदलने वाले विद्यालयों की भी सूची तैयार कर कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी मनमानी दोहराई न जा सके.
पापा संस्था के दीपक सिंह सरीन द्वारा पिछले कई वर्षों से अभिभावकों के हित में चल रहे सतत प्रयासों और जनजागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि अब प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. यह कार्रवाई निजी स्कूलों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा को व्यापार बनाने की प्रवृत्ति पर अब कठोर निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई होगी.
प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ़ पेरेंट्स अवेयरनेस (PAPA NGO) का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है. ऐसे कदम अभिभावकों के विश्वास को मजबूत करने के साथ शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत और संतुलित बनाएंगे.
दीपक सिंह सरीन, राष्ट्रीय संयोजक, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ़ पेरेंट्स अवेयरनेस (PAPA NGO)