09/06/2017
*रिफाईन्ड तेल और वेस्टीज राइस ब्रान तेल का सत्य, मानो या न मानो.!*
क्या आपने कभी विचार किया कि आखिर
- जिस रिफाइंड तेल से आप अपनी और अपने छोटे बच्चों की मालिश नहीं कर सकते,
- जिस रिफाइंड तेल को आप बालों मे नहीं लगा सकते, उस हानिकारक तेल को कैसे खा लेते हैं ??
आज से 50 साल पहले तो कोई रिफाइन्ड तेल के बारे में जानता नहीं था, ये पिछले 20 -25 वर्षों से हमारे देश में आया है।
कुछ विदेशी कंपनियों और भारतीय कंपनियाँ इस धंधे में लगी हुई हैं।
तेल को साफ़ करने के लिए जितने केमिकल इस्तेमाल किये जाते हैं सब इनऑर्गेनिक होते हैं और *इनऑर्गेनिक केमिकल ही दुनिया में जहर बनाते हैं* और उनका कॉम्बिनेशन ही रोगी जीवन के तरफ ही ले जाता है.!
इसलिए-
रिफाइन्ड तेल और विशेषकर *डबल रिफाइन्ड तेल गलती से भी न खाएं..!*
फिर आप कहेंगे कि-
*" क्या खायें..? "*
तो आप शुद्ध तेल खाइए,
-सरसों का,
-मूंगफली का,
-तीसी का,
-नारियल का या फिर
-चावल की भूसी का (Rice Bran)
*रिफाइन्ड तेल* के खाने से कई प्रकार की बीमारियां होती हैं...
-घुटने दुखना,
-कमर दुखना,
-हड्डियों में दर्द
ये तो छोटी बीमारियां हैं,
सबसे खतरनाक बीमारी है,
*-हृदयघात (Heart Attack)*
*-पैरालिसिस*,
*-ब्रेन का डैमेज हो जाना*आदि॥
जिन-जिन घरों में पूरे मनोयोग से रिफाइन्ड तेल खाया जाता है उन्ही घरों में ये समस्या आप ज्यादा पाएंगे, अभी तो मैंने ये भी देखा है कि जिनके यहां रिफाइन तेल इस्तेमाल हो रहा है उन्हीं के यहां *Heart Blockage और Heart Attack* जैसी आम समस्याएं हो रही है।
आप कहेंगे कि तेल के माध्यम से हमें क्या मिल रहा ?
मैं बता दूँ कि हमको शुद्ध तेल से मिलता है HDL (High Density Lipoprotein),
ये तेलों से ही आता है हमारे शरीर में, वैसे तो ये लीवर में बनता है लेकिन शुद्ध तेल खाएं। जिससे आपका HDL अच्छा रहेगा और जीवन भर ह्रदय रोगों की सम्भावना से आप दूर रहेंगे।
*नोट -* रिफाइन्ड तेल के बारे में सारी दुनिया के रिसर्च बताते हैं कि इसमे ज्यादा ट्रांस-फैट है...
और *ट्रांस-फैट,* वो फैट हैं जो शरीर में कभी भी डिसॉल्व नहीं होते हैं, किसी भी तापमान पर डिसॉल्व नहीं होते यानी नही मिलते।
ट्रांस फैट जब शरीर में dissolve नहीं होता है यानी घुलता नहीँ है बल्कि वो बढ़ता जाता है और तभी हृदयघात होता है, ब्रेन हैमरेज होता है और आदमी पैरालिसिस का शिकार होता है, डाईबिटिज होता है, ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है।
इन सबसे बचने का बेहतरीन विकल्प है राइस ब्रान आयल।
इसमें ट्रान्स फैट जीरो परसेंट है।
इसलिये खुल के खाइये और खिलाइये *वेस्टीज राइस ब्रान आइल, वो भी भारतीय कम्पनी का, निश्चित तौर पर किसी भी MNC का नहीं, क्योंकि उन पर विश्वास करना मौत के कुएं में कूदने के बराबर है।*