24/08/2026
*समान नागरिकता और सम्मान का संकल्प*
हमारा संकल्प किसी जाति, धर्म या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान सम्मान, समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था के पक्ष में है।
हम मानते हैं कि भारत में हर नागरिक की गरिमा समान है। किसी व्यक्ति का सम्मान उसकी जाति, धर्म, भाषा या जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, चरित्र और मानवता से होना चाहिए।
हमारे संकल्प:
किसी भी जाति या समुदाय को गाली नहीं देंगे और न ही अपमानजनक भाषा का समर्थन करेंगे।
किसी नेता, कार्यकर्ता या राजनीतिक दल के समर्थक के प्रति अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे।
किसी दूसरे धर्म के प्रति घृणा, अपमान या हिंसा का समर्थन नहीं करेंगे।
अपने अधिकारों और अपनी बात को संविधान, कानून और लोकतांत्रिक तरीकों से मजबूती से रखेंगे।
चुनाव के समय हर नागरिक उम्मीदवारों और दलों की नीतियों, काम, ईमानदारी और जनहित के आधार पर स्वतंत्र रूप से अपना निर्णय ले।
शिक्षा, रोजगार, आर्थिक अवसर और सामाजिक सम्मान में वास्तविक समानता के लिए आवाज उठाएंगे।
समाज के भीतर आपसी गाली-गलौज, लड़ाई और एक-दूसरे की बुराई छोड़कर संवाद, सहयोग और संगठन को बढ़ावा देंगे।
शास्त्र का ज्ञान और लोकतांत्रिक विचार, तथा साहस और आत्मअनुशासन—दोनों को साथ लेकर चलेंगे।
किसी भी व्यक्ति से केवल उसकी जाति या धर्म के आधार पर दूरी बनाने या भेदभाव करने के बजाय उसके आचरण और विचारों को महत्व देंगे।
हमारा संघर्ष किसी इंसान के खिलाफ नहीं, अन्याय और भेदभाव के खिलाफ होना चाहिए।
हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें किसी नागरिक को अपने जन्म के कारण न विशेषाधिकार मिले और न अपमान सहना पड़े; हर व्यक्ति को सम्मान, अवसर और न्याय मिले।
एकता का अर्थ दूसरों से नफरत करना नहीं है।
एकता का अर्थ है—अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण, संगठित और संवैधानिक तरीके से खड़ा होना।
आइए, गाली नहीं—संवाद करें।
नफरत नहीं—सम्मान दें।
हिंसा नहीं—संविधान का रास्ता अपनाएँ।
बिखराव नहीं—समाज में सहयोग बढ़ाएँ।
समान नागरिकता, समान सम्मान और न्यायपूर्ण भारत—यही हमारा संकल्प है।