04/08/2024
सब कुछ खतम
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बहर में लिखी चंद पंक्तियां
२२१२,२२१२,२२१२,२२१२
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उसने हिदायत दी मुझे उसका खसम अब मैं नहीं ,
उसके लती लाखों यहाँ उसका सनम अब मैं नहीं ,
उसके सुना है इश्क़ के किस्से बहुत मशहूर हैं ,
अपनी उमर गुज़रे तपिश में लूँ जनम अब मैं नहीं ।
तुम सच कहो या झूठ बोलो दूँ कसम अब मैं नही ,
दिल हो गया पाषाण मेरा कुछ नरम अब मैं नही ,
तेरा करम मुझ पर सनम तू देख ले क्या हाल है ,
तू कर गई छलनी ज़िगर लूँगा ज़ख़्म अब मैं नहीं ।।
यह इक हकीकत हादसा तेरा बहम अब मैं नहीं ,
होंगे हज़ारों गम मगर इसका भरम अब मैं नहीं ,
यह कह रहा"आकाश"सुन ले बस हक़ीक़त है यही ,
यादें मुक़द्दस छोड़ दे सब कुछ ख़त्म अब मैं नही ।।।
✍️ आकाश चौहान
बबेरू जिला बांदा उत्तर प्रदेश
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