25/05/2021
जो अपने आप से नही जीत सकता वो दुनिया से नहीं जीत सकता और जो अपनी योगयता का 100 % नही दे सकता वो विजेता नही बन सकता .. जीतने की चाहत से ज्यादा जितने की योगयता पैदा करो और योगयता का सम्पूर्ण प्रयोग करने का जनून लेके आओ फिर कोई काम असम्भव नही ...
योगयता और योगयता का प्रयोग ही जीत का मार्ग प्रस्त करता है |