Rishi Singh Chandel

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09/08/2024
09/08/2024


उस पांच सितारा ऑडिटोरियम के बाहर प्रोफेसर साहब की आलीशान कार आकर रुकी , प्रोफेसर बैठने को हुए ही थे कि एक सभ्य सा युगल याचक दृष्टि से उन्हें देखता हुआ पास आया और बोला ," साहब , यहां से मुख्य सड़क तक कोई साधन उपलब्ध नही है , मेहरबानी करके वहां तक लिफ्ट दे दीजिए आगे हम बस पकड़ लेंगे । "

रात के साढ़े ग्यारह बजे प्रोफेसर साहब ने गोद मे बच्चा उठाये इस युगल को देख अपने "तात्कालिक कालजयी" भाषण के प्रभाव में उन्हें अपनी कार में बिठा लिया । ड्राइवर कार दौड़ाने लगा ।

याचक जैसा वह कपल अब कुटिलतापूर्ण मुस्कुराहट से एक दूसरे की आंखों में देख अपना प्लान एक्सीक्यूट करने लगा । पुरुष ने सीट के पॉकेट मे रखे मूंगफली के पाउच निकालकर खाना शुरू कर दिया बिना प्रोफेसर से पूछे /मांगे ।
लड़की भी बच्चे को छोड़ कार की तलाशी लेने लगी ।एक शानदार ड्रेस दिखी तो उसने झट से उठा ली और अपने पर लगा कर देखने लगी ।
प्रोफेसर साहब अब सहन नही कर सकते थे ड्राइवर से बोले गाड़ी रोको ,लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नही रोकी बस एक बार पीछे पलटकर देखा , प्रोफेसर को झटका लगा ,अरे ये कौन है उनके ड्राइवर के वेश में ?? वे तीनों वहशियाना तरीके से हंसने लगे , प्रोफेसर साहब को अपने इष्टदेव याद आने लगे ,थोड़ा साहस एकत्रित करके प्रोफेसर साहब ने शक्ति प्रयोग का "अभ्यासहीन " प्रयास करने का विचार किया लेकिन तब तक वह पुरुष अपनी जेब से एक लाइटर जैसा पदार्थ निकाल चुका था और उसका एक बटन दबाते ही 4 इंच का धारदार चाकू बाहर आ चुका था प्रोफेसर साहब की क्रांति समयपूर्व ही गर्भपात को प्राप्त हुई ।

प्रोफेसर साहब समझ चुके थे कि आज कोई बड़ी अनहोनी निश्चित है उन्होंने खुद ही अपना पर्स निकालकर सारे पैसे उस व्यक्ति के हाथ में थमा दिये लेकिन वह व्यक्ति अब उनके आभूषणों की तरफ देखने लगा, दुखी मन से प्रोफेसर साहब ने अपनी अंगूठियां ,ब्रेसलेट और सोने के चेन उतार के उसके हाथ में धर दिए , अब वह व्यक्ति उनके गले में एक और लॉकेट युक्त चैन की तरफ हाथ बढ़ाने लगा । प्रोफेसर साहब याचना पूर्वक बोले - इसे छोड़ दो प्लीज यह मेरे "पुरुखों की निशानी " है जो कुल परंपरा से मुझ तक आई है , इसकी मेरे लिए अत्यंत भावनात्मक महत्ता है । लेकिन वह लुटेरा कहां मानने वाला था उसने आखिर वह निशानी भी उतार ही ली ।
बिना प्रोफ़ेसर साहब के पता बताएं वे लोग उनके आलीशान बंगले के बाहर तक पहुंच गए थे ।
युवक बोला ," लो आ गया घर , ऐसे ढेर सूखे मेवे , कपड़े , पैसा और प्रोफेसर साहब की ल.......
उसकी आँखों मे आई धूर्ततापूर्ण बेशर्म चमक ने शब्द के अधूरेपन को पूर्णता दे दी ।

प्रोफेसर साहब अब पूरे परिवार की सुरक्षा एवं घर पर पड़े अथाह धन-धान्य को लेकर भी चिंतित हो गये उनका रक्तचाप उछाले मारने लगा लेकिन करें भी तो क्या ??
लगे गिड़गिड़ाने ," भैया मैंने आपको आपत्ती में देखकर शरण दी और आप मेरा ही इस तरह शोषण कर रहे हैं यह अनुचित है । ईश्वर का भय मानिए यह निर्दयता की पराकाष्ठा है ।अब तो छोड़ दीजिए मुझे भगवान के लिए ।
प्रोफेसर फूट फूट कर रोने लगे ।।

वे पति पत्नी अपना बच्चा लेकर कार से उतर गये और वह ड्राइवर भी , उनके द्वारा लिया गया सारा सामान उन्होंने वापस प्रोफेसर साहब के हाथ में पकड़ाया और बोले

" क्षमा कीजिएगा सर ! रोहिंग्या मुसलमानों के विषय मे शरणागत वत्सलता पर आज आपके द्वारा उस ऑडिटोरियम मे दिए गए "अति भावुक व्याख्यान" का तर्कसंगत शास्त्रीय निराकरण करने की योग्यता हममें नहीं थी अतः हमें यह स्वांग रचना पड़ा ।
"आप जरा खुद को भारतवर्ष और हमें रोहिंग्या समझ कर इस पूरी घटना पर विचार कीजिए और सोचिये की आपको अब क्या करना चाहिए इस विषय पर । "

वो मूंगफली नही इस देश का अथाह प्राकृतिक संसाधन है जिसकी रक्षार्थ यंहा के सैनिक अपना उष्ण लाल लहू बहाकर करते है सर , मुफ्त नही है यह ।
वो आपकी बेटी/बेटे की ड्रेस मात्र कपड़ा नही है इस देश के नागरिकों के स्वप्न है भविष्य के जिसके लिए यंहा के युवा परिश्रम का पुरुषार्थ करते है ,मुफ्त नही है यह ।
आपकी बेटी / पत्नी मात्र नारी नही है देश की अस्मिता है सर जिसे हमारे पुरुखों ने खून के सागर बहा के सुरक्षित रखा है , खैरात में बांटने के लिए नही है यह ।
आपका ये पर्स अर्थव्यवस्था है सर इस देश की जिसे करोड़ो लोग अपने पसीने से सींचते है , मुफ्त नही है यह ।

और आपके पुरुखों की निशानी यह चैन मात्र सोने का टुकड़ा नही है सर , अस्तित्व है हमारा , इतिहास है इस महान राष्ट्र का जिसे असंख्य योद्धाओ ने मृत्यु की बलिवेदी पर ढेर लगाकर जीवित रखा है , मुफ्त तो छोड़िए इसे किसी ग्रह पर कोई वैज्ञानिक भी उत्पन्न नही कर सकते ।

कुछ विचार कीजिये सर ! कौन है जो खून चूसने वाली जोंक को अपने शरीर पर रहने की अनुमति देता है , एक बुद्धिहीन चौपाया भी तत्काल उसे पेड़ के तने से रगड़ कर उससे मुक्ति पा लेता है ।

उस युवक ने वह लाइटर जैसा रामपुरी चाकू प्रोफेसर साहब के हाथ में देते हुए कहा यह मेरी प्यारी बहन जो आपकी पुत्री है उसे दे दीजिएगा सर क्योंकि अगर आप जैसे लोग रोहिंग्या को सपोर्ट देकर इस देश में बसाते रहे तो किसी न किसी दिन ऐसी ही किसी कार में आपकी बेटी को इसकी आवश्यकता जरूर पड़ेगी

#बांग्लादेशीऔररोहिंग्या को देश से निकालो....!!
साभार
*कृपया इस संदेश को उन लोगों तक पहुंचाएं जिनके मन में धर्मनिरपेक्षता का कीड़ा है।*
यह कहानी आस्तीन के सांप को समर्पित है

भगवान सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने पर...... भारतवर्ष के उजाले में वृद्धि के प्रतीक पर्व... मकर सक्रांति पर आपका ज...
15/01/2024

भगवान सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने पर......
भारतवर्ष के उजाले में वृद्धि के प्रतीक पर्व...
मकर सक्रांति पर आपका जीवन भी प्रकाश में प्रकाशमान हो ...आप सभी स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें और सूर्य की भाती अपने प्रकाश से विश्व को आलोकित करें ऐसी शुभेच्छा के साथ मकर सक्रांति पर्व की हार्दिक मंगलकामनाएं ,
शुभकामनाएं🙏🏻🙏🏻

पूर्ण विश्वास से लगे रहो तो समय बदलने में देर नहीं लगती। ये तस्वीर सबसे खूबसूरत उदाहरण है.
23/09/2023

पूर्ण विश्वास से लगे रहो तो समय बदलने में देर नहीं लगती। ये तस्वीर सबसे खूबसूरत उदाहरण है.

शायद कुछ सीखने को मिलेगा(  #खुदगर्ज_दुनिया ) आजकल कौन बनेगा करोड़पति विवाद के घेरे में है तो मुझे अमिताभ बच्चन से जुड़ा एक...
23/09/2023

शायद कुछ सीखने को मिलेगा
( #खुदगर्ज_दुनिया ) आजकल कौन बनेगा करोड़पति विवाद के घेरे में है तो मुझे अमिताभ बच्चन से जुड़ा एक पुराना वाक्या याद आ गया।

बिरला और अम्बानी तक के चक्कर काटे थे बच्चन परिवार ने , लेकिन मदद की थी अकेले अमर सिंह ने :-

ये बात अमर सिंह ने कुछ वर्ष पूर्व अपने इंटरव्यू में बताई थी । बकौल अमर सिंह - " अनिल अंबानी के यहां एक भोज था. अमिताभ बच्चन ने संदेश दिया कि इस दौरान आप मुझसे मिलें. मैंने कहा कि हमारे आपके संबंध में अनिल अंबानी का क्या काम है ? हम सीधे मिल लें.लेकिन अमिताभ अड़ गए कि वंही मिलते है"

"तब उन्होंने अनिल अंबानी के भोज में अनिल के सामने कहा कि सहारा के बोर्ड से आप भी निकल गए, मुझे, जया और एश्वर्या को भी निकलवा दिया. आपने सहारा से निकलने के लिए हमें ग़लत सलाह दी और वहां बोनी कपूर को रखवा दिया. आपने कितना ग़लत किया. हम लोग सक्षम लोग हैं और अपनी ज़िंदगी जी सकते हैं."

अनिल अंबानी यह सुनकर अवाक रह गए . जया बच्चन वंन्हा खड़ी खड़ी मुस्कुराने लगी .

चूंकि वहां अनिल अंबानी बैठे हुए थे इसलिए अमर सिंह चुप रहे. लेकिन फिर अमर ने अमिताभ को लताड़ते हुए कहा कि "जब आप चौतरफ़ा क़र्ज़ में डूबे हुए थे और आप ने कुमार मंगलम बिरला और अंबानी से लेकर बसंत बिरला तक का चक्कर काटा और किसी ने आपको एक पैसा भी नहीं दिया, उस समय आपकी सक्षमता का क्या हुआ ? उस वक्त ये अमर सिंह न होता तो आप दर दर की ठोकरे खा रहे होते "।अमिताभ ये सुनकर रुआंसे हो गए और सर झुकाकर खड़े हो गए. थोड़ी देर बाद वो अमर सिंह के पास गए और बोले- " जया ने घर मे हंगामा मचाया हुआ है . उसका दिल रखने के लिए मुझे यह बात आपको अनिल के सामने बोलनी पड़ी. लेकिन आपने अच्छा किया जो उसके सामने सच्चाई बयान कर दी"

असल मे अमिताभ सहित उनका पूरा परिवार जया बच्चन की हरकतों ,अड़ियल व्यवहार और बेतुके बोलों से परेशान है. ये बात सब जानते हैं कि अमिताभ बच्चन एक अलग घर 'प्रतीक्षा' में रहते हैं. जया बच्चन एक अलग घर में रहती हैं और अभिषेक बच्चन एक अलग घर में रहते हैं. एक छोटे से परिवार के तीन लोग तीन जगह रहते हैं, यह बात जगजाहिर है, पूरी मुंबई देखती है.

हाल ही में पूरे परिवार को कोविड 19 हुआ लेकिन जया बच्चन को नही हुआ. क्योंकि परिवार के सदस्य भी जय से यदाकदा ही मिलते है .

आज जिस फिल्म इंडस्ट्री के बचाव की आड़ में बॉलिवुड के ड्रग्स माफिया का बचाव करने की सीमा भी जया बच्चन लांघ रही है उसी फिल्म इंडस्ट्री के लोग अमिताभ और जया बच्चन की उस भिखमंगई के दौर में अपना बकाया पैसा वसूलने के लिए अमिताभ और जया बच्चन के घर पर गुंडों और लफंगों को भेजने लगे थे . डिम्पल कपाड़िया ने तो उन्हें इतना परेशान किया था कि अमिताभ ने अपने इंटरव्यू तक मे इसका जिक्र किया. डिम्पल तो अपना पैसा वसूलने के लिए अमिताभ और जया बच्चन के घर में घुसकर जमकर गाली गलौज करने लगी थी.

अतः रविकिशन और कंगना रानौत पर "जिस थाली में खाने, उसी थाली में छेद करने" का आरोप लगा रही जया बच्चन को यह याद कराना, बताना जरूरी है कि बॉलिवुड के ड्रग्स माफिया के विरुद्ध आवाज उठाने को "जिस थाली में खाना, उसी थाली में छेद करना" नहीं कहते.
इसके बजाय जिन अमर सिंह ने अकेले अपने दम पर अमिताभ और जया बच्चन को उनकी उस भिखमंगई के नरक से निकाल कर सफ़लता सम्पन्नता समृद्धि और सम्मान के शिखर पर दोबारा बैठाया हो. अपनी उंगली पकड़ा कर देश के सर्वोच्च सदन राज्यसभा में ले जाकर बैठाया हो. उन अमर सिंह को जब मदद की आवश्यकता पड़ी तो उनकी मदद के लिए उनके पक्ष में खड़े होने के बजाय जया बच्चन उन अमर सिंह के शत्रु के साथ खड़ी हो गयी थी और जया बच्चन ने अमर सिंह पर प्रहार करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी.

अपनी उपरोक्त करतूतों को जया बच्चन पता नहीं क्या कहती समझती है, लेकिन इस देश का आम आदमी ऐसी करतूतों को "जिस थाली में खाना, उसी थाली में छेद करना" ही कहता और समझता है।
आज अमर सिंह जिंदा नही हैं।अंतिम समय मे अमर सिंह और अमिताभ के बीच खटास इतनी बढ़ गयी थी कि अमिताभ अमर सिंह को देखने एक बार भी अस्पताल जाना भी मुनासिब नही समझा।
साभार

*गुरु पूर्णिमा पर नमन है उन समस्त गुरुओं को जिनकी जलाई ज्योति से दीप्तिमान है धर्म जागरण की मशाल तथा बचा हुआ है सनातन**आ...
03/07/2023

*गुरु पूर्णिमा पर नमन है उन समस्त गुरुओं को जिनकी जलाई ज्योति से दीप्तिमान है धर्म जागरण की मशाल तथा बचा हुआ है सनातन*

*आज #गुरु_पूर्णिमा के पावन अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना है कि वो सभी गुरुओं को तेजस्वी, परिश्रमी एवं पराक्रमी योद्धा शिष्यों के निर्माण की शक्ति प्रदान करें जो धर्मध्वजा को पुनः स्थापित कर मानव जाति से अधर्म का नाश करें।*

*की शुभकामनाएँ.*🙏🏻💐💐💐

*देवशयनी एकादशी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के दिन पड़ने वाली एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं. ऐसा माना जाता है देवशयनी एक...
29/06/2023

*देवशयनी एकादशी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के दिन पड़ने वाली एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं. ऐसा माना जाता है देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु का शयनकाल शुरु हो जाता है. इसी वजह से इस एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं.*
*इस दिन से करीब 4 महीने तक देवतागण शयन करते हैं. देवशयनी एकादशी के दिन से चातुर्मास शुरु हो जाता है. इस बीच मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक लग जाती है. शादी, सगाई जैसे काम इस दौरान नहीं होते. इस एकादशी के 4 महीने के बाद प्रबोधिनी एकादशी पड़ती है जिस दिन भगवान विष्णु जागते है. उस दिन से मांगलिक कार्य शुरु हो जाते हैं.*
*देवशयनी एकादशी तिथि प्रारंभ- 29 जून गुरुवार रात 3:18 पर शुरु होगी.*
*देवशयनी एकादशी तिथि समाप्त- 30 जून शुक्रवार रात 2: 42 पर समाप्त होगी.*
*देवशयनी एकादशी व्रत का पारण 30 जून को दोपहर 1:48 मिनट से 4:36 मिनट तक किया जा सकता है.*
*ऐसा माना जाता है कि आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी से कार्तिक मास की एकादशी तक भगवान विष्णु ने पाताल लोक में निवास करने का वचन दिया. यही कारण है कि चातुर्मास में भगवान विष्णु पाताल लोक में निद्रासन में चले जाते हैं. तो आप इस पवित्र पर एकादशी का व्रत कर सकते हैं. इस दिन व्रत रखने से श्री हरि भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है.*

इमिलिया गुरुदयाल जलजमाव और सड़क के किनारे गड्ढों से परेशान हैंNeha Sharma IAS - unofficial Prateek Bhushan Singh
29/06/2023

इमिलिया गुरुदयाल जलजमाव और सड़क के किनारे गड्ढों से परेशान हैं

Neha Sharma IAS - unofficial
Prateek Bhushan Singh

*🚩🙏🏻ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः🙏🏻🚩*महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं सुरेश्वरी।हरिप्रिया नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं परमेश्वरी।। जय...
23/06/2023

*🚩🙏🏻ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः🙏🏻🚩*
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं सुरेश्वरी।
हरिप्रिया नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं परमेश्वरी।।
जय नारायण जय लक्ष्मी माता 🙏🏻
*🚩🙏🏻🥀सुप्रभात 🥀🙏🏻🚩*

22/06/2023

*🚩🙏🏻ॐ नमो भगवते वासुदेवाय:🙏🏻🚩* *🚩🛕🙏🏻जय जगन्नाथ जी🙏🛕🚩*
यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे:।
सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा:।
ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो
यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम:🌹
*🌷ॐ नमो नारायणा🌷*. *🥀सुप्रभात 🥀*

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