Raju Dairy buth

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*भगवान की  दया  तो  हर वक्त होती है़..**लेकिन* *हम कमजोर जीव महसूस तभी करते हैं..जब  मुसीबत में होतें  हैं.🙏 🌹*सुप्रभात*...
11/12/2021

*भगवान की दया तो हर वक्त होती है़..*
*लेकिन*
*हम कमजोर जीव महसूस तभी करते हैं..जब मुसीबत में होतें हैं.🙏 🌹*सुप्रभात*🌹🙏

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹      यच्च किञ्चित् जगत् सर्वं दृश्यते श्रूयतेऽपि वा ।      अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः ॥...
09/12/2021

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
यच्च किञ्चित् जगत् सर्वं दृश्यते श्रूयतेऽपि वा ।
अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः ॥
अनन्तं अव्ययं कविं समुद्रेन्तं विश्वशम्भुवम् ।
पद्म कोश प्रतीकाशं हृदयं च अपि अधोमुखम् ॥

🙏🚩 ्री_लक्ष्मीनारायण 🚩🙏

🌹श्री हरि हर कष्टों से आप सभी की रक्षा करें🌹

🙏आप सभी खुश रहें स्वस्थ रहें🙏

सुप्रभातशुभ गुरुवारॐ साई नमो नमः🌹🌹🌹🌹🌹
09/12/2021

सुप्रभात
शुभ गुरुवार
ॐ साई नमो नमः
🌹🌹🌹🌹🌹

🌹🙏🏼राम सीता की विवाह पंचमी 🌹🙏🏼🌹की हार्दिक शुभकामनाएं मित्रों🌹🌹🙏🏼🌹🙏🏼🌹🙏🏼🌹🙏🏼🌹🙏🏼
08/12/2021

🌹🙏🏼राम सीता की विवाह पंचमी 🌹🙏🏼
🌹की हार्दिक शुभकामनाएं मित्रों🌹
🌹🙏🏼🌹🙏🏼🌹🙏🏼🌹🙏🏼🌹🙏🏼

।। ऊँशिवगोरक्षऊँ ।। ।। मकर राशिस्थ केतु का गोचरफल नववर्ष से वर्षान्त तक।। मेष--अपने भी परायों जैसा व्यवहार करेंगे, व्यय ...
05/12/2021

।। ऊँशिवगोरक्षऊँ ।।

।। मकर राशिस्थ केतु का गोचरफल नववर्ष से वर्षान्त तक।।
मेष--अपने भी परायों जैसा व्यवहार करेंगे, व्यय अधिक, रोग व शत्रुभय झंझट बढ़ेंगे --उपाय --घरकी नींव के पत्थर के पास दूध व शहद दबावें, चाँदी के बर्तन में शहद रखें, 48 वर्ष की आयु वाले घर में कुत्ता पालें।

*वृषभ --धनलाभ अल्प, आराम कम, संघर्ष अधिक, दुर्घटना से चोटादि का भय, वाहनादि पर खर्च हो ---उपाय --टॉप्स या बालियों के रूप में कानों में सोना पहने, घर में पूजाघर में सोना रखें।

* मिथुन --धन हानि, रोग व शत्रुभय, विद्या में विघ्न, परिवार व सेहत सम्बन्धित चिंता, खर्च अधिक रहे --उपाय ---पूजालयों में काले -सफेद रंग के कम्बल दान करें, काले सफेद रंग के कम्बलों के टुकड़े शमशान भूमि में 21 नग गाड़े।

* कर्क ---कुटुंब में किसी प्रियजन से वैमनस्य, खर्च अधिक, किसी से धोखा मिले ---उपाय --चार-चार कोयले चार दिन बहते पानी में डालें, चार दिन तक प्रतिदिन चार -चार नींबू बहते पानी में डालें, कोयलों के साथ ले जायें, वापस ना देखें।

* सिंह --निज पराक्रम से धन लाभ होगा, बिगड़े कार्यो में सुधार, शुभ समाचार मिलेंगे।

*कन्या ---लाभ कम व खर्च अधिक होगा, घरेलू कलह क्लेश के कारण मन अशांत रहे, लम्बी यात्रा का योग ---उपाय -----सात गुरुवार गाय को हल्दी, गुड़ मिलाकर मिठी रोटी खिलायें, प्रातः पीपल में पानी,हल्दी, दूध व शक्कर मिलाकर सींचे व घी का दीपक करें,लोहे की सन्दूक के ताला ना लगायें, दरवाजों के लोहे के ताले ना लगायें।

*तुला --संघर्ष के बाद गुजारे योग्य आय के साधन बनेंगे, सवारी सुख की प्राप्ति, परन्तु घरेलू झंझट व अशांति रहे ---पूजालयों में गुरु की वस्तुओं का दान करें, कुल -पुरोहित की सेवा करें।

* वृश्चिक ---गत किये कार्यो में सफलता प्राप्त होगी, धन लाभ, किसी मित्र की सहायता से बिगड़े कार्य बनेंगे।

* धनु ---वृथा दौड़ धूप एवं खर्च अधिक रहे, हानि, भय, शरीर कष्ट व घरेलू उलझने बढ़ेगी ----उपाय ---सदाचार का निरंतर पालन करें, नौ वर्ष से कम आयु की कन्याओं की सेवा करें।

* मकर ----संघर्ष अधिक, आय कम व खर्च ज्यादा, क्रोध अधिक रहे ----उपाय ---काला या सफेद अथवा दुरंगा कुत्ता पालें या ऐसे कुत्ते की देखभाल करें, लाल रंग का रूमाल जेब में रखे।

* कुंभ ---बनते कार्यों में अड़चने, आय कम खर्च अधिक, तनाव से स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहे ----उपाय ---तिल, नीबू व केले का दान करें, काले -सफेद तिल बहते पानी में डालें, घर में काला -सफेद कुत्ता पालें या ऐसे कुत्ते की सेवा करें, नौ वर्ष से कम आयु की कन्याओं को खट्टी चीजें दें, गणेश चतुर्थी का उपवास करें व गणेश पूजन करें।

* मीन ---धनलाभ साधारण, भूमि वाहनादि भौतिक सुख की प्राप्ति, परन्तु संघर्ष अधिक रहे ----काला कुत्ता पालें या ऐसे कुत्ते की देखभाल करें, पत्नी रात्रि को दूध पियें, कोयले, रेवड़ी, बताशे, ताँबे के टुकड़े, 21- 21 नग साथ में गाय का दूध 100 ग्राम चलते पानी में पति-पत्नी दोनों अपने ऊपर से 7 बार उल्टी तरफ से ऊसार कर चलते पानी में डालें, सात बुधवार को गायों को हरा चारा व गुड़ यथाशक्ति दें।

।। शिवशक्ति सर्व भक्तों की मनोकामनाएं परिपूर्ण करें ।।
।। ऊँशिवगोरक्षऊँ।।

*🚩जय श्री सीताराम जी की 🚩**आप सभी श्रीसीतारामजीके भक्तों को प्रणाम*🌹🙏🙏🙏🙏🙏🌹*श्री रामचरित मानस अयोध्या काण्ड**जनक-वशिष्ठाद...
05/12/2021

*🚩जय श्री सीताराम जी की 🚩*
*आप सभी श्रीसीतारामजीके भक्तों को प्रणाम*
🌹🙏🙏🙏🙏🙏🌹
*श्री रामचरित मानस अयोध्या काण्ड*
*जनक-वशिष्ठादि संवाद, इंद्र की चिंता, सरस्वती का इंद्र को समझाना*

*आपु आश्रमहि धारिअ पाऊ।*
*भयउ सनेह सिथिल मुनिराऊ॥*
*करि प्रनामु तब रामु सिधाए।*
*रिषि धरि धीर जनक पहिं आए॥3॥*

भावार्थ:-अतः आप आश्रम को पधारिए। इतना कह मुनिराज स्नेह से शिथिल हो गए। तब श्री रामजी प्रणाम करके चले गए और ऋषि वशिष्ठजी धीरज धरकर जनकजी के पास आए॥3॥

*राम बचन गुरु नृपहि सुनाए।*
*सील सनेह सुभायँ सुहाए॥*
*महाराज अब कीजिअ सोई।*
*सब कर धरम सहित हित होई॥4॥*

भावार्थ:-गुरुजी ने श्री रामचन्द्रजी के शील और स्नेह से युक्त स्वभाव से ही सुंदर वचन राजा जनकजी को सुनाए (और कहा-) हे महाराज! अब वही कीजिए, जिसमें सबका धर्म सहित हित हो॥4॥

दोहा :
*ग्यान निधान सुजान सुचि*
*धरम धीर नरपाल।*
*तुम्ह बिनु असमंजस समन*
*को समरथ एहि काल॥291॥*

भावार्थ:-हे राजन्! तुम ज्ञान के भंडार, सुजान, पवित्र और धर्म में धीर हो। इस समय तुम्हारे बिना इस दुविधा को दूर करने में और कौन समर्थ है?॥291॥

चौपाई :
*सुनि मुनि बचन जनक अनुरागे।*
*लखि गति ग्यानु बिरागु बिरागे॥*
*सिथिल सनेहँ गुनत मन माहीं।*
*आए इहाँ कीन्ह भल नाहीं॥1॥*

भावार्थ:-मुनि वशिष्ठजी के वचन सुनकर जनकजी प्रेम में मग्न हो गए। उनकी दशा देखकर ज्ञान और वैराग्य को भी वैराग्य हो गया (अर्थात उनके ज्ञान-वैराग्य छूट से गए)। वे प्रेम से शिथिल हो गए और मन में विचार करने लगे कि हम यहाँ आए, यह अच्छा नहीं किया॥1॥

*रामहि रायँ कहेउ बन जाना।*
*कीन्ह आपु प्रिय प्रेम प्रवाना॥*
*हम अब बन तें बनहि पठाई।*
*प्रमुदित फिरब बिबेक बड़ाई॥2॥*

भावार्थ:-राजा दशरथजी ने श्री रामजी को वन जाने के लिए कहा और स्वयं अपने प्रिय के प्रेम को प्रमाणित (सच्चा) कर दिया (प्रिय वियोग में प्राण त्याग दिए), परन्तु हम अब इन्हें वन से (और गहन) वन को भेजकर अपने विवेक की बड़ाई में आनन्दित होते हुए लौटेंगे (कि हमें जरा भी मोह नहीं है, हम श्री रामजी को वन में छोड़कर चले आए, दशरथजी की तरह मरे नहीं!)॥2॥

*तापस मुनि महिसुर सुनि देखी।*
*भए प्रेम बस बिकल बिसेषी॥*
*समउ समुझि धरि धीरजु राजा।*
*चले भरत पहिं सहित समाजा॥3*

भावार्थ:-तपस्वी, मुनि और ब्राह्मण यह सब सुन और देखकर प्रेमवश बहुत ही व्याकुल हो गए। समय का विचार करके राजा जनकजी धीरज धरकर समाज सहित भरतजी के पास चले॥3॥

*भरत आइ आगें भइ लीन्हे।*
*अवसर सरिस सुआसन दीन्हे॥*
*तात भरत कह तेरहुति राऊ।*
*तुम्हहि बिदित रघुबीर सुभाऊ॥4॥*

भावार्थ:-भरतजी ने आकर उन्हें आगे होकर लिया (सामने आकर उनका स्वागत किया) और समयानुकूल अच्छे आसन दिए। तिरहुतराज जनकजी कहने लगे- हे तात भरत! तुमको श्री रामजी का स्वभाव मालूम ही है॥4॥

दोहा :
*राम सत्यब्रत धरम रत*
*सब कर सीलु स्नेहु।*
*संकट सहत सकोच बस£
*कहिअ जो आयसु देहु ॥292॥*

भावार्थ:-श्री रामचन्द्रजी सत्यव्रती और धर्मपरायण हैं, सबका शील और स्नेह रखने वाले हैं, इसीलिए वे संकोचवश संकट सह रहे हैं, अब तुम जो आज्ञा दो, वह उनसे कही जाए॥292॥

चौपाई :
*सुनि तन पुलकि नयन भरि बारी।*
*बोले भरतु धीर धरि भारी॥*
*प्रभु प्रिय पूज्य पिता सम आपू।*
*कुलगुरु सम हित माय न बापू॥1॥*

भावार्थ:-भरतजी यह सुनकर पुलकित शरीर हो नेत्रों में जल भरकर बड़ा भारी धीरज धरकर बोले- हे प्रभो! आप हमारे पिता के समान प्रिय और पूज्य हैं और कुल गुरु श्री वशिष्ठजी के समान हितैषी तो माता-पिता भी नहीं है॥1॥

*कौसिकादि मुनि सचिव समाजू।*
*ग्यान अंबुनिधि आपुनु आजू॥*
*सिसु सेवकु आयसु अनुगामी।*
*जानि मोहि सिख देइअ स्वामी॥2॥*

भावार्थ:-विश्वामित्रजी आदि मुनियों और मंत्रियों का समाज है और आज के दिन ज्ञान के समुद्र आप भी उपस्थित हैं। हे स्वामी! मुझे अपना बच्चा, सेवक और आज्ञानुसार चलने वाला समझकर शिक्षा दीजिए॥2॥

*एहिं समाज थल बूझब राउर।*
*मौन मलिन मैं बोलब बाउर॥*
*छोटे बदन कहउँ बड़ि बाता।*
*छमब तात लखि बाम बिधाता॥3॥*

भावार्थ:-इस समाज और (पुण्य) स्थल में आप (जैसे ज्ञानी और पूज्य) का पूछना! इस पर यदि मैं मौन रहता हूँ तो मलिन समझा जाऊँगा और बोलना पागलपन होगा तथापि मैं छोटे मुँह बड़ी बात कहता हूँ। हे तात! विधाता को प्रतिकूल जानकर क्षमा कीजिएगा॥3॥

*आगम निगम प्रसिद्ध पुराना।*
*सेवाधरमु कठिन जगु जाना॥*
*स्वामि धरम स्वारथहि बिरोधू।*
*बैरु अंध प्रेमहि न प्रबोधू॥4॥*

भावार्थ:-वेद, शास्त्र और पुराणों में प्रसिद्ध है और जगत जानता है कि सेवा धर्म बड़ा कठिन है। स्वामी धर्म में (स्वामी के प्रति कर्तव्य पालन में) और स्वार्थ में विरोध है (दोनों एक साथ नहीं निभ सकते) वैर अंधा होता है और प्रेम को ज्ञान नहीं रहता (मैं स्वार्थवश कहूँगा या प्रेमवश, दोनों में ही भूल होने का भय है)॥4॥
*🚩जय श्री सीताराम जी की 🚩*

ऐसी राह दिखाओ राम...जहाँ पाप- मोह, बँधन ना हो,जहाँ धर्म , सत्य हमारी नियती हो।स्वार्थ - द्वेष और लोभ ना हो।ऐसी राह दिखाओ...
03/12/2021

ऐसी राह दिखाओ राम...

जहाँ पाप- मोह, बँधन ना हो,
जहाँ धर्म , सत्य हमारी नियती हो।
स्वार्थ - द्वेष और लोभ ना हो।

ऐसी राह दिखाओ राम...

⛳जय सिया राम ⛳⛳जय हनुमान ⛳

🌷🌷मंगल प्रभात वन्दन मित्रों 🌷🌷

01/03/2021

Consultation Regarding Stone disease, Urinary infection, Prostate disease, Cancer of kidney, bladder

20/11/2020
02/06/2019

#आवसीयक सुचना #
सभी भाई मेरी बात सुनो ओर आगे भेजो
कवी जसुदान जी चारण गांव ढाढरवाला । फलोदी
जरूरी कागजात रखे हुवे थे मेरे पास दो बेग मे जो कोई भाई भुलि से वो बेग ले गया उस भाई से विनती है वो बेग जल्दी से वापस पहुंचाये
राजु डेयरी बुथ तिलक नगर
9982303235
आप सभी भाई से विनती हे अपने जानकार से पूछो
बादनू वाली बस की सवारी थी समझो
बादनू लिखमीसर साइड के भाईयो आपकी मेहनत से ये काम हो सकता है

कैप्सूल खा के बनाई हुई बॉडी,जमीन बेचकर आया हुआ पैसा,फेसबुक पर उपजा हुआ प्रेम औरव्हाट्सएप्प पर पाया हुआ ज्ञानकभी नहीं टिक...
14/03/2019

कैप्सूल खा के बनाई हुई बॉडी,
जमीन बेचकर आया हुआ पैसा,
फेसबुक पर उपजा हुआ प्रेम और
व्हाट्सएप्प पर पाया हुआ ज्ञान
कभी नहीं टिकता 👌👌👌👌

Hello good morningJai Shri Ganesh Om Ganeshaya namah🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔*सत्यानुसारिणी लक्ष्मीःकीर्तिस्त्यागानुसारिणी।* *अभ्यास स...
27/02/2019

Hello good morning
Jai Shri Ganesh
Om Ganeshaya namah
🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔
*सत्यानुसारिणी लक्ष्मीःकीर्तिस्त्यागानुसारिणी।*
*अभ्यास सारिणी विद्या बुद्धिः कर्मानुसारिणी।।*
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*भावार्थ -* जहाँ सत्य होता है, वहीं लक्ष्मी का निवास होता है, कीर्ति सदा उसी की रहती है, जो त्याग करता है, विद्या सदा अभ्यास करने वाले के पास ही रहती है तथा जिसके जैसे कर्म होते हैं, उसकी बुद्धि भी तदनुसार ही कार्य करती है।
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*आपका आज का दिन परम प्रसन्नता से परिपूर्ण रहे, इस मंगलकामना के साथ
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26-2-2019

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