25/12/2024
सिन्घु घाटी सभ्यता संथाल सभ्यता
(संथाली इतिहासकार मनु हेम्ब्रोम की डॉयरी से)
सिन्धु सभ्यता के लोगों की खोज:-
कहाँ गए सिन्धु सभ्यता के लोग? क्या बारह लाख साठ हजार वर्ग किलोमीटर लगभग के विशाल क्षेत्रफल में फैली महान सभ्यता को सिन्धु नदी की बाढ निगल गई? असंभव ! क्या कोई महामारी या महायुद्ध इतने बडे क्षेत्रफल के सभी लोगों को समाप्त कर सकती है? यह भी संभव नहीं है,चाहे जितना भी बडा संकट क्यों न आया हो, कुछ लोग तो जरूर भागकर बचे होंगे? अगर ये जीवित हैं तो क्यों हमारे इतिहासकार इन लोगों तक नहीं पहुँच पाए,या किसी ने इन्हें ढूढने की कोशिश ही नहीं की।अगर किसी ने कोशिश भी की, तो भाषा की विभिन्नता के कारण शायद उन तक न पहुँच पाया हो,या इनका कोई मौखिक प्रमाण या लिखित इतिहास ही न हो। तो क्या हमारे इतिहासकारों ने इन्हें जीवित होते हुवे ही मृत घोषित कर डाला,हाँ मेरे प्यारे देस्तो इतिहासकारो ने इनके साथ सरासर नइन्साफी की है।जिते जी इन्हे खोजे बिना ही मार डाला । जबकि इनका मौखिक प्रमाण और लिखित इतिहास दोनो तरह के साक्ष्य इनकी अपनी भाषा में मौजूद है।सिर्फ इसको पहचाना नहीं जा सका था।अगर इनके लिखित इतिहासों का अनुवाद राष्ट्रभाषा हिन्दी में कर दी जाय तो सिन्धू -सभ्यता से संबंधित बहुत से रहस्यों से पर्दा उठ सकता है .इनके बहुत सारी किताबें देवनागरी और रोमण लिपि में लिखे गए हैं परंतु इनकी भाषा अपनी है,जिसके कारण ये अबतक हिंदी जगत से अछूत रहे है . डेढ साल के कठिन परिश्रम के बाद,मैने सिन्धु सभ्यता के लोगो को खोजकर इनकी पहचान की,इसलिए दावा करता हुँ कि मैने सिंधु सभ्यता के लोगो की खोज की !
1-तो आइए जानते है मैंने इनकी खोज कैसे की?
2-उस समय उनका समाजिक जीवन कैसे था ?
3-उनका शासन व्यवस्था कैसे था ?
4-ये कैसे गुम हुवे,और कहाँ गये ?
5-अभी ये कहाँ और किस हाल में हैं ?
1.सबसे पहले जानते हैं कि यह सभ्यता किस काल में विकसित हुई ?सिन्धु सभ्यता की तिथि अलग-अलग इतिहासकारों के आधार पर अलग -अलग है.किसी किताबों में इसकी तिथि 4000ई.पुर्व,किसी में (3300-1700)ई .पू .,रेडिओकार्बन कार्बन14 जैसी नयी पद्धति के आधार पर सिन्धु -सभ्यता की सर्वमान्य तिथि 2300ई .पू .से 1700ई .पू .मानी गयी है .
सिन्धु -सभ्यता की तिथि को जान लेने के बाद आइये जानते हैं भारत के प्रमुख़ जातियाँ और उनके इतिहास के बारे में ज