17/09/2020
जानिए कब आता है अधिक मास ?
अधिक मास 3 सालों में एक बार आता है। इस बार अधिक मास 18 सितम्बर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक रहेगा। वैसे तो हर वर्ष पितृपक्ष समाप्त होते ही शारदीय नवरात्री आरम्भ हो जाती है। लेकिन इस बार पितृपक्ष के ख़त्म होने पर नवरात्री शुरू नहीं होगी और जिसकी वजह से उन दिनों में अधिक मास रहेगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार अधिक मास हर 3 साल में सूर्य और चन्द्रमा के बीच संतुलन बनाने के लिए आता है। अधिक मास को मल मास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है।
अधिक मास का महत्त्व:
अधिक मास का महत्त्व बताने के लिए एक कथा सुनाई जाती है। ये कथा हिरण्यकश्यप नामक राक्षस के बारे में है। हिरण्यकश्यप अमर होना चाहता था और भगवान विष्णु को अपना बहुत बड़ा शत्रु मानता था। हिरण्यकश्यप ने अमर होने के लिए ब्रह्मा जी की तपस्या करनी शुरू कर दी। ब्रह्मा जी हिरण्यकश्यप की तपस्या से प्रसन्न होकर प्रकट हो गए और उन्होंने हिरण्यकश्यप से बोला कि तुम अमर होने के आलावा और कोई भी वरदान मांगलो। तो फिर हिरण्यकश्यप ने बड़ी ही चतुराई से ब्रह्मा जी से वरदान ले लिया कि साल के 12 महीनो में उनकी मृत्यु नहीं होनी चाहिए और ब्रह्मा जी ने तथास्तु बोल दिया। इसके बाद हिरण्यकश्यप अमर हो गया और धरती पर उसके पाप बढ़ते ही चले गए। हिरण्यकश्यप धरती पर कब्ज़ा करना चाहता था। जिसको देखकर विष्णु जी ने उसका वध करने के लिए एक तेरवाह महीना बनाया अधिक मास और इस अधिक मास में उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध कर दिया था।