01/12/2020
उम्र केवल 14 साल लेकिन बिज़नेस की समझ बेमिसाल
हौसला उम्र का मोहताज नहीं होता, ज़िंदगी में कुछ बड़ा करने का ज़ज्बा हो तो लोग अपने लक्ष्य को हासिल कर ही लेते है। कुछ ऐसे ही अपने हौंसलों को एक लंबी उड़ान दी है पुलकित सचदेवा ने, जो केवल 14 साल की उम्र में अपनी काबिलियत और मेहनत के दम Bada Business के एक बिज़नेस कंसलटेंट बने हैं। पुलकित सचदेवा डॉ विवेक बिंद्रा की उस कोट को फोलो करते है जिसम वह कहते हैं कि - "लक्ष्य को पाने की चिंगारी रखो सीने में,संघर्ष से मत डरो तभी मज़ा आता है जीने में " अर्थात 14 साल के पुलकित ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे पहले डॉ विवेक बिंद्रा द्वारा शुरू किया Bada Business के Everything About Entrepreneurship को ज्वाइन किया। EAE कोर्स को ज्वाइन करने के बाद मानों पुलकित की ज़िंदगी एकदम से बदल गई हो।
इस कोर्स को ज्वाइन करने से बिज़नेस के बारे में जानने को काफी कुछ मिला और बिज़नेस को समझने का भरपूर मौका मिला। इसके साथ ही व्यापार के बड़े - बड़े दिग्गजों जैसे डॉ विवेक बिंद्रा, परितोष शर्मा और अन्य करोड़पति बिज़नेमैन के बारे में काफी कुछ जानने का मौका मिला। इसके साथ ही इस कोर्स को ज्वाइन करने से पुलकित को Online Reputation Management , Zero Dollar Marketing, सेल्स को कैसे बढ़ा सकते हैं? इत्यादि जैसी चीज़ों के बारे में पता चला। लगभग 4 महीने तक EAE कोर्स से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने के बाद वो Bada Business के IBC बने। IBC ज्वाइन करने के बाद पुलकित Bada Business के बड़े - बड़े दिग्गजों से मिले और उनसे ट्रेनिंग ली।
"भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है,दूसरों पर रखो तो कमज़ोरी बन जाती है" पुलकित ने खुद पर विश्वास रखा और अपने दृढ निश्चय के साथ आगे बढ़ते चले गए, उन्हें खुद पर इतना ज्यादा यकीन था कि उनकी मेहनत बर्बाद नहीं जायेगी और वो अपनी ज़िंदगी में जरूर सफल होंगे। पुलकित का मानना है कि जिसने ज़िंदगी जीने का सलीक़ा सीख लिया, वो कुछ भी कर सकते हैं। IBC बनने के लिए उन्हें सीखने को काफी कुछ मिला,लेकिन उनका ग्रोथ नहीं हो पाया। मगर पुलकित ने खुद पर भरोसा रखा और आगे बढ़ते चले गए, वो कहते है इंतज़ार का फल मीठा होता है, ठीक ऐसा ही पुलकित के साथ भी हुआ। 3 महीने बाद उनके बिज़नेस में काफी प्रॉफिट हुआ, उनके कारोबार में 10 एक्स ग्रोथ हुआ। पुलकित इस ग्रोथ का श्रेय बड़ा बिज़नेस के लोगों को देते हैं, क्योंकि उन्हीं की बदौलत आज इतने कम उम्र में खुद की कंपनी चला रहे हैं।
"खुद को मत बदलो दूसरों को दिखाने के लिए, खुद को बदलो लक्ष्य को पाने के लिए" पुलकित ने सिर्फ और सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान दिया और उसी को पाने की चाह में आगे बढ़ते चले गए।