28/09/2025
रात में पैर की ऐंठन अक्सर थकी हुई मांसपेशियों और तंत्रिका संबंधी समस्याओं के कारण होती है, लेकिन यह निर्जलीकरण, कुछ दवाओं, या मधुमेह और गुर्दे की समस्याओं जैसी अंतर्निहित स्थितियों से भी जुड़ी हो सकती है. इससे राहत पाने के लिए खूब पानी पिएँ, सोने से पहले पैरों को स्ट्रेच करें, और भारी चादरों से बचें. अगर ऐंठन लगातार होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि इसके लिए सही उपचार की ज़रूरत हो सकती है.
रात में पैर की ऐंठन के संभावित कारण
थकी हुई मांसपेशियाँ: दिन भर की गतिविधि के बाद मांसपेशियाँ थक सकती हैं, जिससे ऐंठन आ सकती है.
निर्जलीकरण: शरीर में पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन का खतरा बढ़ जाता है.
दवाएँ: कुछ दवाएँ, खासकर डाययूरेटिक्स (पेशाब बढ़ाने वाली दवाएँ), रात में पैर में ऐंठन पैदा कर सकती हैं.
अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियाँ: मधुमेह से होने वाली तंत्रिका क्षति, गुर्दे की विफलता, और रक्त प्रवाह की समस्याएँ भी ऐंठन का कारण बन सकती हैं.
गर्भावस्था: गर्भवती महिलाओं में पैरों में ऐंठन होना आम है, क्योंकि शरीर में तरल पदार्थ और खनिज का संतुलन बदल सकता है.
घर पर किए जाने वाले उपाय
हाइड्रेटेड रहें: दिन भर पर्याप्त पानी पिएँ, खासकर व्यायाम करने या गर्म मौसम में.
पैरों की स्ट्रेचिंग: सोने से पहले अपनी पिंडलियों और हैमस्ट्रिंग को स्ट्रेच करने से ऐंठन कम हो सकती है.
सोने की स्थिति बदलें: पैरों को नीचे की ओर करके सोने से बचें. अपनी पीठ के बल सोने की कोशिश करें और घुटनों के पीछे तकिया रखें.
ढीली चादरें: भारी या टक की हुई चादरों से बचें, क्योंकि ये आपके पैरों को नीचे की ओर धकेल सकती हैं.
सपोर्टिव फुटवियर पहनें: सही और सपोर्टिव जूते पहनने से मांसपेशियों में ऐंठन से बचाव हो सकता है.
डॉक्टर से कब मिलें
यदि पैर में ऐंठन बार-बार होती है और आपकी नींद में खलल डालती है.
यदि आप किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या (जैसे मधुमेह या गुर्दे की समस्या) से पीड़ित हैं.
यदि घरेलू उपाय काम नहीं कर रहे हैं.