21/01/2023
ताइवान अमरूद की खेती से 20 लाख कमाए
ताइवान अमरूद आज के समय में किसानो की मनपसंद खेती बन रही है क्योंकि भारत में यह सबसे ज्यादा लाभदायक फलो की फसलों में से एक है। ताइवान अमरूद की खेती इसलिए चर्चा में आ रही है क्योंकि यह साल में दो बार फसल देता है और पौधा लगाने के 6 महीने बाद ही यह फल देेने लग जाता हैं। आप अपने घर पर ही ताइवान अमरूद के पौधे को तैयार कर सकते है। ताइवान अमरूद की खेती करने के लिए आपको इन कुछ बातो के बारे में ध्यान होना चाहिए (पोधो की रोपण परिक्रिया ,पोधो के बीच में अंतर ,पोधो की खेती करने का तरीका ,हर एकड़ में कितने पौधे लगते है ,पोधी की देखभाल करना ,पोधो की कटाई कब और कैसे करना )ताइवान अमरूद को कम्पोस्ट युक्त, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में रोपित करें । अमरूद वहां उगेंगे जहां मिट्टी का पीएच 4.5 से 9.4 के बीच हो; एक तटस्थ पीएच 6.0 से 7.0 इष्टतम है।ताइवान अमरूद को नीची जगहों पर न लगाएं जहां ठंडी हवा और क्रॉस जम सकें। ताइवान अमरुद लगाने से पहले भूमि को गहराई तक जोत ले। ताइवान अमरूद लगाने से पहले जो पिछले साल की खरपतवार बची होती है उसको हटा दे। अगर जमींन उपजाऊ नहीं है तो जमींन में पोस्टिक तत्व डाले जैसे की यूरिया ,FMY आदि इसके इलावा आप गोबर की जैविक खाद के साथ डी ए पी मिलाकर भी डाल सकते है। अमरुद के पौधे लगाने के लिए आपको गड्डे तैयार करने होंगे।
पोधो को लगाने की परिक्रिया
ताइवान अमरूद के पोधे को लगाने से पहले आपको यह ध्यान में रखना की आपकी जमींन में पानी कभी भी ज्यादा समय तक न खड़ा रहे। वैसे देखा जाये तो इस अमरुद की खेती मानसून आने के एक महीने पहले से की जाती है और इसके इलावा अगर आपके पास नहरी पानी का स्त्रोत है तो आप अमरुद की खेती आसानी से कर सकते हो। पोधो के रोपण से पहले हर एक गड्डे में आपको उचित मात्रा में यूरिआ ,पोटेसियम ,फार्मयार्ड खाद और सुपरफास्फेट खाद को खोदी गयी मिटी के साथ मिलाना है और गड्डे को 45 cm तक भर देना है उसके बाद गड्ढे के बिलकुल बीच में पौधे को लगा देना है ,पौधे को जमींन की सतह से लगभग 20 cm नीचे तक लगाना है। एक एकड़ में आप इस अमरुद के लगभग 300 से 400 पौधे लगा सकते है।