29/10/2021
Story 📈🏆
#श्रीमती इंद्रा नुई (CEO पेप्सिको)
*रिसेप्शनिस्ट से पेप्सिको की सीईओ बनने तक का ‘श्रीमती इंद्रा नूई’ के जीवन का दिलचस्प सफर*
“मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।“
इस बात को प्रमाणित करने का काम किया है। पेप्सिको कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ रहीं श्रीमती इंद्रा कृष्णमूर्ति नूई (Indra Nooyi) ने। जिन्होंने अपने हौसलों और अपनी मेहनत के दम पर पहली भारतीय महिला सीईओ (CEO) बनने का गौरव प्राप्त किया है। कभी कॉलेज की फीस के लिए रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली इंद्रा नूई अब 177 करोड़ रुपए सालाना की सैलरी पाती हैं। वह पेप्सिको (Pepsico) की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chairperson and CEO) रह चुकी हैं। साल 2018 में नूई, पेप्सिको के सीईओ के पद से रिटायर हुईं थीं। वह 2007 से 2019 तक पेप्सिको की अध्यक्ष रहीं। आज दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं में उनका नाम शुमार है। तमिलनाडु में जन्मीं श्रीमती इंद्रा कृष्णमूर्ति नूई के लिए फर्श से अर्श तक पहुंचने का सफर तय करना इतना आसान नहीं था। आइए जानते हैं उनके जीवन का प्रेरणादायी सफर।
बचपन से ही करना चाहती थी कुछ बड़ा
28 अक्टूबर 1955 में तमिलनाडु के एक छोटे से गांव के एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मीं इंद्रा कृष्णमूर्ति नूई के पिता एक सामान्य नौकरी करते थे। इंद्रा नूई के सपने बचपन से ही बहुत बड़े थे। इंद्रा नूई की मां अक्सर अपनी बेटियों से पूछतीं कि वे बड़ी होकर क्या बनना चाहती हैं। दोनों बहनों में से जो बेहतर जवाब देती, उसे इनाम मिलता था। मां द्वारा ऐसा करने का खास कारण था। वे चाहती थीं कि इंद्रा और उनकी बहन चंद्रिका बेहतरीन काम करने के बारे में सोच सकें। वे अपने जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देख सकें। मां के कारण ही इंद्रा नूई (Indra Nooyi) ने हमेशा कुछ अलग करने का सपना देखा था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा होली एन्जिल्स एंग्लो इंडियन हायर सेकेंडरी स्कूल मद्रास में हुई। जिसके बाद उन्होंने 1974 में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता से 1976 में मैनेजमेंट में मास्टर की डिग्री प्राप्त की।
पढ़ाई के साथ की रिसेप्शनिस्ट की नौकरी
1978 में श्रीमती इंद्रा नूई (Indra Nooyi) ने येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (Yale School of Management) में दाखिला लिया था। यहां से 1980 में सार्वजनिक व निजी प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की। नूई जब येल में पढ़ रही थीं तो उन्होंने नाइट शिफ्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर भी काम किया ताकि वह अपने पहले जॉब इंटरव्यू के लिए एक वेस्टर्न सूट खरीदने के लिए पैसे जुटा सकें। वो पढ़ाई के साथ- साथ रिसेप्शनिस्ट का काम भी करती थीं।
कभी बिज़नेस सूट की वजह से होना पड़ा था शर्मिंदा
श्रीमती इंद्रा नूई (Indra Nooyi) अमेरिका में जब पहली बार जॉब इंटरव्यू देने जा रही थीं तो उनके पास कोई बिज़नेस सूट नहीं था। उन्होंने 50 डॉलर एक सूट पर खर्च कर दिए। वह इसे पहनकर देखना चाहती थीं लेकिन पहले कभी चेंजिंग रूम का इस्तेमाल न करने की वजह से यह उनके लिए काफी असुविधाजनक था। इंटरव्यू वाले दिन नूई ने देखा कि उनकी जैकेट काफी बड़ी है और स्लैक्स थोड़ी छोटी है। इंटरव्यू वाली जगह पर सब नूई को देखकर हंस रहे थे, जो काफी शर्मिंदा करने वाला था। नूई का इंटरव्यू तो ठीक गया लेकिन वह अपने पहनावे से आहत और निराश थीं। वह इंटरव्यू हॉल से निकलकर रोते हुए अपनी करियर डेवलपमेंट डायरेक्टर Jane Morrison के पास गईं और रोते हुए उन्हें सब बता दिया। जेन ने जब पूछा कि नूई भारत में होतीं तो क्या पहनतीं तो नूई का जवाब था साड़ी। इस पर उनका डायरेक्टर सलाह देता है कि अगली बार साड़ी ही पहनना।
ऐसे हुई करियर की शुरूआत
श्रीमती इंद्रा नूई (Indra Nooyi) ने समर इंटर्नशिप के जरिए बॉम्बे में परमाणु ऊर्जा विभाग में काम किया। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने अपना करियर 'जॉनसन एंड जॉनसन' के साथ शुरू किया और प्रोडक्ट मेनेजर के तौर पर कंपनी को अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने मुंबई में एक कपड़ा कंपनी के साथ भी नौकरी की। उन्होंने बूज एलेन हैमिलटन में भी इंटर्नशिप की थी। साल 1980 में येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से पोस्ट ग्रेजुएट होने के बाद वह बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) में शामिल हुईं, जहां उन्होंने 6 साल कंसल्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद वह Motorola और इंजीनियरिंग कंपनी Asea Brown Boveri (ABB) में एग्जीक्यूटिव की पोजिशन पर रहीं।
ऐसे बनी पेप्सिको की सीईओ
साल 1994 में श्रीमती इंद्रा नूई (Indra Nooyi) पेप्सिको कंपनी के साथ कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी व डेवलपमेंट की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर जुड़ीं। जब उन्होंने पेप्सिको को जॉइन किया, उस वक्त अमेरिका की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में से एक में भी महिला सीईओ (CEO) नहीं थी। साल 2001 में उन्हें कंपनी का सीएफओ बनाया गया और पांच साल बाद यानी 2006 में वह कंपनी की चेयरमैन व सीईओ बन गईं। 2006 में अमेरिका में 11 महिला सीईओ थीं। श्रीमती इंद्रा नूई, पेप्सिको की 5वीं और पहली महिला सीईओ थीं। साथ ही एक फॉर्च्यून 50 कंपनी चलाने वाली पहली अश्वेत महिला थीं। साल 2018 में उन्होंने CEO के पद को छोड़ अमेजॉन कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में जाने का फैसला किया था।
पद्मभूषण सहित कई सम्मानों से हो चुकी हैं सम्मानित
श्रीमती इंद्रा नूई (Indra Nooyi) दुनिया की बेहतरीन सीईओ में गिनी जाती हैं। नूई को कई सारी पत्रिकाओं की प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल किया जा चुका है। 2014 में फोर्ब्स की विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्ट में नूई को 13वां स्थान मिला था। साल 2015 में फॉर्च्यून ने सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्ट में इंद्रा नूई को दूसरी सबसे शक्तिशाली महिला का स्थान दिया था। भारत सरकार ने साल 2007 में श्रीमती इंद्रा नूई को देश के सर्वोच्च सम्मान में से एक पद्म भूषण पुरस्कार से नवाजा था।
अपने जीवन पर लिख चुकीं है किताब
श्रीमती इंद्रा नूई (Indra Nooyi) ने अपनी पूरी जिंदगी को 300 पन्नों की एक किताब में समेटा दिया है। उन्होंने "माई लाइफ इन फुल: वर्क, फैमिली एंड अवर फ्यूचर (My Life in Full: Work Family and Our Future)" नाम की किताब लिखी है। नूई की यह किताब एक संस्मरण है, जिसमें उन्होंने बाल्यकाल से लेकर पेप्सिको की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने तक की उन घटनाओं का ब्योरा दिया है।
श्रीमती इंद्रा नूई (Indra Nooyi) का मानना है कि, “सपने देखो तो बड़े देखो, तभी तो उन्हें पूरा कर पाओगे। ज़मीन से आसमान तक का सफर इतना आसान नहीं होता है। परेशानियां आना तो इसका पार्ट है।“ 12 साल तक पेप्सिको कंपनी की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर रहने वाली इंद्रा नूई (Indira Nooyi) ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर अपनी सफलता की कहानी (Success Story) लिखी है। इंद्रा नूई आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत (Inspiration) हैं। Bada Business इंद्रा नूई (Indira Nooyi) की मेहनत और उनके कार्यों की तहे दिल से सराहना करता है।
Gopal Yadav
Business Consultant
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