20/05/2026
नतीजें और नतीजा मीठे का भाग ०१
एक कहावत
इतने मीठे ना बनो ज़माना कोहलु में पीस देगा और इतने कड़वे ना बनो ज़माना थूक देगा
मीठो में मीठा गन्ना माना जाता है
उसे कोहलु में पीस उसका गुणगान रस पीने के काम आता है अनेकों रोगों का इलाज करता है
पीसना गन्ने की एक कष्टप्रद स्थिति है
उसके बाद अग्नि पर पकाया जाता है व उस भट्टी में ईंधन के रूप में गन्ने का सूखा हुआ इस्तेमाल किया जाता है गन्ने के लिए यह स्थिति अत्यंत पीड़ादाई है
रस के पकने पर गुड बनकर प्रकट होता है लेकिन गन्ने का शेष कोई अंश उसके साथ नहीं होता हैं
गन्ने के लिए इससे अधिक पीड़ादाई स्थिति कि कल्पना नहीं की जा सकती
ये सारी पीड़ादाई स्थिति हरे-भरे गन्ने के लिए उसके सफर के मध्य के नतीजे मात्र होते हैं गन्ने का नतीजा उससे तैयार होने वाला गुड़ व शक्कर है जो गुणों से भरपूर है लेकिन उस स्थिति में उसका कोई स्वरूप उसके पास नहीं होता हैं
गन्ने के सारे हिस्से उसे गुड़ व शक्कर बनाने में नष्ट हो जाते हैं अपने से बिछड़ने के दुख व पीड़ा का अनुभव सभी को होता है लेकिन जितना गन्ने को होता है उसकी कल्पना भी रौंगटे खड़े करतीं हैं
गुड़ को ज्योतिष शास्त्र में सूर्य रूपी ऊर्जा स्त्रोत का कारक माना जाता है सूर्य के असर को सकारात्मक बनाए रखने के लिए गूड का सेवन करना चाहिए और विशेष रूप से गर्मी के मौसम में जल ग्रहण करने से पहले गुड़ का सेवन करना चाहिए इससे सादा जल नुकसान नहीं करता है।
सूर्य सम्मान का सूचक भी होता है अब जिसे समाज में सम्मान प्राप्त होता है उसके साथ उसके परिवार का कोई नहीं होता है क्योंकि गन्ने जैसी स्थिति होनी निश्चित है
अब यदि आप मीठे है तो कष्टों के नतीजे ना देखें अपना नतीजा देख चलते रहे जो छूटता है छूट जाने दें वरना नतीजा आपके इन्तजार में तरसता ही रह जाएगा