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18/04/2016
आज 8 अप्रैल 2016 को सभी मित्रों को मेरी तरफ से अपने आर्यावृत के वैदिक नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दिल से
08/04/2016

आज 8 अप्रैल 2016 को सभी मित्रों को मेरी तरफ से अपने आर्यावृत के वैदिक नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दिल से

त्वचा की देखभाल के घरेलु नुस्खे एक बार पढकर देखें, पूरा लेख पढने के लिए निचे वाली तस्वीर पर क्लिक करें
10/03/2016

त्वचा की देखभाल के घरेलु नुस्खे एक बार पढकर देखें, पूरा लेख पढने के लिए निचे वाली तस्वीर पर क्लिक करें

tips for fair skin tips in hindi, aaj ki is dhul bhari jindgi men chehre ki dekhbhal karna kafi jaruri ho gya hae. yadi aap apni skin ka dhyan na rahen

07/03/2016

apj abdul kalam quotes in hindi , apj abdul kalam ke anmol vachan यंहा 20 कलाम जी के सबसे अच्छे अनमोल विचार दिए गए हैं इन्हें एक बार जरुर पढ़ें

13/02/2016

Gharelu nuskhe for pink lips in hindi me

Gharelu nuskhe se hoto ko fatne se bachane ke tarike ye gharelu nuskhe apna kar aap apne hoto ko fatne se bacha sakte haen. yadi aap ye gharelu nuskhe apnaye ge to aap apne hoto ko shurksh*t kar payenge.

Pura lekh padhne k liye is link pr click kre
Or apne sujhav jrur de jisse ek achcha lekh likhne me sahyta ho dhanywad

www.bharatyogi.net/2016/02/gharelu-nuskhe-tips-for-pink-lips.html

07/02/2016

motivational short stories for kids in hindi बच्चे की देख भाल करना और अच्छी शिक्षा देना हर माता पिता का कर्तव्य है और hindi kahani इस में अपना अलग ही योगदान रखती है

06/02/2016

Secret To Success story in hindi एक सेठजी की अपनी दुकान थी। बही मेहनत से अपने कारोबार को बढाया। अच्छी-खासी कमाई भी होती थी। सेठजी का इकलौता पुत्र था।

31/12/2015

Dolphins डोल्फिन कभी भी किसी भी वक्त आधे दिमाग के साथ सो सकती हैं। और समय समय पर अपने दिमाग को स्विच करती रहती हैं।

चेहरे की सुन्दरता के उपाय beauty tipsआलू- आलू उबाल कर छीलकर इसके छिलकों को चेहरे पर रगड़े, इससे मुँहासे ठीक हो जाते हैँ।...
20/10/2015

चेहरे की सुन्दरता के उपाय beauty tips

आलू-

आलू उबाल कर छीलकर इसके छिलकों को चेहरे पर रगड़े, इससे मुँहासे ठीक हो जाते हैँ।

जायफल-
(1) जायफल को कच्चे दूध में घिस कर इसमें दस काली मिर्च मिलाकर पीसकर चेहरे पर लेप करें। दो घंटे बाद चेहरा धो लें। मुँहासे ठीक हो जायेंगे।
(2) जायफल को बारीक पीसकर महीन कपडे में छान लें। इसे गाय के कच्चे दूध में मिलाकर गाढा मिश्रण तैयार करें दिन में चार बार चेहरे पर लगाने से दाग, धब्बे दूर होते हैं।
chehre ko sundar banane ke upay
निम्बू-
(1) त्वचा पर जहाँ कंही भी चकत्ते (Freckles) हों, उन पर नींबू का टुकडा रगड़ें नींबू में फिटकरी भरकर रगड़े। इससे चकत्ते हल्के पड़ जायेंगे और त्वचा में निखार आयेगा।
(2) नींबू के रस में समुद्र का झाग पीसकर मिला लें। रात को मुँह पर हुए धब्बे पर इसे लगायें। कुछ दिनों में धब्बे साफ हो जायेंगे। समुद्र का झाग न मिलने पर केवल नींबू का रस ही रगड़े। आंखों के नीचे काले दागों पर नीबू का रस दूध की मलाई में मिलाकर लगाये।
(3) नीबू के छिलके गर्दन पर रगड़ने से गर्दन का कालापन दूर होता है।
(4) नीबू का रस व शहद बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से त्वचा का रंग निखर जाता है।
(5) नींबू के रस में मलाई और थोड़ा-सा बेसन मिलाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा चमक उठती है और खुषकी दूर हो जाती है।
(6) संतरे के छिलकों को सुखाकर पीस ले। इसमें नारियल का तेल व थोडा सा गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा कोमल बनी रहती है।
(7) संतरे के छिलके व नीबू के छिलके को बारीक पीसकर दूध में मिला दें और फिर इसे चेहरे पर लगाने से निखार आ जाता है।
How to make your own face masks

सफाई वाला मास्क- beauty tips
1 बडा चम्मच मुल्तानी मिटूटी, 3 बड़े चम्मच दही, 1 चाय का चम्मच शहद मिलाकर यह लेप बनायें और चेहरे पर लगायें। यह त्वचा की गहरी सफाई करता है। यह बन्द रोमकूप खोलता है। मृतकोष तथा त्वचा की गंदगी को हटा कर उसे साफ-सुथरां बनाता है।


तैलीय त्वचा के लिए मास्क- Oily skin face mask home remedies
1 बडा चम्मच मुल्तानी मिटटी में 3 बड़े चम्मच संतरे का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह मास्क त्वचा के दाग-धबों को दूर करने के लिए बेहतरीन है। इससे त्वचा की अतिरिक्त तेलियता दूर होती है।

डीप क्लींजिंग मास्क - Deep cleansing face mask at home
एक बडा चम्मच चने के आटे में थोड़ा-सा दूध मिलाकर इस लेप की चेहरे पर मालिश करें। मालिश करने से त्वचा के भीतर गहरी धँसी गन्दगी बाहर आ जाएगी और त्वचा साफ हो जायेगी।

मास्क लगाने के 20 मिनट बाद छुड़ायें। इसके बाद दो घण्टे तक मेकअप नहीं करें। मास्क सप्ताह में दो बार लगायें। प्राकृतिक सामग्री से बने मास्क हानिकारक नहीं होते। मास्क लगाने के बाद चेहरे पर हल्के हाथ से गोल-गोल मालिश करें, इससे रक्त-संचार बढता है और त्वचा स्वस्थ व कांतिमान बनती है।

चेहरे पर काले धब्बे ओर झाईयाँ हो गई हैं । इनको खत्म करने के लिए आप मसूर की दाल और बरगद के पेड़ की नर्म पत्तियाँ पीसकर लेप करें अथवा दालचीनी पीसकर दूध की मलाई के साथ लगाये। मुँह पर कालेपन को दूर करने के लिए चन्दन का पाउडर और बादाम पीसकर चेहरे पर मलें। एक घण्टे बाद चेहरा धोये।

और अधिक जानकारियों के लिय इस तस्वीर पर क्लिक करें


http://www.bharatyogi.net/2015/10/beauty-tips-in-hindi-for-face.html

चेहरे की सुन्दरता के उपाय beauty tips टमाटर- नित्य प्रात: टमाटर के रस का एक गिलास नमक, जीरा, काली मिर्च डालकर पीयें। चेहरे पर नारियल का पानी लगायें ।

सर्दियों का अमृत है गाजर दोस्तों सर्दियों के मोसम की शुरवात हो चुकी है। गाजर आने वाली हैं यंहा पर में आपको गाज के कुछ अन...
12/10/2015

सर्दियों का अमृत है गाजर

दोस्तों सर्दियों के मोसम की शुरवात हो चुकी है। गाजर आने वाली हैं यंहा पर में आपको गाज के कुछ अनूठे प्रयोग बताने जारहा हूँ उमीद करता हु ये आपके लिए काफी ज्ञानवर्धक होगा।

गाज़र को उसके प्राकृतिक रूपमें ही अर्थात् कच्चा खाने से ज्यादा लाभ होता है। उसके भीतर का पोला भाग नहीं खाना चाहिये क्योंकि वह अत्यधिक गरम होता है। अत: पित्तदोष, बीर्यंदोष एवं छातीमें दाह उत्पन्न करता है।

गाजर स्वादमें मधुर, कसैली, कडवी, तीक्ष्य, स्निग्ध, उष्णवीर्य, गरम, दस्तको बाँधनेवाली, मूत्रल, हिर्दय के लिये हितकर, रक्त को शुद्ध बनानेवाली, कफ निकालने वाली, वातदोष नाशक , षुष्टिवर्धक तथा दिमाग और नस-नाडियो के लिये बलप्रद है। यह अफारा, बवासीर, पेटके रोगों, सूजन, खाँसी, पथरी, मूत्रदाह, मूत्राल्पता तथा दुर्बलता का नाश करनेवाली है।

गाजर के बीज गरम होते हैं। अत: गर्भवती महिलाओं को उनका उपयोग नहीं करना चाहिये। बीज पचने में भारी होते हैं। कैल्सियम एवं केरोटिन की प्रचुर मात्रा होने के कारण छोटे बच्चों के लिये यह एक उत्तम आहार है । गाज़र मेँ आँतों के हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट करने का अदभुत गुण है। इसमें विटामिन 'ए' भी काफी मात्रा में पाया जाता है। अत: यह नेत्र रोग में भी लाभदायक है।

गाज़र रक्त शुद्ध करने वाली है। 10 - 15 दिन केवल गाजर के रस पर रहने से रक्तविकार, गाँठ, सूजन एवं पांडूरोग -जैसे त्वचा के रोगों मेँ लाभ होता है । इसमें लौह तत्त्व भी प्रचुरता मेँ पाया जाता है। खूब चबा-चबा कर खाने से दांत चमकीले मजबूत और मसूड़े शक्तिशाली बनते हैं।

विशेष - गाजर के भीतर का पिला भाग खाने से ज्यादा गाजर खाने के बाद 30 मिनट के अंदर पानी पिने से खांसी आने लगती है। अत्यधिक गाजर खाने से पेट में दर्द होता है। इस समय में थोडा गुड खाएं पितप्रक्रति के लोगों को गाजर का सावधानी पूर्वक उपयोग करना चाहिय।



गाजर का औशधिपर्योग

1 . दिमाग कमजोरी - गाजर के रस का नित्य प्रयोग करने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है।
2 . दस्त - दस्त होने पर गाजर का सूप लाभदायक सिद्ध होता है।
3 . सूजन - इसके रोगी को सब आहार त्यागकर केवल गाजर का रस अथवा उबली हुई गाजर पर रहनेसे लाभ होता है।
4 . मासिक न दिखने पर - मासिक कम आने पर या समय से न आने र गाजर के 5 ग्राम बीजों का 20 ग्राम गुड़के साथ काढा बनाकर लेने से लाभ होता है।

5 . पुराने घाव - गाजर को उबालकर उसे घाव पर लगाने से लाभ होता है।
6 . खाज - गाज़र को कदूकस करके अथवा बारीक पीसकर उसमें धोड़ा नमक मिला ले और गरम करके खाज पर रोज बाँधने से लाभ होता है।
7 . आधासीसी - गाजरके पत्तों पर दोनों ओर शुद्ध घी लगाकर उन्हें गरम करो। फिर उनका रस निकालकर २-३ बूंदें कान एवं नाक में डाले। इससे आधासीसी का दर्द मिटता है।
8 . श्वाश हिचकी - गाजर के रसकी 4 या 5 बूंदें दोनों नथुनों में डालने से लाभ होता है।
9 . नेत्ररोग - द्रिष्टि का कमजोर होना, रतोंधी, पढ़ते समय आँखों में तकलीफ होना आदि रोगों में कच्ची गाजर या उसके रस का सेवन लाभप्रद है । यह प्रयोग चश्मे का नंबर घटा सकता है।
10 . पाचनसम्बन्धी गडबडी - अरुचि, मन्दागनी, अपच आदि रोगों मेँ गाजर के रस में नमक, धनिया, जीरा, काली मिर्च, नीबूका रस डालकर पीये अथवा गाजर का सूप बनाकर पिने से लाभ होता है।
11 . पेशाबकी तकलीफ - गाजर का रस पिने से पेशाब आता है। रक्तशर्करा भी कम होती है। गाज़रका हलवा खानेसे पेशाब में कैल्सियम, फास्फोरस का आना बंद हो जाता है।
12 . नकसीर फूटना - ताजे गाजर का रस अथवा उसकी लुगदी सिर पर एवं ललाट पर लगाने से लाभ होता है।
13 . जलनेपर - जलने से होने वाले दाह में प्रभावित अंग पर बार बार गाजर का रस लगाने से लाभ होता हैँ।
14 . हदयरोग - हदयकी कमजोरी अथवा धडकनें बढ़ जाने पर लाल गाजर को भुन ले या उबाल ले फिर उसे रातभर के लिय आकाश में रख दे, सुभ उसमें मिस्री तथा केवड़े या गुलाबका अर्क मिलाकर रोगी को देने से अथवा 2 या 3 बार कच्ची गाजर का रस पिलानेसे लाभ होता है।
15 . प्रसवपीड़ा - यदि प्रसवके समय स्त्रीको अत्यंत कष्ट हो रहा हो तो गाजर के बीजों के काढ़े में एक वर्षका पुराना गुड डालकर गर्म - गर्म पिलाने से प्रसव जल्दी होता है ।

दोस्तों इसी प्रकार की और भी महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक आवश्यक जानकारियों के लिए इस तस्वीर पर क्लिक करें
http://www.bharatyogi.net/2015/09/carrot-benefits-for-health-in-hindi.html

carrot benefits for kids, carrot benefits for skin ताजे गाजर का रस अथवा उसकी लुगदी सिर पर एवं ललाट पर लगाने से लाभ होता है।

।।। नाम - कुँवरप्रताप जी {श्री महाराणा प्रतापसिंह जी}जन्म - 9 मई, 1540 ई.जन्म भूमि - राजस्थान कुम्भलगढ़पुन्य तिथि - 29 ज...
11/10/2015

।।। नाम - कुँवर
प्रताप जी {श्री महाराणा प्रतापसिंह जी}
जन्म - 9 मई, 1540 ई.
जन्म भूमि - राजस्थान कुम्भलगढ़
पुन्य तिथि - 29 जनवरी, 1597 ई.
पिता - श्री महाराणा उदयसिंह जी
माता - राणी जीवत कँवर जी
राज्य सीमा - मेवाड़
शासन काल - 1568–1597ई.
शा. अवधि - 29 वर्ष
वंश - सुर्यवंश
राजवंश - सिसोदिया
राजघराना - राजपूताना
धार्मिक मान्यता - हिंदू धर्म
युद्ध - हल्दीघाटी का युद्ध
राजधानी - उदयपुर
पूर्वाधिकारी - महाराणा उदयसिंह जी
उत्तराधिकारी - राणा अमर सिंह जी
अन्य जानकारी - श्री महाराणा प्रताप सिंह
जी के पास एक सबसे प्रिय घोड़ा था,
जिसका नाम 'चेतक' था।
"राजपूत शिरोमणि श्री महाराणा प्रतापसिंह जी" उदयपुर,
मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे।
वह तिथि धन्य है, जब मेवाड़ की शौर्य-भूमि परमेवाड़-मुकुट मणि
राणा प्रताप जी का जन्म हुआ। श्री प्रताप जी का नाम
इतिहास मेंवीरता और दृढ प्रण के लिये अमर है।
श्री महाराणा प्रतापजी की जयंती विक्रमी सम्वत् कॅलण्डर
केअनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती
है।
श्री महाराणा प्रताप सिंह जी के बारे में कुछरोचक जानकारी
:-
1... श्री महाराणा प्रताप सिंह जी एकही झटके में घोड़े समेत
दुश्मन सैनिक को काट डालते थे।
2.... जब इब्राहिम लिंकन भारत दौरे पर आ रहे थेतब उन्होने
अपनी माँ सेपूछा कि हिंदुस्तान से आपके लिए क्या लेकर
आए| तब माँ का जवाब मिला ” उस महान देश की वीर भूमि
हल्दी घाटी से एक मुट्ठी धूल लेकरआना जहाँ का राजा अपनी
प्रजा केप्रति इतना वफ़ादार था कि उसने आधे हिंदुस्तान के
बदले अपनी मातृभूमि को चुना ”
बदकिस्मती से उनका वो दौरा रद्द हो गया था | “बुक ऑफ़
प्रेसिडेंट यु एस ए ‘किताब में आप ये बात पढ़ सकते है |
3.... श्री महाराणा प्रताप सिंह जी के भाले का वजन 80
किलो था और कवच का वजन 80 किलो कवच , भाला, ढाल,
और हाथ में तलवार का वजन मिलाये तो 207 किलो था।
4.... आज भी महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि सामान
उदयपुर राज घराने के संग्रहालय में सुरक्षित हैं |
5.... अकबर ने कहा था कि अगर राणा प्रताप मेरे सामने झुकते है
तो आधा हिंदुस्तान के वारिस वो होंगे पर बादशाहत अकबर
की ही रहेगी पर श्री महाराणा प्रताप जी ने किसी की भी
आधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया |
6.... हल्दी घाटी की लड़ाई में मेवाड़ से 20000 सैनिक थे और
अकबर की ओर से 85000 सैनिक युद्ध में सम्मिलित हुए |
7.... श्री महाराणा प्रताप जी के घोड़े चेतक का मंदिर भी
बना हुवा हैं जो आज भी हल्दी घाटी में सुरक्षित है |
8.... श्री महाराणा प्रताप जी ने जब महलो का त्याग किया
तब उनके साथ लुहार जाति के हजारो लोगो ने भी घर छोड़ा
और दिन रात राणा जी कि फौज के लिए तलवारे बनायीं इसी
समाज को आज गुजरात मध्यप्रदेश और राजस्थान में गड़लिया
लोहार कहा जाता है मै नमन करता हूँ एसे लोगो को |
9.... हल्दी घाटी के युद्ध के 300 साल बाद भी वहाँ जमीनों में
तलवारें पायी गयी। आखिरी बार तलवारों का जखीरा 1985
में हल्दी घाटी में मिला |
10..... श्री महाराणा प्रताप सिंह जी अस्त्र शस्त्र की
शिक्षा "श्री जैमल मेड़तिया जी" ने दी थी जो 8000 राजपूत
वीरो को लेकर 60000 से लड़े थे। उस युद्ध में 48000 मारे गए थे
जिनमे 8000 राजपूत और 40000 मुग़ल थे |
11.... श्री महाराणा प्रताप सिंह जी के देहांत पर अकबर भी
रो पड़ा था |
12.... मेवाड़ के आदिवासी भील समाज ने हल्दी घाटी में
अकबर की फौज को अपने तीरो से रौंद डाला था वो श्री
महाराणा प्रताप को अपना बेटा मानते थे और राणा जी
बिना भेद भाव के उन के साथ रहते थे आज भी मेवाड़ के
राजचिन्ह पर एक तरफ राजपूत है तो दूसरी तरफ भील |
13..... राणा जी का घोडा चेतक महाराणा जी को 26 फीट
का दरिया पार करने के बाद वीर गति को प्राप्त हुआ | उसकी
एक टांग टूटने के बाद भी वह दरिया पार कर गया। जहा वो
घायल हुआ वहीं आज खोड़ी इमली नाम का पेड़ है जहाँ पर चेतक
की म्रत्यु हुई वहाँ चेतक मंदिर है |
14..... राणा जी का घोडा चेतक भी बहुत ताकतवर था उसके
मुँह के आगे दुश्मन के हाथियों को भ्रमीत करने के लिए हाथी
की सूंड लगाई जाती थी । यह हेतक और चेतक नाम के दो घोड़े थे
|
15..... मरने से पहले श्री महाराणाप्रताप जी ने अपना खोया
हुआ 85 % मेवाड फिर से जीत लिया था । सोने चांदी और
महलो को छोड़ वो 20 साल मेवाड़ के जंगलो में घूमे |
16.... श्री महाराणा प्रताप जी का वजन 110 किलो और
लम्बाई 7’5” थी, दो म्यान वाली तलवार और 80 किलो का
भाला रखते थे हाथ मे।
शेयर करो मित्रों
महाराणा प्रताप के हाथी
की कहानी।:---
मित्रो आप सब ने महाराणा
प्रताप के घोंड़े चेतक के बारे
में तो सुना ही होगा,
लेकिन उनका एक हाथी
भी था।
जिसका नाम था रामप्रसाद।
उसके बारे में आपको कुछ बाते बताता हु।
रामप्रसाद हाथी का उल्लेख
अल- बदायुनी ने जो मुगलों
की ओर से हल्दीघाटी के
युद्ध में लड़ा था ने
अपने एक ग्रन्थ में कीया है।
वो लिखता है की जब महाराणा
प्रताप पर अकबर ने चढाई की
थी तब उसने दो चीजो को
ही बंदी बनाने की मांग की
थी एक तो खुद महाराणा
और दूसरा उनका हाथी
रामप्रसाद।
आगे अल बदायुनी लिखता है
की वो हाथी इतना समजदार
व ताकतवर था की उसने
हल्दीघाटी के युद्ध में अकेले ही
अकबर के 13 हाथियों को मार
गिराया था
और वो लिखता है की:
उस हाथी को पकड़ने के लिए
हमने 7 बड़े हाथियों का एक
चक्रव्यू बनाया और उन पर
14 महावतो को बिठाया तब
कही जाके उसे बंदी बना पाये।
अब सुनिए एक भारतीय
जानवर
की स्वामी भक्ति।
उस हाथी को अकबर के समक्ष
पेश
किया गया जहा अकबर ने
उसका नाम पीरप्रसाद रखा।
रामप्रसाद को मुगलों ने गन्ने
और पानी दिया।
पर उस स्वामिभक्त हाथी ने
18 दिन तक मुगलों का नही
तो दाना खाया और ना ही
पानी पीया और वो शहीद
हो गया।
तब अकबर ने कहा था कि;-
जिसके हाथी को मै मेरे सामने
नहीं झुका पाया उस महाराणा
प्रताप को क्या झुका पाउँगा।
ऐसे ऐसे देशभक्त चेतक व रामप्रसाद जैसे तो यहाँ
जानवर थे।
इसलिए मित्रो हमेशा अपने
भारतीय होने पे गर्व करो।
पढ़ के सीना चौड़ा हुआ हो
तो शेयर कर देना

माहाराना प्रताप की बेटी भी देशभक्त थी अधिक जानकारी के लिए इस तस्वीर पर क्लिक करें

http://www.bharatyogi.net/2015/09/maharana-pratap-daughter-history-in.html

माहाराणा प्रताप की बेटी चम्पा, इस प्रकार राणा प्रताप को मनवाने के भगवानदास के भी सारे प्रयास असफ़ल सिद्ध हुए। महाराणा की बेटी ने उसे ऐसा दुत्कारा कि उसे उल्टे पॉव भागना पड़ा।

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