Vedanga Astrology by Acharya Meenakshi

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09/05/2026

।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।

क्या नाड़ी दोष होने पर भी सफल और सुखी विवाह संभव है।

कुंडली मिलान में 0 गुण आए? फिर भी शादी हो सकती है।

नाड़ी दोष दिखते ही रिश्ता तोड़ने से पहले ये सच जरूर जानिए।

कुंडली मिलान में नाड़ी दोष हो तो क्या करें?

शादी से पहले कुंडली मिलान में अष्टकूट के 8 भाग होते हैं, जिनमें नाड़ी सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
क्योंकि नाड़ी का सीधा संबंध स्वास्थ्य, संतान और वंश वृद्धि से होता है।

नाड़ी क्या होती है?

ज्योतिष में नाड़ी तीन प्रकार की होती है:

1= आदि नाड़ी (वात)

2= मध्य नाड़ी (पित्त)

3= अंत्य नाड़ी (कफ)

यदि वर–वधू की नाड़ी एक ही हो जाए, तो उसे नाड़ी दोष कहा जाता है।

नाड़ी दोष क्यों अशुभ माना जाता है?

नाड़ी दोष होने पर विवाह के बाद निम्न समस्याएँ देखी जा सकती हैं जैसे :

1= संतान में बाधा या विलंब

2= संतान का स्वास्थ्य कमजोर

3. पति–पत्नी में गंभीर मतभेद

4. वैवाहिक जीवन में तनाव

5. वंश वृद्धि में रुकावट

अष्टकूट मिलान में नाड़ी के 8 गुण होते हैं। नाड़ी दोष होने पर 0 गुण मिलते हैं।

क्या नाड़ी दोष में विवाह नहीं करना चाहिए?

नहीं।

हर नाड़ी दोष घातक नहीं होता। शास्त्रों में नाड़ी दोष के कई भंग (निवारण) बताए गए हैं।

।। नाड़ी दोष के प्रमुख निवारण योग ।।

1. नक्षत्र अलग हों

यदि दोनों की नाड़ी समान हो लेकिन नक्षत्र अलग-अलग हों, तो नाड़ी दोष कम प्रभावी हो जाता है।

2. राशि स्वामी समान या मित्र हों

यदि दोनों राशियों के स्वामी मित्र या समान हों, तो दोष शांत माना जाता है।

3. नवांश कुंडली में नाड़ी दोष न हो

यदि नवांश (D-9) में नाड़ी दोष नहीं बनता, तो विवाह योग्य माना जाता है।

4. संतान योग मजबूत हो

यदि कुंडली में पंचम भाव, गुरु और संतान योग मजबूत हों, तो नाड़ी दोष निष्फल हो जाता है।

5. एक ही नक्षत्र लेकिन चरण अलग हों

ऐसी स्थिति में नाड़ी दोष स्वतः समाप्त माना जाता है।

6=किन 6 नक्षत्रों में नाड़ी दोष नहीं लगता?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष नक्षत्रों में जन्मे वर–वधू के बीच नाड़ी दोष स्वतः निरस्त (Cancel) हो जाता है, चाहे नाड़ी समान ही क्यों न हो।

।। नाड़ी दोष से मुक्त 6 नक्षत्र:।।

1.आर्द्रा

2.पुनर्वसु

3.श्रवण

4.रोहिणी

5.मृगशिरा

6.आश्लेषा

यदि वर और वधू दोनों का जन्म इन नक्षत्रों में से किसी में हुआ हो, तो
नाड़ी दोष का प्रभाव नहीं माना जाता।

।। नाड़ी दोष के शास्त्रीय उपाय ।।

1. महामृत्युंजय मंत्र जप

2. नाड़ी दोष शांति पूजा

3. रुद्राभिषेक

4. गौदान या कन्यादान

5. पीपल व बरगद पूजन

6. गुरु ग्रह को मजबूत करने के उपाय

मंत्र:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।

।। ध्यान रखने योग्य बातें ।।

1.केवल नाड़ी दोष देखकर विवाह न रोकें

2.संपूर्ण कुंडली, दशा, नवांश और गोचर अवश्य देखें

3.अनुभवी ज्योतिष से व्यक्तिगत विश्लेषण कराएँ

।। निष्कर्ष ।।

नाड़ी दोष डरने का विषय नहीं, बल्कि समझने का विषय है।

सही मिलान, दोष भंग और उपायों के साथ नाड़ी दोष में भी सफल विवाह संभव है।

21/04/2026
10/07/2025

Why Ashadha Purnima is called "Guru Purnima" ?

Astro Reason

Every year during month of ashadha Purnima Sun is in gemini so moon has to be in Sagittarius only. Sagittarius happens to be 9th house of kaala purusha representing "Guru" Hence "Guru Purnima".

30/11/2024

Rahu in the second house from Moon can make a person unprincipled and corrupt.

24/11/2024

1_ आलस्य महत्वाकांक्षा को ख़त्म कर देता है।

(आलस्य शनि हैं आपका ambition सूर्य हैं) शनि सूर्य दोनों शत्रु हैं।

2_ क्रोध बुद्धि को नष्ट कर देता है। (क्रोध मंगल हैं - बुद्धि बुध हैं (दोनों एक दूसरे के दुश्मन हैं।

3_ डर सपनों को मार देता है। (आपके सपने लग्नेश हैं डर राहु हैं) जिसको भय हो वह क्या ही करेगा।

4_ अहंकार विकास को नष्ट कर देता है।

(घमंड सूर्य हैं - विकास शनि हैं) दोनों कट्टर दुश्मन हैं।

5_ ईर्ष्या शांति को ख़त्म कर देती है। (शांति बृहस्पति हैं- ईर्ष्या राहु हैं) दोनो एक दूसरे के दुश्मन हैं।

6_ संदेह आत्मविश्वास को ख़त्म कर देता है। (आत्मविश्वास सूर्य हैं संदेह राहु हैं) दोनो कट्टर दुश्मन हैं।

7 नकारात्मकता सोच में अंधकार भर देती हैं। (सोच चंद्रमा हैं नेगेटिविटी शनि हैं) दोनो दुश्मन हैं !

15/10/2024

🎯 इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे

🎯रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है।
🎯1.रक्षा के लिए
मामभिरक्षक रघुकुल नायक।
घृत वर चाप रुचिर कर सायक
🎯2.विपत्ति दूर करने के लिए
राजिव नयन धरे धनु सायक
भक्त विपति भंजन सुखदायक
🎯3.सहायता के लिए
मोरे हित हरि सम नहि कोऊ
एहि अवसर सहाय सोई होऊ
🎯4. सब काम बनाने के लिए
वंदौ बाल रुप सोई रामू
सब सिधि सुलभ जपत जेहि नामू
🎯5.वश मे करने के लिए
सुमिर पवन सुत पावन नामू
अपने वश कर राखे रामू
🎯6.संकट से बचने के लिए
दीन दयालु विरद संभारी
हरहु नाथ मम संकट भारी
🎯7.विघ्न विनाश के लिए
सकल विघ्न व्यापहि नहि तेही
राम सुकृपा बिलोकहिं जेहि
🎯8.रोग विनाश के लिए
राम कृपा नासहि सव रोगा
जो यहि भाँति बनहि संयोगा
🎯9.ज्वार ताप दूर करने के लिए
दैहिक दैविक भौतिक तापा
राम राज्य नहि काहुहि व्यापा
🎯10.दुःख नाश के लिए
राम भक्ति मणि उर बस जाके
दुःख लवलेस न सपनेहु ताके
🎯11.खोई चीज पाने के लिए
गई बहोरि गरीब नेवाजू
सरल सबल साहिब रघुराजू
🎯12.अनुराग बढाने के लिए
सीता राम चरण रत मोरे
अनुदिन बढउँअनुग्रह तोरे
🎯13.घर मे सुख लाने के लिए
जे सकाम नर सुनहि जे गावहि
सुख सम्पत्ति नाना विधि पावहिं
🎯14.सुधार करने के लिए
मोहि सुधारहि सोई सब भाँती
जासु कृपा नहि कृपा अघाती
🎯15.विद्या पाने के लिए
गुरू गृह पढन गए रघुराई
अल्प काल विद्या सब आई
🎯16.सरस्वती निवास के लिए
जेहि पर कृपा करहि जन जानी
कवि उर अजिर नचावहि बानी
🎯17.निर्मल बुद्धि के लिए
ताके जुग पद कमल मनाऊँ
जासु कृपा निर्मल मति पावऊँ
🎯18.मोह नाश के लिए
होय विवेक मोह भ्रम भागा
तब रघुनाथ चरण अनुरागा
🎯19.प्रेम बढाने के लिए
सब नर करहिं परस्पर प्रीती
चलत स्वधर्म कीर्ति श्रुति रीती
🎯20.प्रीति बढाने के लिए
बैर न कर काहू सन कोई
जासन बैर प्रीति कर सोई
🎯21.सुख प्रप्ति के लिए
अनुजन संयुत भोजन करही
देखि सकल जननी सुख भरहीं
🎯22.भाई का प्रेम पाने के लिये
सेवाहि सानुकूल सब भाई
राम चरण रति अति अधिकाई
🎯23.बैर दूर करने के लिए
बैर न कर काहू सन कोई
राम प्रताप विषमता खोई
🎯24.मेल कराने के लिए
गरल सुधा रिपु करहि मिताई
गोपद सिंधु अनल सितलाई
🎯25.शत्रु नाश के लिए
जाके सुमिरन ते रिपु नासा
नाम शत्रुघ्न वेद प्रकाशा
🎯26.रोजगार पाने के लिए
विश्व भरण पोषण करि जोई
ताकर नाम भरत अस होई
🎯27.इच्छा पूरी करने के लिए
राम सदा सेवक रूचि राखी
वेद पुराण साधु सुर साखी
🎯28.पाप विनाश के लिए
पापी जाकर नाम सुमिरहीं
अति अपार भव भवसागर तरहीं
🎯29.अल्प मृत्यु न होने के लिए
अल्प मृत्यु नहि कबनिहूँ पीरा
सब सुन्दर सब निरूज शरीरा
🎯30.दरिद्रता दूर के लिए
नहि दरिद्र कोऊ दुःखी न दीना
नहि कोऊ अबुध न लक्षण हीना
🎯31.प्रभु दर्शन पाने के लिए
अतिशय प्रीति देख रघुवीरा
प्रकटे ह्रदय हरण भव पीरा
🎯32.शोक दूर करने के लिए
नयन बन्त रघुपतहिं बिलोकी
आए जन्म फल होहिं विशोकी
🎯33.क्षमा माँगने के लिए
अनुचित बहुत कहहूँ अज्ञाता
क्षमहुँ क्षमा मन्दिर दोऊ भ्राता

Happy Dussehra!
12/10/2024

Happy Dussehra!

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