07/12/2021
🌹*कंचन बरन बिराज सुबेसा,*
*कानन कुंडल कुंचित केसा।*🌹
आपका शरीर का रंग सोने की तरह चमकीला है, सुवेष यानी अच्छे वस्त्र पहने हैं, कानों में कुंडल हैं और बाल संवरे हुए हैं।
🙏आज के दौर में आपकी उन्नति इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप कैसे रहते और दिखते कैसे हैं एवं आपका दूसरों के प्रति व्यवहार कैसा है ।आपका प्रथम संस्कार (प्रभाव ) अच्छा होना चाहिए। अगर आप बहुत गुणवान भी हैं लेकिन अच्छे से नहीं रहते हैं तो ये बात आपके भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, रहन-सहन और पहनावा हमेशा अच्छा रखें।🌷
💐*आगे पढ़ें - हनुमान चालीसा में छिपे आपके जीवन के संचालन के सूत्र* सिर्फ डिग्री काम नहीं आती.💐
🌹*बिद्यावान गुनी अति चातुर,*
*राम काज करिबे को आतुर।*🌹
🙏आप विद्यावान हैं, गुणों की खान हैं, चतुर भी हैं। राम के काम करने के लिए सदैव आतुर रहते हैं।
आज के दौर में एक अच्छी डिग्री होना बहुत जरूरी है। लेकिन चालीसा कहती है सिर्फ डिग्री होने से आप सफल नहीं होंगे। विद्या हासिल करने के साथ आपको अपने गुणों को भी बढ़ाना पड़ेगा, बुद्धि में चतुराई भी लानी होगी। हनुमान में तीनों गुण हैं, वे सूर्य के शिष्य हैं, गुणी भी हैं और चतुर भी।🌷
🌺*अच्छे श्रोता बनें*🌺
🌹*प्रभु चरित सुनिबे को रसिया,*
*राम लखन सीता मन बसिया।*🌹
आप राम चरित यानी राम की कथा सुनने में रसिक है, राम, लक्ष्मण और सीता तीनों ही आपके मन में वास करते हैं।
🙏जो आपकी प्राथिमिक्ता है ।उसे लेकर सिर्फ बोलने में नहीं, सुनने में भी आपको रस आना चाहिए। अच्छा श्रोता होना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास सुनने की कला नहीं है तो आप कभी अच्छे नेता नहीं बन सकते।🌷
🌹*कहां, कैसे व्यवहार करना है ये ज्ञान जरूरी है*🌹
🌻*सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा,*
*बिकट रुप धरि लंक जरावा।*🥀
आपने अशोक वाटिका में सीता को अपने छोटे रुप में दर्शन दिए। और लंका जलाते समय आपने बड़ा स्वरुप धारण किया।
🙏कब, कहां, किस परिस्थिति में खुद का व्यवहार कैसा रखना है, ये कला हनुमानजी से सीखी जा सकती है। सीता से जब अशोक वाटिका में मिले तो उनके सामने छोटे वानर के आकार में मिले, वहीं जब लंका जलाई तो पर्वताकार रुप धर लिया। अक्सर लोग ये ही तय नहीं कर पाते हैं कि उन्हें कब किसके सामने कैसा दिखना है।🌷
💢*अच्छे सलाहकार बनें*💢
🌹*तुम्हरो मंत्र बिभीसन माना,*
*लंकेस्वर भए सब जग जाना।*🌹
विभीषण ने आपकी सलाह मानी, वे लंका के राजा बने ये सारी दुनिया जानती है।
🙏हनुमान सीता की खोज में लंका गए तो वहां विभीषण से मिले। विभीषण को राम भक्त के रुप में देख कर उन्हें राम से मिलने की सलाह दे दी। विभीषण ने भी उस सलाह को माना और रावण के मरने के बाद वे राम द्वारा लंका के राजा बनाए गए। किसको, कहां, क्या सलाह देनी चाहिए, इसकी समझ बहुत आवश्यक है। सही समय पर सही इंसान को दी गई सलाह सिर्फ उसका ही फायदा नहीं करती, आपको भी कहीं ना कहीं फायदा पहुंचाती है।🌷
💮*आत्मविश्वास की कमी ना हो*💮
🌹*प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही,*
*जलधि लांघि गए अचरज नाहीं।*🌹
राम नाम की अंगुठी अपने मुख में रखकर आपने समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई अचरज नहीं है।
🙏अगर आपमें खुद पर और अपने परमात्मा पर पूरा भरोसा है तो आप कोई भी मुश्किल से मुश्किल कार्य को आसानी से पूरा कर सकते हैं। आज के युवाओं में एक कमी ये भी है कि उनका भरोसा बहुत टूट जाता है। आत्मविश्वास की कमी भी बहुत है। प्रतिस्पर्धा के दौर में आत्मविश्वास की कमी होना खतरनाक है। अपने आप तथा अपने इष्ट देव पर पूरा विश्वास एवम् पुर्ण विश्वास रखे ।🌷
🌷💝श्री राम जय राम जय जय राम💝🌷
🌺💕जय श्री हनुमान जी महाराज की जय जयकार💕🌺
🌹❣️श्री राम भक्त❣️🌹
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