Department Of Business Administration

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19/10/2017
Freedom in the Mind,Faith in the words..Pride in our Souls..Lets salute the Nation ..Happy Independence Day!
14/08/2017

Freedom in the Mind,
Faith in the words..
Pride in our Souls..
Lets salute the Nation ..
Happy Independence Day!

24/01/2016
29/07/2015

आज समय का पहिया घूमा,पीछे सब कुछ छूट गया,
एक सितारा भारत माता की आँखों का टूट गया,

उसकी आँखे बंद हुयी तो पलकें कई निचोड़ गया,
सदियों तक न भर पायेगा,वो खाली पन छोड़ गया,

ना मज़हब का पिछलग्गू था,ना गफलत में लेटा था,
वो अब्दुल कलाम तो केवल भारत माँ का बेटा था,

बचपन से ही खुली आँख से सपने देखा करता था,
नाविक का बेटा हाथों में सात समंदर भरता था,

था बंदा इस्लाम का लेकिन,कभी न ऐंठा करता था,
जब जी चाहा संतो के चरणों में बैठा करता था,

एक हाथ में गीता उसने एक हाथ क़ुरआन रखा,
लेकिन इन दोनों से ऊपर पहले हिन्दुस्तान रखा,

नहीं शरीयत में उलझा वो,अपनी कीमत भांप गया,
कलम उठाकर अग्निपंख से अंतरिक्ष को नाप गया,

दाढ़ी टोपी के लफड़ों में नही पड़ा,अलमस्त रहा,
वो तो केवल मिसाइलों के निर्माणों में व्यस्त रहा,

मर्द मुजाहिद था असली,हर बंधन उसने तोडा था,
अमरीका को ठेंगा देकर,एटम बम को फोड़ा था,

मोमिन का बेटा भारत की पूरी पहरेदारी था,
ओवैसी,दाऊद,सौ सौ अफज़ल गुरुओं पर भारी था,

आकर्षक व्यक्तित्व,सरल थे,बच्चों के दीवाने थे,
इस चाचा के आगे,चाचा नेहरू बहुत पुराने थे,

माथे पर लटकी ज़ुल्फ़ों ने पावन अर्थ निकाल दिया,
यूँ लगता था भारत माँ ने आँचल सर पर डाल दिया,

गौरव को गौरव है तुम पर,फक्र लिए हूँ सीने में,
जीना तो बस जीना है अब्दुल कलाम सा जीने में,

माना अब भी इस भारत में कायम गज़नी बाबर हैं,
लेकिन ऐसे मोमिन पर सौ सौ हिन्दू न्योछावर हैं Jai Hind.

06/07/2015

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से सिविल सेवा 2014 का फाइनल रिजल्ट शनिवार को जारी कर दिया गया। देशभर में 1236 परीक्षार्थियों को सफल घोषित किया गया है। इस बार बिहार से 83 परीक्षार्थियों को सफलता मिली है। शीर्ष सौ में सात अभ्यर्थी बिहार से हैं।

22/04/2015

कंप्यूटर से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी
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1. विश्व का प्रथम कंप्यूटर नेटवर्क माना जाता है – ARPANET
2. भारत में सर्वप्रथम दिखाई देने वाला कंप्यूटर वाइरस है – सी-ब्रेन
3. C.A.D. का तात्पर्य है – कंप्यूटर एडेड डिजाइन
4. ओरेकल है – डाटाबेस सॉफ्टवेयर
5. असेम्बलर का कार्य है – असेम्बली भाषा को यंत्र भाषा में परिवर्तित करना
6. उस नेटवर्क टोपोलॉजी का क्या नाम है, जिसमें प्रत्येक संभावित नोड में द्विदिशीय कड़ियां हैं? – मेश
7. कंप्यूटर का नियंत्रक भाग कहलाता है – सी. पी. यू.
8. वह बिंदु जिस पर डाटा कंप्यूटर में प्रवेश करता है या निकलता है – टर्मिनल
9. डाइरेक्टरी के अंदर की डाइरेक्टरी को कहा जाता है – सब डाइरेक्टरी
10. लिनक्स एक उदाहरण है – ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का
11. पहले से चल रहे कंप्यूटर को रीस्टार्ट करना कहलाता है – रीबूटिंग
12. सॉफ्टवेयर कोड में त्रुटियां ढूंढ़ने की प्रक्रिया को कहा जाता है – डीबगिंग
13. सीपीयू का वह भाग जो अन्य सभी कंप्यूटर कंपोनेन्टस की गतिविधियों को कोआर्डिनेट करता है – कंट्रोल यूनिट
14. सेविंग की प्रक्रिया है – मेमोरी से स्टोरेज माध्यम तक दस्तावेज कॉपी करना
15. ALU परिचालन संपन्न करता है – अर्थमैटिक
16. A.L.U. का पूरा नाम होता है – Arithmetic logic unit
17. कंप्यूटर में जाने वाले डेटा को कहते हैं – इनपुट
18. कंप्यूटर के सभी भागों के बीच सामंजस्य स्थापित करता है – कंट्रोल यूनिट
19. माइक्रोप्रोसेसर जो कंप्यूटर का मस्तिष्क होता है, उसे कहा जाता है – माइक्रोचिप
20. कंप्यूटर में डेटा किसे कहा जाता है? – चिन्ह व संख्यात्मक सूचना को

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21/03/2015

Chaitra Navratri SMS Durga Maa ki jyoti se Prem milta hai, sabke dilo ko marm milta hai, jo bhi jata hai MAA Durga ke dwar, Usko Maa Durga ka Prem milta hai. SHUBH NAVRATRI.

बैंक नहीं बताते कस्टमर को ये 8 बातें, नहीं जानने से होता है आपका नुकसाननई दिल्ली: ऐसे कई सारे केस सामने आए हैं, जिनमें ब...
18/03/2015

बैंक नहीं बताते कस्टमर को ये 8 बातें, नहीं जानने से होता है आपका नुकसान

नई दिल्ली: ऐसे कई सारे केस सामने आए हैं, जिनमें बैंक आपकी सहायता को प्राथमिकता न देकर खुद की सहायता करने लगते हैं। आपको क्या लगता है कि आपकी मदद करने की जिम्मेदारी बैंक की है? बिल्कुल सही लगता है आपको, बैंक आपकी मदद के लिए ही हैं, लेकिन क्या वो सिर्फ आपकी मदद करते हैं या फिर खुद अपनी मदद भी करते हैं?

बैंक की तरफ से कई सारी ऐसी जानकारियां छुपा ली जाती हैं, जो आपको पता होनी चाहिए। आज हम आपको बताएंगे ऐसी ही 8 बातों के बारे में, जिनको लेकर बैंक आपसे बहुत ही कम स्थितियों में चर्चा करते हैं। उनकी तरफ से यही कोशिश होती है कि वह आपको इन बातों को न बताएं।
आइए जानते हैं इन 8 बातों के बारे में जो बैंक अक्सर छुपाते हैं आपसे-
1- लॉन्ग टाइम कस्टमर प्रिविलेज
अन्य ऑर्गेनाइजेशन की तरह बैंक में भी लॉयल और पुराने ग्राहकों को अधिक प्रिविलेज दी जाती है, लेकिन अधिकतर केस में बैंक इस तरह की कोई जानकारी अपने ग्राहकों को नहीं बताते हैं। आपको इसके बारे में खुद ही पूछना पड़ेगा, लेकिन यदि बैंक से इसकी बात की जाए तो वे सामान्यतया अपने पुराने ग्राहकों को फीस वेवर दे देते हैं, तो आप भी इसके लिए बात कर सकते हैं।

2- डेबिट कार्ड खो जाने पर आपका अकाउंट कितना सुरक्षित है?
अगर हम कार्ड के चोरी होने या खोने की बात करते हैं तो आपको बता दें कि आपके डेबिट कार्ड से अधिक सुरक्षित आपका क्रेडिट कार्ड है। कोई भी बैंक आपको इस बारे में नहीं बताएगा। अपने बैंकर से बात कर के अपने कार्ड के खोने या चोरी होने की स्थिति में सुरक्षा की जानकारी लें।
भारतीय स्टेट बैंक एक क्रेडिट कार्ड प्रोटेक्शन प्लान (CPP) देता है, जो इस तरह की परिस्थितियों में आपके लिए मददगार होता है। अपने बैंक से पता करें कि क्या उनके पास भी ऐसी कोई स्कीम है? इस तरह से आप अपने कार्ड को अधिक सुरक्षित कर सकते हैं।
3- एटीएम ट्रांजैक्शन की हर रसीद संभाल कर रखें
एटीएम ट्रांजेक्शन की हर रसीद संभाल कर रखनी चाहिए, क्योंकि एटीएम एक ऑटोमेटेड प्रोसेस है। जिस सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह प्रक्रिया काम करती है, वह कुछ गलतियां भी पैदा कर सकता है। इसकी वजह से कई सारी ट्रांजैक्शन के डुप्लिकेट भी बन सकते हैं, जो आपके लिए नुकसानदायी होगा। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए एटीएम ट्रांजैक्शन की हर रसीद को संभाल कर रखें, जिससे कि आपका पैसा और अधिक सुरक्षित हो सके। समय बढ़ने पर आप इन रसीद को बैंक को दिखा भी सकते हैं।
4- चेक क्लीयरेंस का समय
जब आपके अकाउंट में एक चेक जमा किया जाता है तो आपके अकाउंट में पैसे उसी समय नहीं आते, बल्कि इसमें कुछ समय लगता है। अगर चेक कहीं बाहर का है तो समय कुछ ज्यादा ही लग जाता है। चेक क्लीयरेंस का समय बैंक पर भी निर्भर करता है लेकिन यदि चेक उसी बैंक का है तो 1 दिन में ही क्लीयर हो जाता है। यदि चेक किसी दूसरे बैंक का हो तो 2-3 वर्किंग डे लग सकते हैं।
जून 2012 को भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों के डिजिटलाइजेशन के निर्देश दिए थे ताकि चेक क्लीयरेंस तेज किया जा सके। उस समय तक किसी अन्य राज्य के चेक को क्लीयर होने में 15 दिन से 3 सप्ताह का समय लग जाता था।
बस यहीं पर बैंक फायदा कमाते हैं। आपके अकाउंट में पैसे आने में जितना अधिक समय लगेगा बैंक के लिए वह उतना ही फायदेमंद है। बैंको को यह पैसा उस समय के लिए फ्री फंड फ्लोट के तौर मिल जाता है और वे इसका फायदा कमाते हैं। ऐसा ही केस 2011 का है जब बैंकों को चेक क्लीयर करने में देरी करने से लगभग 620 करोड़ की कमाई हुई थी।
5- अधिक ब्याज दर वाले अकाउंट

सामान्यतया बैंक कई तरह के अकाउंट ऑफर करते हैं। कुछ अकाउंट ऐसे होते हैं, जिनमें अधिक ब्याज मिलता है। ऐसे में कोई बैंक आपको उनके बारे में बताए यह जरूरी नहीं है। बैंक में कितने तरह के अकाउंट हैं और किसमें आपको अधिक फायदा होगा, इसका पता आपको खुद ही लगाना होगा, इसलिए अधिक रिटर्न कमाना चाहते हैं तो पहले पता कर लें कि किस अकाउंट पर अधिक ब्याज मिलता है, तभी पैसों का निवेश करें।
6- लघु उद्योग लोन

यदि आप छोटे बिजनेस के लिए लोन ले रहे हैं तो आपके लोन की स्वीकृति के चांस काफी कम हैं। कई बैंक वाले छोटे बिजनेस वालों को भेदभाव की नजरों से देखते हैं और कोशिश करते हैं कि ऐसे लोगों को लोन न दिया जाए। उनका मानना होता है कि छोटे कारोबारी बैंक का पैसा लेकर भाग सकते हैं और फिर बैंक को अपने पैसे के लिए उनके पीछे-पीछे भागना पड़ सकता है।
7- हर टर्म (Term) का सही मतलब समझें

किसी भी डॉक्युमेंट के साइन करने से पहले सही से पढ़ लें। इसमें आपको कई सारे ऐसे शब्द मिल सकते हैं, जिनके आपको मतलब भी न पता हों। ऐसे शब्दों की अनदेखी करने के बजाए उनका मतलब पूछें। डॉक्युमेंट को साइन करने से पहले सभी शब्दों के अर्थ को अच्छे से समझ लें, वरना आपको नुकसान भी हो सकता है। हालांकि, इसमें आपका और बैंक अधिकारी का बहुत सारा समय जा सकता है, लेकिन भविष्य में आपको ही इसका फायदा होगा।
8- करंट अकाउंट में पैसे
आमतौर पर लोग चेक बाउंस होने जैसी स्थिति से बचने के लिए कई सारे उपाय करते हैं। कुछ लोग तो अपने करंट अकाउंट में अधिक से अधिक पैसे रखते हैं ताकि चेक बाउंस ना हो। चेक बाउंस होने के कारण पैनाल्टी चुकानी पड़ती है जिससे बचने के लिए यह सब किया जाता है। इन पैसों को आप यदि सेविंग्स अकाउंट में रखेंगे तो इस पर बैंक आपको ब्याज भी देगा। सिर्फ चेक बाउंस से बचने के लिए करंट अकाउंट में पैसे रखने के बजाए सेविंग्स अकाउंट का इस्तेमाल करें। चेक न बाउंस हो इसके लिए चेक इश्यू करने से पहले ही ध्यान रखें कि अकाउंट में पर्याप्त पैसे हों।

16/03/2015
*****9300 करोड़ में टाटा ने जगुआर खरीद कर फोर्ड से लिया था अपमान का बदला ******मुंबई. रतन टाटा से जुड़ा ये किस्सा रविवार क...
16/03/2015

*****9300 करोड़ में टाटा ने जगुआर खरीद कर फोर्ड से लिया था अपमान का बदला ******

मुंबई. रतन टाटा से जुड़ा ये किस्सा रविवार को सामने आया। उजागर किया टाटा के बेहद करीबी प्रवीण काडले ने। मौका था मुंबई में गुरुवार को टाटा को दिए गए वाईबी चव्हाण पुरस्कार समारोह का। टाटा की जगह काडले ने पुरस्कार लिया और फोर्ड से लिए गए कारोबारी बदले की यह कहानी सुनाई:
कहते हैं, आम लोग अपमान का बदला तत्काल लेते हैं, पर महान उसे अपनी जीत का साधन बना लेते हैं। रतन टाटा के कारोबारी फैसलों से इसे साफ-साफ समझा जा सकता है। एक वाकया सुनाता हूं। रतन टाटा 1998 में हैचबैक कार इंडिका लेकर आए थे। लेकिन यह लॉन्च बुरी तरह फेल रहा। एक साल तक लोगों ने इसे पसंद ही नहीं किया। बिक्री नहीं के बराबर हो रही थी। तब कुछ लोगों ने रतन टाटा को कार डिवीजन बेचने की सलाह दी। उन्होंने भी मान ली। कई कंपनियों से संपर्क किया गया। अमेरिकी कंपनी फोर्ड ने रुचि दिखाई। उसके अधिकारी टाटा के मुख्यालय बॉम्बे हाउस आए।
शुरुआती बातचीत के बाद हमें फोर्ड हेडक्वार्टर डेट्रॉयट बुलाया गया। चेयरमैन रतन टाटा के साथ मैं भी वहां गया। हमने करीब तीन घंटे तक बात की। लेकिन हमारे साथ उनका रवैया अपमानजनक था। लंबी बातचीत के दौरान कंपनी के चेयरमैन बिल फोर्ड ने कहा कि ‘जब आपको पैसेंजर कार के बारे में कुछ पता ही नहीं था तो बिजनेस शुरू क्यों कर दिया। हम इसे खरीदकर आप पर एहसान ही करेंगे।’

हमने उसी शाम डेट्राॅयट से न्यूयाॅर्क लौटने का फैसला किया। 90 मिनट की फ्लाइट में रतन टाटा उदास से रहे। इस घटना के नौ साल बाद 2008 में फोर्ड दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई। अमेरिकी ऑटो हब डेट्रॉयट की ही हालत खराब हो चली थी। तब टाटा ने फोर्ड का लग्जरी ब्रांड जगुआर-लैंडरोवर (जेएलआर) खरीदने का फैसला किया। बात करने फोर्ड के अधिकारी बॉम्बे हाउस आए थे। सौदा 2.3 अरब डॉलर (उस समय 9300 करोड़ रुपए) में हुआ। तब बिल फोर्ड ने टाटा से कहा- ‘जेएलआर खरीदकर आप हम पर बहुत बड़ा अहसान कर रहे हैं।’ दरअसल जेएलआर से फोर्ड को भारी नुकसान हो रहा था। कुछ ही साल में टाटा जेएलआर को मुनाफे में ले आए। -प्रवीण काडले, टाटा कैपिटल के सीईओ

1999 - रतन टाटा कार बिजनेस बेचने फोर्ड के पास गए थे। तब फोर्ड ने कहा था- ‘आपको पैसेंजर कार के बारे में कुछ पता नहीं तो बिजनेस शुरू क्यों किया... इसे खरीदकर अहसान ही करूंगा।’
2008 - टाटा ने फोर्ड का घाटे में चल रहा जगुआर-लैंडरोवर खरीद लिया। तब फोर्ड ने कहा- ‘कंपनी खरीदकर आप हम पर बड़ा अहसान कर रहे हैं।’ उस साल जेएलआर को 1800 करोड़ रु. का नुकसान हुआ। इससे टाटा मोटर्स को 2500 करोड़ का घाटा हुअा। तब मार्केट वैल्यू 6500 करोड़ रुपए रह गई थी। आज 1.79 लाख करोड़ है।
जेएलआर के दम पर सारी कमाई
पिछले साल टाटा मोटर्स ने 2.33 लाख करोड़ कमाए। इसमें जेएलआर का हिस्सा 1.90 लाख करोड़ रु. था। जेएलआर से टाटा को 17 हजार करोड़ का मुनाफा।

13/03/2015

6 बातों का ध्यान रखेंगे तो हर काम में मिलेगी कामयाबी
किसी भी काम में कामयाबी मिलेगी या नहीं, इस बात का निर्धारण काम की शुरुआत में ही हो जाता है। यहां जानिए 6 ऐसी बातें, जिनका ध्यान काम की शुरुआत में रखना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखने पर काम सफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं...
1. मेहनत
किसी भी काम में सफलता के लिए जरूरी है मेहनत। कभी भी काम की शुरुआत अनमने मन से नहीं करना चाहिए। काम पूरी मेहनत के साथ करेंगे तो सकारात्मक परिणाम मिलेगा।
2. दक्षता
जिस काम में सफलता पाना चाहते हैं, उसे शुरू करने से पहले काम से जुड़ा ज्ञान और अनुभव हासिल कर लेना चाहिए। काम में कुशलता के बिना सफलता की राह मुश्किल होती है।
3. धैर्य
ये एक गुण होना बहुत जरूरी है। काम के दौरान कभी-कभी तनाव बढ़ जाता है, परेशानियां आती हैं तो उस समय धैर्य बनाए रखना चाहिए। यदि उत्तेजित होकर कोई काम करेंगे तो सफलता दूर हो सकती है। शांत रहेंगे तो सही ढंग से काम कर पाएंगे।
4. संयम
कभी-कभी काम में नकारात्मक परिणाम भी हासिल हो सकते हैं, उस परिस्थिति में संयम बनाए रखें। बुरे नतीजों से निराश न होकर, पुन: नई ऊर्जा के साथ काम में जुट जाना चाहिए।
5. सावधानी
हर पल सावधानी बनाए रखना बहुत जरूरी है। किसी भी पल की गई लापरवाही से पूरा काम बिगड़ सकता है।
6. गलतियां न दोहराएं
पिछले समय में की गई गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कभी भी एक ही गलती को बार-बार दोहराना नहीं चाहिए। गलतियां दोहराएंगे तो कभी सफल नहीं हो पाएंगे।

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