18/07/2026
इतनी कम उम्र में जिस बच्चे को
अपनी पढ़ाई को लेकर
हर किसी की आलोचना सुननी पड़ती थी कि कोई भी ऐरा गैरा उसको कुछ भी सुनाकर चल देता था जिसका उसकी पढ़ाई ओर जिंदगी से कोई मतलब भी नहीं था , उसी बच्चे ने जब अपनी पढ़ाई मैं थोड़ा सी वास्तु की मदद लेनी शुरू की तो उसी बच्चे ने अपने सब आलोचकों के मुंह बंद कर दिए ।
अक्सर यही छोटी उम्र में मिली आलोचनाएं बच्चों की जिंदगीे
मे जीवन भर के लिए हीन भावनाएं पैदा कर देती है
हर बच्चा intelligent है , बस कुछ वास्तु दोष उसको उसकी Intelligence साबित नहीं करने देते ।