Zindagi Wheelchair Par

Zindagi Wheelchair Par ♿ शरीर Wheelchair पर, सोच Wings पर ✈️
प्रैक्टिकल बातें। शिकायत Zero। सच को कहने वाला।
जय माता दी 🪔

03/09/2026

खुद पर विश्वास रखो, तुम्हारी आधी जीत तो वहीं हो जाती है।✨

शिकायत - ये धीमा ज़हर है।शुरू में मीठा लगता है,"उसने ऐसा किया, इसने वैसा किया"सब सुनते हैं, सहानुभूति देते हैं।पर धीरे-ध...
02/09/2026

शिकायत - ये धीमा ज़हर है।

शुरू में मीठा लगता है,
"उसने ऐसा किया, इसने वैसा किया"
सब सुनते हैं, सहानुभूति देते हैं।

पर धीरे-धीरे लोग समझ जाते हैं,
इसको हर चीज़ में कीड़ा दिखता है,
इसके पास हर समाधान के लिए एक शिकायत है।

फिर लोग दूरी बनाने लगते हैं।

और एक दिन वो इतना अकेला हो जाता है,
कि आईने में खुद से भी शिकायत करने लगता है,
और फिर प्रायश्चित से भी डरने लगता है,
क्योंकि प्रायश्चित मतलब - "हाँ, गलती मेरी भी थी",
और शिकायत करने वाले ने तो कभी "मेरी गलती" सुना ही नहीं।

शिकायत करने वाला बाहर नहीं, भीतर से टूटा होता है।



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Finding true peace and wisdom often means looking beyond material wealth. It's in the simplicity of life where we discov...
29/08/2026

Finding true peace and wisdom often means looking beyond material wealth. It's in the simplicity of life where we discover what truly matters. 🌟

17/08/2026
15/08/2026

दौलत का घमंड इंसान को अंधा कर देता है। क्या आप इस विचार से सहमत हैं?

14/08/2026

इंसान पर नहीं, माँ पर भरोसा रखें। जिसे आज आप अपना दुख बता रहे हैं, कल वही आपका मजाक उड़ा सकता है। अपनी पीड़ा सिर्फ माँ के चरणों में रखें। कमेंट में 'जय माता दी' लिखें।

अगर खुद से मजबूत बनना है, तो अकेले रहने की आदत डाल।क्यों?क्योंकि भीड़ में तू "सीखेगा" नहीं, "भटकेगा"।1. भीड़ बोलेगी — "य...
24/07/2026

अगर खुद से मजबूत बनना है,
तो अकेले रहने की आदत डाल।

क्यों?

क्योंकि
भीड़ में तू "सीखेगा" नहीं, "भटकेगा"।

1. भीड़ बोलेगी — "ये कर" — तू करेगा
2. भीड़ बोलेगी — "वो मत कर" — तू डरेगा
3. भीड़ बोलेगी — "तुझसे नहीं होगा" — तू टूटेगा

पर अकेले में —
1. कोई शोर नहीं — सिर्फ तेरी आवाज
2. कोई राय नहीं — सिर्फ तेरा फैसला
3. कोई सहारा नहीं — सिर्फ तेरे हाथ

तभी तो —
लोहा अकेले भट्टी में तपकर तलवार बनता है।
बीज अकेले अंधेरे में फटकर पेड़ बनता है।
शेर अकेले जंगल में रहकर राजा बनता है।

और इंसान?
अकेले रोकर, सोचकर, लड़कर — "मजबूत" बनता है।

इसीलिए
जो अकेले रहने से डरता है,
वो जिंदगी भर "किसी का" गुलाम रहता है।

और जो अकेले रहना सीख गया,
वो खुद का "मालिक" बन जाता है।

क्योंकि
भीड़ में "सपोर्ट" मिलता है,
अकेले में "शक्ति" मिलती है।

जय माता दी 🪔

समय तेरे साथ है, लेकिन तू समय के साथ नहीं है।मतलब समझ?समय — रोज 24 घंटा दे रहा है — बराबर  रोज सुबह 5 बजे उठा रहा है — म...
21/07/2026

समय तेरे साथ है,
लेकिन तू समय के साथ नहीं है।

मतलब समझ?

समय —
रोज 24 घंटा दे रहा है — बराबर
रोज सुबह 5 बजे उठा रहा है — मौका
रोज एक नया दिन दे रहा है — चांस

पर तू —
"कल से करूंगा" — बोलकर टाल रहा
"मूड नहीं है" — बोलकर सो रहा
"टाइम नहीं है" — बोलकर भाग रहा

समय तो वफादार है,
तू ही बेवफा निकला।

तू कहता है — "मेरा वक्त खराब चल रहा"
अरे...
वक्त खराब नहीं, तू "वक्त पर" नहीं चल रहा।

वक्त तो ट्रेन की तरह है —
स्टेशन पर खड़ा है,
सीटी बजा रहा है,
तू प्लेटफॉर्म पर चाय पी रहा है —
"अगली वाली पकड़ लूंगा"

और अगली कभी आती ही नहीं।

इसीलिए
गरीब-अमीर सबके पास 24 घंटा है,
फर्क सिर्फ इतना —
एक समय के साथ चलता है,
दूसरा समय को गाली देता है।

समय तेरे साथ है भाई...
बस तू उसके साथ चलना शुरू कर — आज से।

जय माता दी 🪔

ज्ञान को सीखने के लिए किसी के पास समय नहीं।सच है।क्योंकि 1. 2 घंटा — Reels स्क्रॉल करने का समय है  2. 1 घंटा — दूसरों की...
20/07/2026

ज्ञान को सीखने के लिए
किसी के पास समय नहीं।

सच है।

क्योंकि
1. 2 घंटा — Reels स्क्रॉल करने का समय है
2. 1 घंटा — दूसरों की चुगली का समय है
3. 3 घंटा — Web Series का समय है

पर 10 मिनट — किताब पढ़ने का समय नहीं है।
5 मिनट — किसी बुजुर्ग से सीखने का समय नहीं है।
2 मिनट — खुद से सवाल पूछने का समय नहीं है।

फिर कहते हैं —
"किस्मत खराब है"
"गुरु नहीं मिला"
"टाइम ही नहीं मिलता"

अरे भाई...
टाइम नहीं मिलता, निकालना पड़ता है।

तुझे "मस्ती" के लिए टाइम मिला — क्योंकि तूने निकाला।
तुझे "ज्ञान" के लिए टाइम नहीं मिला — क्योंकि तूने चाहा ही नहीं।

क्योंकि
अज्ञान "Free" में मिलता है — Reels पर।
ज्ञान "कीमत" मांगता है — एकांत, सब्र, झुकना।

और आजकल
कोई झुकना नहीं चाहता,
बस "ज्ञानी" कहलाना चाहता है।

इसीलिए
दुनिया "Information" से भरी है,
पर "ज्ञान" से खाली है।

जय माता दी 🪔

इस संसार में कोई कमजोर नहीं है ना ही कोई गरीब है।इन आंसुओं में भी स्वार्थ है, बस वक्त का इंतजार करते हैं।कैसे?देख — 1. ज...
20/07/2026

इस संसार में
कोई कमजोर नहीं है
ना ही कोई गरीब है।

इन आंसुओं में भी स्वार्थ है,
बस वक्त का इंतजार करते हैं।

कैसे?

देख —
1. जो "गरीब हूं" बोलकर रो रहा —
उसके पास भी "स्कीम" है — तेरी जेब काटने की

2. जो "मैं कमजोर हूं" बोलकर झुका है —
वो झुका नहीं, "निशाना" लगा रहा है

3. जो "मेरा कोई नहीं" बोलकर सिसक रहा —
उसका "कोई" बनने का इंतजार कर रहा है — फायदा उठाने के लिए

क्योंकि
यहां "आंसू" भी फ्री में नहीं बहते,
ये भी "Fixed Deposit" हैं —
वक्त आने पर ब्याज सहित वसूले जाएंगे।

गरीब वो नहीं जिसके पास पैसा नहीं,
गरीब वो है जिसके पास "नियत" नहीं।

कमजोर वो नहीं जो चल नहीं सकता,
कमजोर वो है जो "सच" नहीं देख सकता।

और सच ये है —
इस दुनिया में
हर "बेचारा" के पीछे एक "होशियार" छुपा है,
बस वक्त का इंतजार कर रहा है —
तुझे "बेचारा" बनाने के लिए।

इसीलिए
आंसू देखकर पिघल मत,
आंख देख — नियत दिख जाएगी।

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जय माता दी 🪔

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