24/03/2015
पंचम स्कन्दमाता कार्तिकेय रूप से भी जाने जाते है ! देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे! त्वं स्वाहा त्वं स्वधा त्वं हि वष्टकारः स्वरात्मिका ।
सुधा त्वं अक्षरे नित्ये तृधा मात्रात्मिका स्थिता