05/02/2026
भारत और अमेरिका के बीच 2 फरवरी को एक ट्रेड डील हुई। इसमें अमेरिका ने शर्त रखी की भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा। साथ ही भारत को अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमत हो गया है। हालांकि भारत की तरफ से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया। वहीं रूस ने भी कहा है कि उसे भारत की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। लेकिन इस बीच भारत में रूसी तेल का आयात जारी है।
रूस-यूक्रेन के बाद भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। भारत को आयात होने वाले कच्चे तेल में रूसी तेल की सबसे ज्यादा मात्रा थी। हालांकि ट्रंप की 500 फीसदी टैरिफ की धमकी के बाद भारत ने रूस से तेल का आयात कम कर दिया था, लेकिन बंद नहीं किया। ट्रंप ने भी कहा था कि भारत ने रूसी तेल खरीदना कम कर दिया है। ट्रंप रूसी तेल को लेकर जो भी दावा करें, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। सीएनबीसी ने डेटा के हवाले से बताया है कि प्रतिबंधों वाले रूसी तेल को ले जाने वाले गुप्त टैंकर ( शैडो फ्लीट ) अभी भी भारतीय बंदरगाहों पर तेल उतार रहे हैं।