20/07/2024
बात एक राज़ की..... आपके बारे में...
1.- वो जो केवल आप जानते हैं - अपने बारे में - लोग नहीं - आपकी ईच्छा, आंतरिक चाहत, नफरत, वैचारिक उथल-पुथल, भक्ति , विषय-पिपासा... सर्वथा गुप्त
2.- वो जो केवल लोग जानते हैं - आप नहीं - जी हाँ आप ही के बारे में - ईर्ष्या, द्वेष, शारीरिक या साँसों की सुगँध या दुर्गंध, यहाँ-वहाँ खुजाने की आदत , बिना दूरी मेन्टेन किये थूक उड़ाते बात करने की आदत , तमाम वो हरकतें जो आप अनजाने में करते हैं - लोग जानते हैं - आप को तो ईल्म ही नहीं... सर्वथा उजागर
3.- वो जो आप भी जानते हैं और लोग भी - आपके बारे में - आपकी डिग्री, सामाजिक प्रतिष्ठा, घर-जमीन , व्यापार-नौकरी, परिवार , वाहन , रहन-सहन , खान-पान और भी कई बातें... सर्वथा उजागर
4.- वो जो न तो आप जानते हैं और न ही लोग - आपके बारे में - अब चकरा गए - ये बातें हैं आपकी उच्चाकाँक्षा-महत्त्वाकांक्षा , नेतृत्त्व क्षमता , वॉइस का जादू, हुनर , दिमागी क्षमता, बौद्धिक तीव्रता, आगे बढ़ने की असीम ऊर्जा और चाहत , धैर्य , आध्यात्मिकता, छुपी कर्म कौशलता , अपने को प्रदर्शित कर पाने की ताकत , अपने ईष्ट को मानने की ताकत ,कुंडली की ताकत आपके वास्तु की छूपी हुई असीम ऊर्जा ...... ऐसी कई बातें , जो न आप जानते हैं अपके बारे में न ही लोग ... सर्वथा गुप्त....... इसीलिए एक गुरु जरूरी है , इस गुरुपूनम में किसी एक के समक्ष सरेंडर हो जाओ अपना एटीट्यूड छोड़कर...
एक गुरु चुन लो , जो आपको इस जीवन में आपकी छुपी ऊर्जाओं से मिला सके , आपके छुपे " मैं " को आप से मिला सके ...
श्री कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्
वास्तुविद् लिकेश टाँक