23/12/2025
DKS Marketing-9893636226
सोलर इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया -
1️⃣ साइट सर्वे
“सही जगह चुनी, तो धूप पूरी मिली!”
सबसे पहले आपकी छत/जगह का सर्वे किया जाता है –
धूप, छाया, दिशा और स्ट्रक्चर की मजबूती चेक की जाती है।
2️⃣ सिस्टम डिजाइन
“जरूरत के हिसाब से सोलर प्लान!”
आपकी बिजली खपत के अनुसार
सोलर पैनल, इन्वर्टर और क्षमता (kW) तय की जाती है।
3️⃣ डिस्कॉम अप्रूवल (On-Grid में)
“सरकारी मंजूरी, सोलर की गारंटी!”
नेट मीटरिंग के लिए
बिजली विभाग (DISCOM) से अनुमति ली जाती है।
4️⃣ स्ट्रक्चर इंस्टॉलेशन
“मजबूत आधार, सालों का साथ!”
छत पर GI / Aluminum स्ट्रक्चर लगाया जाता है
ताकि पैनल सुरक्षित और सही एंगल पर रहें।
5️⃣ सोलर पैनल इंस्टॉलेशन
“धूप को पकड़ो, बिजली बनाओ!”
सोलर पैनल स्ट्रक्चर पर फिट किए जाते हैं
और सही दिशा में सेट किए जाते हैं।
6️⃣ इन्वर्टर व वायरिंग
“DC से AC, बिजली आपके पास!”
इन्वर्टर, DCDB, ACDB और पूरी वायरिंग
सुरक्षा मानकों के साथ की जाती है।
7️⃣ नेट मीटर इंस्टॉलेशन
“बिजली बची, मीटर ने गिनी!”
नेट मीटर लगाया जाता है
जो बिजली आयात–निर्यात दोनों रिकॉर्ड करता है।
8️⃣ टेस्टिंग और कमिशनिंग
“चालू हुआ सोलर, शुरू हुई बचत!”
पूरा सिस्टम टेस्ट करके
ग्रिड से जोड़ा जाता है और चालू किया जाता है।