20/05/2018
क्या आपने कभी सोचा कि 20-30 साल बाद आपकी सम्पति का मालिक कौन होगा ?
याद रखना धर्मान्धों की आबादी थोड़ी और बढ़ते तुम्हारा राष्ट्र इस्लामिक राष्ट्र हो जायेगा, और ये पहली बार नहीं होगा ऐसा पहले भी हो चुका है .....
एक समय पूरे काबूल (अफगानिस्तान) का व्यापार सिक्खों के हाथ था आज उस पर नीच तालिबानों का कब्ज़ा है ।
सत्तर वर्ष पहले पूरा सिंध सिंधियों का था, आज उनकी पूरी धन संपत्ति पर पाकिस्तानियों का कब्ज़ा है ।
एक समय धन धान्य और एश्वर्य से पूर्ण कश्मीर पण्डितों, हिन्दुओ का था आज उनके उन महलों और झीलों सेब के बागो पर आतंक का कब्ज़ा हो गया और आज वे टेंटों में ज़िंदगी गुजार रहे हैं ।
एक समय था जब ढाका का हिंदू बंगाली पूरी दुनिया में जूट का सबसे बड़ा कारोबारी था, आज उसके हाथ में कुछ नहीं, सब इस्लामी भेडियों के हाथ में है।
गुरु नानक का ननकाना साहब, लवकुश का लाहौर, दाहिर का सिंध,चाणक्य का तक्षशिला, ढाकेश्वरी माता का मंदिर देखते ही देखते सब पराये हो गए ।
पाँच नदियों से बने पंजाब में अब केवल दो ही नदियाँ बची हैं, इस देश के मूल समाज की सारी समस्याओं की जड़ ही संगठन का अभाव है!
कोई व्यापारी असम के चाय के बागान अपना समझ रहा है कोई आंध्र की खदानें अपनी मान रहा है, तो कोई सोच रहा है ये हीरे का व्यापार सदा सर्वदा उसी का रहेगा लेकिन....
धर्म सुरक्षित नहीं तो कुछ भी सुरक्षित नहीं
पैसा कमाया सिंध में सिंधियों ने,
1947 में जब धर्म सुरक्षित न रहा तो सब छोड़कर भागना पड़ा सिंध से
पैसा कमाया कश्मीर में पंडितों ने,
बाद में केसर के खेत छोड़ कर भागना पड़ा कश्मीर से
जूट व्यापारियों ने खूब पैसा बनाया बंगाल में,
बाद में मालूम पड़ा की बंगाल तो उधर रह गया ये तो पूरब पाकिस्तान (1971 से बांग्लादेश) है तो भागना पड़ा बांग्लादेश से
पैसा कमाओ अच्छी बात है ।लेकिन धर्म सुरक्षा व समाज सुरक्षा में भी लगाओ. धर्म और देश व आने समाज के लिए सुबह 1 घंटा समय भी दो वरना सारा कमाया छोड़ भागने को तैयार रहो ।