06/10/2020
🌹🌹छः मुखी रुद्राक्ष🌹🌹
देवताओं के सेना प्रमुख स्वामी कार्तिकेय और भगवान शिव छः मुखी रुद्राक्ष के स्वामी हैं।
इसे धारण करने वाले व्यक्ति को भगवान कार्तिकेय का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भगवान कार्तिकेय के अलावा गणेश जी छह मुखी रुद्राक्ष के अधिपति हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह इस रुद्राक्ष का स्वामी है। शुक्र प्रेम, सुंदरता, आकर्षण, कलात्मक प्रतिभा का कारक होता है। इसलिए जो व्यक्ति छह मुखी रुद्राक्ष को धारण करता है उनकी उपरोक्त चीज़ों में वृद्धि होती है। जीवन में सकारात्मकता को लाने के लिए छह मुखी रुद्राक्ष बहुत ही कारगर है।
सफलता को पाने के लिए अभिनय, कला, शिक्षा, फैशन और राजनीति से जुड़े जातकों को छह मुखी रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए।
यह सुप्रसिद्ध योग मुद्रा शदाधर कमलचक्र प्राप्त करने में मदद करता है।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस रुद्राक्ष को पहनने से कई तरह के अनुभव और लाभ होते हैं, इसमें असंख्य गुण हैं
🌹यह आँख, मूत्र एवं गर्दन से संबंधित पीड़ा को दूर करता है।
🌹इसके प्रभाव से व्यक्ति की इच्छाशक्ति और ज्ञान में वृद्धि होती है तथा ख़ुशियों का आगमन होता है।
🌹वह ज्ञान के दाता और निर्देशक हैं।
🌹यह रुद्राक्ष छात्रों और विद्वानों के लिए उपयोगी है।
🌹मानसिक कार्य संबंधी अध्ययन से जुड़े लोग इस रुद्राक्ष को अवश्य धारण करें।
🌹यह महिलाओं के रोगों में भी बेहद उपयोगी है।
🌹इस रुद्राक्ष को पहनने वाला व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी सभी समस्याओं पर विजय प्राप्त करता है।
🌹 वह मानसिक , तेजस्वी और जोश से भरा रहता है।
🌹वह धन और संपत्ति से संबंधित परेशानियों से बचा रहता है।
🌹उनका शरीर बीमारियों से मुक्त रहता है।
🌹इस रुद्राक्ष को पहनने से रक्तचाप, अस्थमा और हृदय की अन्य समस्याओं से पीड़ित लोगों को लाभ होता है।