T€rî ýáàd $ááth háī

T€rî ýáàd $ááth háī Hø mûmkiñ tø ápñâ báñâ lø tûm. "
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M€ri táñhái gáwh hái m€râ ãpñá køi ñåhi....

28/06/2018

Tujhe jab khat mai likhta hu meri tahreer roti h
tujhe jab yaad krta hu meri taqdeer roti h

15/03/2018

*☆↬झूठ बोलते

14/03/2018

"Pyar"
Sabhi krte hain magar...
Koi dil s krta hai to..
Koi deemag s krta hai...

22/07/2017

हर मुलाक़ात पर वक़्त का तक़ाज़ा हुआ।
हर याद पर दिल का दर्द ताज़ा हुआ।

सुनी थी सिर्फ ग़ज़लों में जुदाई कि बातें।
अब खुद पर बीती तो हकीकत का अंदाजा हुआ

18/07/2017

*Ab mene Bhi Kalam🖊rakhna sikh liya h*



*Jis din bhi koi kahega ham tumare he ? ✍🏻 krwa lunga*

07/02/2016

न जाने कैसे आग लग गई बहते हुये पानी में..हमने तो बस कुछ ख़त बहाये थे, “उसके नाम के“…

07/02/2016

वेलेंटाइन डे आते ही छोटू की आँखों में एकख़ुशी की लहर दौड़

जाती थी ! मंदिर के साइड से लगे दुकान पे

काम करने वाला छोटू

हर बार की तरह इस बार भी खूब सारे

गुलाब की पंखुड़िया खरीद

लाया था ! छोटू को ये

नहीं पता था की वेलेंटाइन डे

होता क्या है ? पर ये जरूर पता था उसे

कि आज दस का बिकने

वाला गुलाब पच्चास में बेचेगा ! वह सुबह से

दौड़ भाग में

लगा था इस उम्मीद में कि आज

अच्छी कमाई कर

लेगा वो..दो तीन घंटे में उसके सारे गुलाब बिक

गए ! उसने

जल्दी से पैसो का गुना भाग करके पाँच

सौ अलग निकल

लिया !

अब फुर्ती से भागकर सेठ के पास

पंहुचा उसकी उधारी चुकाई !

और दनदनाता हुआ बाजार पहुंच गया हीरामन

के

दुकान पे..

“अरे छोटू आज बड़ी जल्दी आ गया रे तू

तो ..?

हा चच्चा आज चौदह फरवरी है न

अरे हाँ में तो भूल ही गया था ..

“बता क्या चाहिए ?

वो हरी वाली फ्रॉक तो दिखाना चच्चा ,

छोटू ने

चहकते हुए कहा

“महंगी है नहीं ले पायेगा

कित्ते कि है ?

“पुरे चार सौ अस्सी कि बोल पैक कर दू क्या.?

छोटू ने कुछ देर सोचते हुए कहा ..

ठीक है चच्चा कर दो पैक..

पाँच सौ में चार सौ अस्सी गया बचा बीस..

अच्छा बीस कि डेरी मिल्क

भी पैक कर दियो चच्चा..

“ये ले कहते हुए चच्चा ने उसे पैकेट थम दिया..

छोटू फुदकते हुए घर पंहुचा माँ से

पूछा “छोटी कहा है..?

यही कही खेल

रही होगी..?

छोटू ने उसे जल्दी से ढूढ़ा और जादू

कि झप्पी देते हुए बोला

“यिप्पी वेलेंटाइन डे छोटी ”

🙏🏻🌹सोच सोच का फरक है प्यार तो प्यार ही होता है🌹🙏🏻

04/02/2016

मुझे आदत नहीं यूं हर किसी पे मर मिटने की, पर तुझे देख कर दिल ने सोचने तक की मोहलत ना दी££

03/06/2015

बचपन भी कमाल का था।
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर,
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी।

26/04/2015

suno tum ishq ko pakad laao
main khanzar tez krta hu....

25/04/2015

"Dil k Zakhm0n ko Tabas'sum mein chupaRehney Do...!!!...Tazkara-E-Gham karny Sy yahan Log Hansakartay Hain..

13/03/2015

Listen to the extent they have to ask us to graph the day we went to sleep at night

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