बेटी बचाओ अभियान

बेटी बचाओ अभियान बेटी बचाओ अभियान रोहतक

03/10/2022
11/04/2019

जब बेटी और बहु दोनों मांँ बनने वाली हो तो भी परिवार में सबसे पहले बेटी को ही प्राथमिकता दी जाती हैं! उस बहु का दर्द कोई मायने नहीं रखता??
बेटी को मायके में बुला लिया जाता है पर बहु को नहीं भेजना चाहते हैं क्या वो किसी की बेटी नहीं???
बहु को सब सहन करना पड़ता हैं पर बेटियों को आराम जरूरी है! जो बोल सकता है वो बहु बुरी बन जाती हैं और जो सहन करती हैं वो बेचारी??
आप सभी अपने विचार व्यक्त करे क्या ये उचित है??

20/03/2019

खुशियों से हो ना कोई दुरी,
रहे न कोई ख्वाहिश अधूरी।
रंगो से भरे इस मौसम में,
रंगीन हो आपकी दुनिया पूरी।

आपको और आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

परमपिता परमात्मा से कामना है कि आपके व आपके परिवार के साथ सभी के लिए सुखदायक, मंगलकारी व आनंददायक हो।

होली की हार्दिक शुभकामनाएं

कुलदीप शर्मा

‪नया साल,नया संकल्प,नया हरियाणा बनाने का,‬‪शिक्षा,स्वास्थ्य, कृषि में प्रदेश को चमकाने का,‬‪बेरोजगारी मिटाने का, संघर्ष ...
01/01/2019

‪नया साल,नया संकल्प,नया हरियाणा बनाने का,‬
‪शिक्षा,स्वास्थ्य, कृषि में प्रदेश को चमकाने का,‬
‪बेरोजगारी मिटाने का, संघर्ष करते जाने का।‬
‪ ‬
हरियाणा के जन जन को नव वर्ष की बधाई के साथ नव वर्ष में साथ चलने की शुरुवात - जन जन अभियान की शुरुआत
कुलदीप शर्मा
राष्ट्रीय अध्यक्ष
हरियाणा पार्टी
उगता हुआ सुरज

10/12/2018

बोर्ड परिक्षा नजदीक है ,और विद्यार्थियों के साथ साथ अविभावक पर भी प्रेशर बढ रहा है ,,बोर्ड परिक्षा एक पायदान है जिसके ऊपर बच्चों का भविष्य निर्धारित होता है ,,आजकल जिस तरह से प्रतिशत से प्रतिभा को आंका जाने लगा है ऐसे में प्रेशर बनना भी स्वभाविक है !!!
लेकिन सवाल ये है कहां तक उचित है बच्चों पर पढाई का बोझ डालना ,,सभी अविभावक चाहते हैं उनके बच्चे सर्वश्रेष्ठ बने लेकिन सच्चाई ये है दुनियां में भिन्न भिन्न प्रकार के व्यक्ति हैं और सबका मष्तिष्क भी अलग है ,,किसी बच्चे को खेल में रुचि होती है ,,किसी को पैंटिंग में ,,कोई अच्छा नृत्य करता है तो किसी के आवाज में जादू होती है ,,कोई पढ़ाई में परिपुर्ण होता है ,,लेकिन बोर्ड परिक्षा में सभी एक ही तराजू में तौले जाते हैं कि किसको कितने प्रतिशत मिले और इसी से उनका भविष्य निर्धारित हो जाता है !!!
मेरे ख्याल से ये सही नही ,,यही वजह होती है कि छोटे छोटे बच्चे आत्महत्या करने लगे हैं ,,डिप्रेशन में जाने लगे हैं ,,अपने माता पिता से दूर रहने लगे हैं क्योंकि वो आपके पास आते भी हैं तो आपका सारा ध्यान उनकी परिक्षा की तैयारी पर ही होता है ,,जिससे वो चिढ जाते हैं !!
कुलदीप शर्मा

04/12/2018

*** STRI***

स्त्री तुम पुरुष न हो पाओगी....
वो कठोर दिल कहाँ से लाओगी....

ज्ञान की तलाश क्या सिर्फ बुद्ध को थी?
क्या तुम नहीं पाना चाहती वो ज्ञान?
किन्तु जा पाओगी,अपने पति परमेश्वर
और नवजात शिशु को छोड़कर....
तुम तो उनपर जान लुटाओगी....
उनके लिये अपने भविष्य को दाँव पर लगाओगी...
उनकी होंठो के एक मुस्कुराहट के लिए
अपनी सारी खुशियो की बलि चढ़ाओगी....

स्त्री तुम पुरुष न हो पाओगी....
वो कठोर दिल कहाँ से लाओगी....

क्या राम बन पाओगी????
क्या कर पाओगी अपने पति का परित्याग,
उस गलती के लिए जो उसने की ही नहीं????
ले पाओगी उसकी अग्निपरीक्षा
उसके नाज़ायज़ सबंधो के लिए भी????
क्षमा कर दोगी उसकी गलतियों के लिए,
हज़ार गम पीकर भी मुस्काओगी....

स्त्री तुम पुरुष न हो पाओगी....
वो कठोर दिल कहाँ से लाओगी....

क्या कृष्ण बन पाओगी????
जोड़ पाओगी अपना नाम किसी परपुरुष के साथ????
जैसे कृष्ण संग राधा....
अगर तुम्हारा नाम जुड़ा....
तो तुम चरित्रहीन कहलाओगी....
तुम मुस्कुराकर बात भी कर लोगी,
तो भी कलंकिनी कुलटा कहलाओगी....

स्त्री तुम पुरुष न हो पाओगी........
वो कठोर दिल कहाँ से लाओगी.......

क्या युधिष्ठिर बन पाओगी????
जुए में पति को हार जाओगी?????
तुम तो उसके सम्मान की खातिर,
दुर्गा चंडी हो जाओगी...
खुद को कुर्बान कर जाओगी......
मौत भी आये तो ,उसके समक्ष अभय खड़ी हो जाओगी।
स्त्री तुम पुरुष न हो पाओगी.......
वो कठोर दिल कहाँ से लाओगी.......

रहने दो तुम ये सब...क्योंकि...

तुम नाजुक हो,
तुम सरल हो,
तुम सहज हो,
तुम निश्चल हो,
तुम निर्मल हो,
तुम कोमल हो,
तुम जीवन हो,
तुम प्रेम ही प्रेम हो,

ईश्वर की अद्भुत सुंदरतम कृति हो तुम....
"स्त्री हो तुम"

02/12/2018

बेटी नहीं है किसी से कम, मिटा दो अपने सारे भ्रम,
हर घर में अब आवाज उठेगी, बेटियां भी अब आगे बढेंगी,
अब न बनाओ कोई नया किस्सा, बेटियों को दो अब समाज में हिस्सा कुलदीप शर्मा

आज मेरे बेटे भविष्य का जन्मदिन है आप सभी अपना आशीर्वाद दे जन्म दिन के शुभ अवसर पर,मेरे बेटे तुमको मेरा ये आशीष है,स्वस्थ...
04/11/2018

आज मेरे बेटे भविष्य का जन्मदिन है आप सभी अपना आशीर्वाद दे
जन्म दिन के शुभ अवसर पर,
मेरे बेटे तुमको मेरा ये आशीष है,
स्वस्थ और सुखमय जीवन हो तुम्हारा,
दीर्घायु तुम्हे प्राप्त हो,
मेरे सुख तुझको लग जाए,
तेरे दुःख मुझको मिल जाए,
ईश्वर से यही मेरी आस है,बेटा
है नाम तुम्हारा,
इस नाम को सार्थक करना
तुम्हारा काम है,
उन्नति के पथ पर अग्रसर हो तुम,
उत्कर्ष की पराकाष्ठा प्राप्त हो,
सही राह पर बढ़ते जाओ,
ईश्वर हर पल तुम्हारे साथ हो,
और तुम्हे विश्व में प्रसिद्धि प्राप्त हो।जीवन में यही कामना करता हैु और किसी बहने बेटी की इज्जत बचाना और भूखे को खाना खिला बडा धर्म है और किसी को सारा देना और देश की सेवा करना जीवन का सब से बड़ा धर्म है बेटा भविष्य

25/10/2018

मेरा आप सभी को मेरा प्रणाम करता हूँ चलो एक शुरुआत करते हैं महिलाओं बहन बेटी मित्रों का सम्मान करे अबुलेस को रास्ता दें किसी कि जान बचाने का परीयाष करे और भाई चारे का सम्मान करे
और यातायात टरफीक का ध्यान करे और औरटक ने अपना नियम का पालन करे जीवन ही एकमात्र सुरक्षा है और किसी बहन बेटी की इज्जत से खिलवाड़ ने करे और गाली ने दे और अपने बच्चों पर ध्यान दें की भारतीय संस्कृति ही जीवन की धरोहर हैं और पहनावा कपड़ों पर ध्यान दें आप की जीवन ही सुरक्षा है शालीनता, मर्यादा, अपने बड़ो का मान सम्मान का ख्याल रखना, भाषा का प्रयोग मर्यादा शालीनता के अंदर होना, । कहीं पर उग्रता, उतावलापन,न हो इस बात का ध्यान रखें ।
जो भी कार्य करें नियमों के अंदर रहकर करें । किसी भी प्रकार से नियमों का उल्लंघन न हो । हम सभी धर्म से सेवा से जुड़े हैं । किसी भी प्रकार से कोई भी बात पर राजनीति नही करना है ।हमारा उद्देश्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, धर्म आध्यत्मिक कार्य , और सेवा करना है भटके हुए इंसानों को सही मार्ग पर चलाना है । राष्ट्र की सेवा इन्ही कार्यों के माध्यमो से करना है ।
आप सभी की कुलदीप शर्मा

05/09/2018

जानते हो एक स्त्री क्या है ,,

गले लगाओ तो फूल ,,
खेल समझो तो शूल !!

सम्मान करो तो,ममता और त्याग ,,
अपमान करो तो तलवार की धार !!

प्रेम दो तो पत्नी है अर्धांगनी,,
सम्पति समझो तो वो तुम्हारी कोई नही कुलदीप शर्मा

05/09/2018

समाज में अश्लीलता फ़ैलाने पर आईपीसी की धारा 292 समाज में अश्लीलता फ़ैलाने पर लागू होती है....
समाज में अश्लीलता फैलाना भी संगीन गुनाह की श्रेणी में आता है। अश्लील साहित्य, अश्लील चित्र या फिल्मों को दिखाना,वितरित करना और इससे किसी प्रकार का लाभ कमाना या लाभ में किसी प्रकार की कोई भागीदारी कानून की नजर में अपराध है और ऐसे अपराध पर आईपीसी की धारा 292 लगाई जाती है। इसके दायरे में वो लोग भी आते हैं जो अश्लील सामग्री को बेचते हैं या जिन लोगों के पास से अश्लील सामग्री बरामद होती है।

सजा : अगर कोई पहली बार आईपीसी की धारा 292 के तहत दोषी पाया जाता है तो उसे 2 साल की कैद और 2 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार या फिर बार-बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की कैद और 5 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है कुलदीप शर्मा

28/08/2018

आत्म सम्मान होता है सबका
छोटे का भी और बड़े बूढ़े का भी
अहं भी होता है हर एक का
हर मनुष्य का अपना अपना
उचित नहीं कभी किसी का
अपमान करना, नीचा दिखाना
किसी भांति, किसी बहाने कभी
किसी का जाने अनजाने दिल दुखाना
चुभती हुई कोई बात कह देना
अथवा व्यंग्य बाण चलाना
आवशयक है कड़वी बातों को
क्षमा कर देना और भूल जाना।

Address

Rohtak
Haryana
124001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when बेटी बचाओ अभियान posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share