Pooja Dham

Pooja Dham Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Pooja Dham, Business service, S105/5A/II Floor, Yashwant Plaza, Indore.

दिवाली की रात में कहां-कहां लगाये  दिये (दीपक )  एवं दीपावली का शुभ मुहूर्त - श्री भगवान वेदांताचार्य सनातन हिंदुओं का स...
14/11/2020

दिवाली की रात में कहां-कहां लगाये दिये (दीपक ) एवं दीपावली का शुभ मुहूर्त - श्री भगवान वेदांताचार्य

सनातन हिंदुओं का सबसे बड़ा महापर्व दिवाली 14 नवंबर को मनाया जाएगा. इस दिन मुख्य तौर पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. मान्यता है कि दीपावली यानी कार्तिक मास की अमावस्या पर लक्ष्मी जी की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है. दिवाली की पूजा विशेष मुहूर्त में की जाती है. इन मुहूर्तों को उस समय के काल और लग्न की गणना के अनुसार निकाला जाता है. दीपावली के दिन दिए लगाने का विशेष महत्व है यद्यपि दीपक का प्रकार भी अनेक तरह का होता है जिसमें मिट्टी पीतल तांबा चांदी सोना इन धातुओं के दीपक अलग-अलग क्रम से लगाने से माता की कृपा के प्रकार में वृद्धि होती है हिंदुओं को किस स्थान पर दिए लगाने चाहिए इसके लिए हमें एकादश स्थान विशेष बताए गए हैं

1- पीपल के पेड़ के नीचे दीपावली की रात एक दीपक लगाकर घर लौट आएं। दीपक लगाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने पर आपकी धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

- यदि संभव हो सके तो दिवाली की रात के समय किसी श्मशान में दीपक लगाएं। यदि यह संभव ना हो तो किसी सुनसान इलाके में स्थित मंदिर में दीपक लगा सकते हैं।

3- धन प्राप्ति की कामना करने वाले व्यक्ति को दीपावली की रात मुख्य दरवाजे की चौखट के दोनों ओर दीपक अवश्य लगाना चाहिए।

4- हमारे घर के आसपास वाले चौराहे पर रात के समय दीपक लगाना चाहिए। ऐसा करने पर पैसों से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।

5- घर के पूजन स्थल में दीपक लगाएं, जो पूरी रात बुझना नहीं चाहिए। ऐसा करने पर महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

6- किसी बिल्व पत्र के पेड़ के नीचे दीपावली की शाम दीपक लगाएं। बिल्व पत्र भगवान शिव का प्रिय वृक्ष है। अत: यहां दीपक लगाने पर उनकी कृपा प्राप्त होती है।

7- घर के आसपास जो भी मंदिर हो वहां रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। इससे सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

8- घर के आंगन में भी दीपक लगाना चाहिए। ध्यान रखें यह दीपक भी रातभर बुझना नहीं चाहिए।

9- घर के पास कोई नदी या तालब हो तो बहा पर रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। इस से दोषो से मुक्ति मिलती है !

10- तुलसी जी और के पेड़ और सालिगराम के पास रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। ऐसा करने पर महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

11- पित्रो का दीपक गया तीर्थ के नाम से घर के दक्षिण में लगाये ! इस से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।लक्ष्मी प्राप्ति के सूत्र

प्रत्येक गृहस्थ इन सूत्रों-नियमों का पालन कर जीवन में लक्ष्मी को स्थायित्व प्रदान कर सकता है। आप भी अवश्य अपनाएं ।।

मंत्र: ॐ श्रीं श्रीं कमले कमलालाये प्रसीद प्रसीद मम गृहे आगच्छ आगच्छ महालक्ष्म्यै नमः।

ॐगजवक्त्राय नमो नमः

मुहुर्थ -

इस साल कार्तिक अमावस्या 14 नवंबर 2020, शनिवार को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट के बाद से लग जाएगी. दिवाली 14 नवंबर 2020, शनिवार को मनाई जाएगी. बह्मपुराण के अनुसार, अर्द्धरात्रि व्यापिनी अर्थात आधी रात तक रहने वाली अमावस्या ही श्रेष्ठ होती है.

प्रदोष काल में क्या करें

14 नवंबर 2020, शनिवार को प्रदोष काल में मंदिर में दीपदान, रंगोली बनाने और पूजा से जुड़ी अन्य तैयारी कर लेनी चाहिए.

साथ ही मिठाई वितरण का काम भी कर लेना चाहिए. इन सभी कार्यों को प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही द्वार पर स्वास्तिक और शुभ-लाभ लिखने का कार्य भी इस दौरान किया जा सकता है.

प्रदोष काल मुहूर्त- शाम 05.26 बजे से रात 08.08 बजे तक

निशीथ काल में क्या करें

14 नवंबर शनिवार के दिन निशीथ काल रात में लगभग 8 बजे से लेकर 11 बजे तक रहेगा. स्थानीय प्रदेशों के अनुसार इस दौरान कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. इस काल में धन की देवी लक्ष्मी का आह्वान एवं पूजन, गल्ले की पूजा तथा हवन आदि कार्य पूरे कर लेने चाहिए.

निशीथ काल मुहूर्त- रात में 08.08 बजे से 10.51 बजे तक

महानिशीथ काल में क्या करें

महानिशीथ काल में कर्क लग्न भी हो तो शुभ माना जाता है. जो लोग शास्त्रों के अनुसार दिवाली पूजन करना चाहते हैं, उन्हें इस समयावधि में पूजा कर लेनी चाहिए. इस काल में मुख्यतौर पर तांत्रिक, ज्योतिर्विद, वेद आरंभ, कर्मकांडी, अघोरी, यंत्र-मंत्र-तंत्र के ज्ञाता अलग-अलग शक्तियों का पूजन करते हैं.

महानिशीथ काल मुहूर्त- रात में 10.51 बजे से 15 नवंबर की रात 02.33 बजे तक

दिवाली पूजन लग्न

वृश्चिक लग्न- सुबह 06.57 बजे से 09.14 बजे तक.

कुंभ लग्न- दोपहर में 01.02 बजे से 02.29 बजे तक

वृष लग्न- शाम को 05.30 बजे से 07.24 बजे तक

सिंह लग्न- रात में 12 बजे से 15 नवंबर की रात 02.17 बजे तक

महालक्ष्मी की कृपा-

1. जीवन में सफल रहना है या लक्ष्मी को स्थापित करना है तो प्रत्येक दशा में सर्वप्रथम दरिद्रता विनाशक प्रयोग करना ही होगा। यह सत्य है की लक्ष्मी धनदात्री हैं, वैभव प्रदायक हैं, लेकिन दरिद्रता जीवन की एक अलग स्थिति होती है और उस स्थिति का विनाश अलग ढंग से सर्वप्रथम करना आवश्यक होता है।
2. लक्ष्मी का एक विशिष्ट स्वरूप है "बीज लक्ष्मी"। एक वृक्ष की ही भांति एक छोटे से बीज में सिमट जाता है - लक्ष्मी का विशाल स्वरूप। बीज लक्ष्मी साधना में भी उतर आया है भगवती महालक्ष्मी के पूर्ण स्वरूप के साथ-साथ जीवन में उन्नति का रहस्य।
3. लक्ष्मी समुद्र तनया है, समुद्र से उत्पत्ति है उनकी, और समुद्र से प्राप्त विविध रत्न सहोदर हैं उनके, चाहे वह दक्षिणवर्ती शंख हो या मोती शंख, गोमती चक्र, स्वर्ण पात्र, कुबेर पात्र, लक्ष्मी प्रकाम्य क्षिरोदभव, वर-वरद, लक्ष्मी चैतन्य सभी उनके भ्रातृवत ही हैं और इनकी गृह में उपस्थिति आह्लादित करती है, लक्ष्मी को विवश कर देती है उन्हें गृह में स्थापित कर देने को।
4. समुद्र मंथन में प्राप्त कर रत्न "लक्ष्मी" का वरण यदि किसी ने किया तो वे साक्षात भगवान् विष्णु। आपने पति की अनुपस्थिति में लक्ष्मी किसी गृह में झांकने तक की भी कल्पना नहीं कर करतीं और भगवान् विष्णु की उपस्थिति का प्रतीक है शालिग्राम, अनंत महायंत्र एवं शंख। शंख, शालिग्राम एवं तुलसी का वृक्ष - इनसे मिलकर बनता है पूर्ण रूप से भगवान् लक्ष्मी - नारायण की उपस्थिति का वातावरण।
5. लक्ष्मी का नाम कमला है। कमलवत उनकी आंखे हैं अथवा उनका आसन कमल ही है और सर्वाधिक प्रिय है - लक्ष्मी को पदम। कमल - गट्टे की माला स्वयं धारण करना आधार और आसन देना है लक्ष्मी को आपने शरीर में लक्ष्मी को समाहित करने के लिए।
6. लक्ष्मी की पूर्णता होती है विघ्न विनाशक श्री गणपति की उपस्तिथि से जो मंगल कर्ता है और प्रत्येक साधना में प्रथम पूज्य। भगवान् गणपति के किसी भी विग्रह की स्थापना किए बिना लक्ष्मी की साधना तो ऐसी है, ज्यों कोई अपना धन भण्डार भरकर उसे खुला छोड़ दे।
7. लक्ष्मी का वास वही सम्भव है, जहां व्यक्ति सदैव सुरुचिपूर्ण वेशभूषा में रहे, स्वच्छ और पवित्र रहे तथा आन्तरिक रूप से निर्मल हो। गंदे, मैले, असभ्य और बक्वासी व्यक्तियों के जीवन में लक्ष्मी का वास संभव ही नहीं।
8. लक्ष्मी का आगमन होता है, जहां पौरुष हो, जहां उद्यम हो, जहां गतिशीलता हो। उद्यमशील व्यक्तित्व ही प्रतिरूप होता है भगवान् श्री नारायण का, जो प्रत्येक क्षण गतिशील है, पालन में संलग्न है, ऐसे ही व्यक्तियों के जीवन में संलग्न है। ऐसे ही व्यक्तियों के जीवन में लक्ष्मी गृहलक्ष्मी बनकर, संतान लक्ष्मी बनकर आय, यश, श्री कई-कई रूपों मे प्रकट होती है।
9. जो साधक गृहस्थ है, उन्हें अपने जीवन मे हवन को महत्वपूर्ण स्थान देना चाहिए और प्रत्येक माह की शुक्ल पंचमी को श्री सूक्त के पदों से एक कमल गट्टे का बीज और शुद्ध घृत के द्वारा आहुति प्रदान करना फलदायक होता है।
10. आपने दैनिक जीवन क्रम में नित्य महालक्ष्मी की किसी ऐसी साधना - विधि को सम्मिलित करना है, जो आपके अनुकूल हो, और यदि इस विषय में निर्णय - अनिर्णय की स्थिति हो तो नित्य प्रति, सूर्योदय काल में निम्न मन्त्र की एक माला का मंत्र जप तो कमल गट्टे की माला से अवश्य करना चाहिए।

काशी (बनारस), उज्जैन एवं नाशिक ज्योतिर्लिंग में वेद पाठी ब्राम्हणों द्वारा कर्मकांड के लिए आज ही संपर्क करें -9935553421...
10/11/2020

काशी (बनारस), उज्जैन एवं नाशिक ज्योतिर्लिंग में वेद पाठी ब्राम्हणों द्वारा कर्मकांड के लिए आज ही संपर्क करें -
9935553421
आपकी कुंडली देख कर हर समस्याओं का समाधान किया जाता है.

#पूजा #हवन #यज्ञ #अनुष्ठान #हिन्दुपूजा

काशी (बनारस), उज्जैन एवं नाशिक ज्योतिर्लिंग में वेद पाठी ब्राम्हणों द्वारा कर्मकांड के लिए आज ही संपर्क करें -9935553421...
02/11/2020

काशी (बनारस), उज्जैन एवं नाशिक ज्योतिर्लिंग में वेद पाठी ब्राम्हणों द्वारा कर्मकांड के लिए आज ही संपर्क करें -
9935553421
आपकी कुंडली देख कर हर समस्याओं का समाधान प्रदान किया जाता है।

#पूजा #हवन #यज्ञ #अनुष्ठान #हिन्दुपूजा

काशी (बनारस), उज्जैन एवं नाशिक ज्योतिर्लिंग में वेद पाठी ब्राम्हणों द्वारा कर्मकांड के लिए आज ही संपर्क करें -9935553421...
01/11/2020

काशी (बनारस), उज्जैन एवं नाशिक ज्योतिर्लिंग में वेद पाठी ब्राम्हणों द्वारा कर्मकांड के लिए आज ही संपर्क करें -
9935553421
आपकी कुंडली देख कर हर समस्याओं का समाधान प्रदान किया जाता है.

#पूजा #हवन #यज्ञ #अनुष्ठान #हिन्दुपूजा

Address

S105/5A/II Floor, Yashwant Plaza
Indore
452001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Pooja Dham posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share