The Astor world/manish

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07/03/2019

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मुहूर्त विचार में तिथि के साथ लग्न और नक्षत्र विचार भी आवश्यक होता है।


अगर आपको शुभ कार्य करना है तो शुभ और कोमल नक्षत्र में कार्य शुरू करना चाहिए। इसी प्रकार क्रूर कार्य के लिए कठोर और क्रूर नक्षत्रों का विचार किया जाना चाहिए।

सफल मुहूर्त के लिए लग्न का शुद्ध होना भी आवश्यक माना गया है। अतः मुहूर्त का विचार करते समय लग्न की शुद्धि का भी ध्यान रखना चाहिए अगर नवमांश भी शुद्ध हो तो इसे सोने पे सुहागा कहा जाना चाहिए।
ध्यान देने वाली बात है कि मुहूर्त की सफलता के लिए यह देखना चाहिए कि अष्टम भाव में कोई ग्रह नहीं हो और लग्न स्थान में शुभ ग्रह विराजमान हो।

अगर ऐसी स्थिति नहीं बन रही है तो देखना चाहिए कि त्रिकोण एवं केन्द्र में शुभ ग्रह हों तथा तीसरे, छठे, ग्यारहवें भाव में पाप ग्रह हों।

उत्तम मुहूर्त का विचार करते समय यह भी देखना चाहिए कि लग्न, चन्द्रमा और कार्य भाव पाप कर्तरी में नहीं हों अर्थात्‌ लग्न चन्द्र से दूसरे तथा बारहवें भाव में पाप ग्रह नहीं हों।

06/01/2019

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11/04/2018

Mangal or chandr ki yuti hai sarb sukh dayak is utppan hota hai maha Lakshmi yog agar baki grah achche hoon to. Ye hai Ek mahan yog kya appki kundli main hai??

11/04/2018

देवता आपके इष्ट है, उनका विशेष देव गायत्री मंत्र बोलने से चमत्कारी फल प्राप्त होगा।
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शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक व भौतिक शक्तियों की प्राप्ति के लिए गायत्री उपासना सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। गायत्री ही वह शक्ति है जो पूरी सृष्टि की रचना, स्थिति या पालन और संहार का कारण है।

वेदों में गायत्री शक्ति ही प्राण, आयु, शक्ति, तेज, कीर्ति और धन देने वाली मानी गई है।

गायत्री मंत्र को महामन्त्र पुकारा जाता है, जो शरीर की कई शक्तियों को जाग्रत करता है।

इष्टसिद्धी से मनचाहा काम बनाने के लिए गायत्री मंत्र के 24 अक्षरो के हर देवता विशेष के मंत्रों का स्मरण करें।
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1- श्रीगणेश – मुश्किल कामों में कामयाबी, रुकावटों को दूर करने, बुद्धि लाभ के लिए इस गणेश गायत्री मंत्र का स्मरण करना चाहिए –

ॐ एकदृंष्ट्राय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो बुद्धिः प्रचोदयात्।

2- नृसिंह – शत्रु को हराने, बहादुरी, भय व दहशत दूर करने, पुरुषार्थी बनने व किसी भी आक्रमण से बचने के लिए नृसिंह गायत्री असरदार साबित होता है –

ॐ उग्रनृसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नो नृसिंह प्रचोदयात्।

3- विष्णु – पालन-पोषण की क्षमता व काबिलियत बढ़ाने या किसी भी तरह से सबल बनने के लिए विष्णु गायत्री का महत्व है –

नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।

4- शिव – दायित्वों व कर्तव्यों को लेकर दृढ़ बनने, अमंगल का नाश व शुभता को बढ़ाने के लिए शिव गायत्री मंत्र बड़ा ही प्रभावी माना गया है –

ॐ पञ्चवक्त्राय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।

5- कृष्ण – सक्रियता, समर्पण, निस्वार्थ व मोह से दूर रहकर काम करने, खूबसूरती व सरल स्वभाव की चाहत कृष्ण गायत्री मंत्र पूरी करता है –

ॐ देवकीनन्दाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।

6- राधा – प्रेम भाव को बढ़ाने व द्वेष या घृणा को दूर रखने के लिए राधा गायत्री मंत्र का स्मरण बढ़ा ही लाभ देता है

ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात्।

7- लक्ष्मी – रुतबा, पैसा, पद, यश व भौतिक सुख-सुविधाओं की चाहत लक्ष्मी गायत्री मंत्र शीघ्र पूरी कर देता है –

ॐ महालक्ष्म्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्।

8- अग्रि – ताकत बढ़ाने, प्रभावशाल व होनहार बनने के लिए अग्निदेव का स्मरण अग्नि गायत्री मंत्र से करना शुभ होता है-

ॐ महाज्वालाय विद्महे अग्निदेवाय धीमहि तन्नो अग्निः प्रचोदयात्।

9- इन्द्र – संयम के जरिए बीमारियों, हिंसा के भाव रोकने व भूत-प्रेत या अनिष्ट से रक्षा में इन्द्र गायत्री मंत्र प्रभावी माना गया है –

ॐ सहस्त्रनेत्राय विद्महे वज्रहस्ताय धीमहि तन्नो इन्द्रः प्रचोदयात्।

10- सरस्वती – बुद्धि व विवेक, दूरदर्शिता, चतुराई से सफलता मां सरस्वती गायत्री मंत्र से फौरन मिलती है –

ॐ सरस्वत्यै विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्।

11- दुर्गा – विघ्नों के नाश, दुर्जनों व शत्रुओं को मात व अहंकार के नाश के लिए दु्र्गा गायत्री मंत्र का महत्व है-

ॐ गिरिजायै विद्महे शिव धीमहि तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्।

12- हनुमानजी – निष्ठावान, भरोसेमंद, संयमी, शक्तिशाली, निडर व दृढ़ संकल्पित होने के लिए हनुमान गायत्री मंत्र का अचूक माना गया है –

ॐ अञ्जनीसुताय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो मारुतिः प्रचोदयात्।

13- पृथ्वी – पृथ्वी गायत्री मंत्र सहनशील बनाने वाला, इरादों को मजबूत करने वाला व क्षमाभाव बढ़ाने वाला होता है –

ॐ पृथ्वी देव्यै विद्महे सहस्त्र मूर्त्यै धीमहि तन्नो पृथ्वी प्रचोदयात्।

14- सूर्य – निरोगी बनने, लंबी आयु, तरक्की व दोषों का शमन करने के लिए सूर्य गायत्री मंत्र प्रभावी माना गया है –

ॐ भास्कराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्य्यः प्रचोदयात्।

15- राम – धर्म पालन, मर्यादा, स्वभाव में विनम्रता, मैत्री भाव की चाहत राम गायत्री मंत्र से पूरी होती है –

ॐ दाशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्।

16- सीता – सीता गायत्री मंत्र मन, वचन व कर्म से विकारों को दूर कर पवित्र करता है। साथ ही स्वभाव मे भी मिठास घोलता है –

ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे भूमिजायै धीमहि तन्नो सीता प्रचोदयात्।

17- चन्द्रमा – काम, क्रोध, लोभ, मोह, निराशा व शोक को दूर कर शांति व सुख की चाहत चन्द्र गायत्री मंत्र से पूरी होती है –

ॐ क्षीरपुत्रायै विद्महे अमृततत्वाय धीमहि तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्।

18- यम – मृत्यु सहित हर भय से छुटकारा, वक्त को अनुकूल बनाने व आलस्य दूर करने के लिए यम गायत्री मंत्र असरदार होता है –

ॐ सूर्यपुत्राय विद्महे महाकालाय धीमहि तन्नो यमः प्रचोदयात्।

19- ब्रह्मा – किसी भी रूप में सृजन शक्ति व रचनात्कमता बढ़ाने के लिए ब्रह्मा गायत्री मंत्र मंगलकारी होता है –

ॐ चतु्र्मुखाय विद्महे हंसारुढ़ाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात्।

20- वरुण – दया, करुणा, कला, प्रसन्नता, सौंदर्य व भावुकता की कामना वरुण गायत्री मंत्र पूरी करता है –

ॐ जलबिम्बाय विद्महे नीलपुरुषाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात्।

21- नारायण – चरित्रवान बनने, महत्वकांक्षा पूरी करने, अनूठी खूबियां पैदा करने व प्रेरणास्त्रोत बनने के लिए नारायण गायत्री मंत्र शुभ होता है –

ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो नारायणः प्रचोदयात्।

22- हयग्रीव – मुसीबतों को पछाड़ने, बुरे वक्त को टालने, साहसी बनने, उत्साह बढ़ाने व मेहनती बनने के कामना ह्यग्रीव गायत्री मंत्र पूरी करता है –

ॐ वाणीश्वराय विद्महे हयग्रीवाय धीमहि तन्नो हयग्रीवः प्रचोदयात्।

23- हंस – यश, कीर्ति पीने के साथ संतोष व विवेक शक्ति जगाने के लिए हंस गायत्री मंत्र असरदार होता है –

ॐ परमहंसाय विद्महे महाहंसाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात्।

24- तुलसी – सेवा भावना, सच्चाई को अपनाने, सुखद दाम्पत्य, शांति व परोपकारी बनने की चाहत तुलसी गायत्री मंत्र पूरी करता है –

ॐ श्री तुलस्यै विद्महे विष्णु प्रियायै धीमहि तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।
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ये देवशक्तियां जाग्रत, आत्मिक और भौतिक शक्तियों से संपन्न मानी गई है। इष्टसिद्धि के नजरिए से मात्र एक मंत्र से ही 24 देवताओं का इष्ट और उनसे जुड़ी शक्ति पाना साधक को सिद्ध बना देता है।
par yaad rahe pahle man or atma ki Sudhi jarur Kare

11/12/2012

धर्म परंपराओं में धन लाभ, ऐश्वर्य व समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की उपासना का महत्व बताया गया है। असल में, माता लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए सिर्फ धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन ही अहम नहीं है, बल्कि उनकी उपासना का मूल भाव यही है कि मन, वचन, कर्म की पवित्रता को जीवन में उतारें। इस तरह पवित्रता और श्रेष्ठता में ही लक्ष्मी कृपा मानी गई है।
भगवान शिव की भक्ति चरित्र, व्यक्तित्व, व्यवहार को पावन करने वाली मानी गई है। यही वजह है कि पौराणिक मान्यता है कि शिव भक्ति से लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है। इसके लिए शिव उपासना के कुछ सरल उपाय बताए गए हैं।
ये छोटे-छोटे उपाय शिव उपासना के खास दिन जैसे सोमवार आदि पर करना धन की कमी और दरिद्रता को दूर करने में असरदार माने गए हैं। अगली तस्वीर कर क्लिक कर जानिए ऐसा ही एक खास उपाय -

सुबह स्नान कर शिवलिंग पर गंगाजल की धारा अर्पित कर गंध, चंदन लगाएं।
- बाद धन लाभ की कामना से खासतौर पर शिवलिंग पर चावल चढ़ाएं। यह चावल बिना टूटे होना चाहिए।
- शिव को यह चावल चढ़ाने के लिए शिवलिंग या शिव प्रतिमा पर पहले वस्त्र चढ़ाकर उस पर नीचे लिखा वैदिक मंत्र बोल पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ चावल समर्पित करें -
नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च ।।
- इसके बाद शिव पर गंध, फूल, शिव को प्रिय धतूरा, नारियल और बिल्वपत्र चढ़ाएं। नैवेद्य लगाकर शिव आरती करें और सुख-संपत्ति की प्रार्थना करें।

30/03/2012

The most of the people ask me .how they can become prosper, get stability in there life?

So I wont to suggest them .it is about guru (Jupiter) is the planet how gave the every valuable things which people need in there life like name, fame, luck, prosperity

There is vey simple upaya which you can make happy in your life

• People should have to have yellow like besan, kadhi , papaya an make sour that c**k anything yellow in your kitchen only (Thursday) . And see the magic

29/03/2012

shani mangal yuti

It is my observations based on 100s of horoscope. Please check...I thought this will help analyzing horoscopes and also suggesting Karmic Healing. There are various issues and predictions of the Shani Mangal yuti based on Rashi, Nakshatra and the House they occupy and serious health repercussions also BUT following observation is almost a patent of mine (if you will).

(This can be also used to PROVE astrology to non-believers by using some statistical analysis and rules of numbers just like economics. As we all know, Astrology works much better than Economics, Share Market analysis based on results or weather predictions for that matter.)

1. When there is a Shani Mangal yuti in any chart in close degrees or otherwise....There is a great chance that the mother of this person could have had a miscarriage after this person (immediately in the next chance taken).
2. When either of them (Shani Mangal) is owner of the 3rd house (next sibling) the chances of miscarriages in the next pregnancy increase multi-fold.

--- WHY --- Following are a few of the possibilities:
1. Well, this person might have done some harm to masses or brothers in the past life(s).
2. This person or this family might have done some "Gaban" -- bad things with LAND deals etc in past life(s).
3. He/She might have killed a few folks (when in Mesh raashi like Inzamam Ul Haq).

When the mis-carriage happens, it happens to a SOUL which has done some bad things in the past life(s) with land, brothers etc (very extreme at that) and hence this soul PAYS THAT Karma off by having a mis-carriage.

Just imagine what would be happening to the folks in Harayana or the whole India when they abort a GIRL or kill off a Girl Santato...SERIOUS Karmic repercussions on the future generations --- The future of India !!! They will pay off individually BUT Nation will also pay for this BAD KARMA.

I think we have forgot our roots like "Jaisi Karani Waisi Bharani" and an "Eye for an Eye" philosophy....If you do wrong, WRONG will happen with you, anytime after THAT wrong event (This life itself and if not this life -- NEXT life FOR SURE)

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