22/05/2026
क्या ये “कॉकरोच” भी मारा जाएगा…?
या फिर यही युवा एक दिन व्यवस्था बदल देगा…?
देश का युवा आज गुस्से में है, हताश है, परेशान है…
और उसकी सबसे बड़ी वजह है — बेरोज़गारी, पेपर लीक, भ्रष्ट व्यवस्था और लगातार होता अपमान।
जब सत्ता में बैठे लोग युवाओं को “कॉकरोच”, “गधा”, “बंदर” जैसे शब्दों से संबोधित करते हैं, तब वे केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे युवा वर्ग के आत्मसम्मान का अपमान करते हैं।
जिस युवा ने दिन-रात मेहनत करके डिग्री हासिल की, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, परिवार के सपनों का बोझ उठाया — उसे अगर बदले में तिरस्कार मिले, तो उसका आक्रोश स्वाभाविक है।
आज देश का युवा पूछ रहा है —
आख़िर उसकी गलती क्या है?
क्या नौकरी माँगना अपराध है?
क्या पारदर्शी भर्ती की माँग करना गुनाह है?
“कॉकरोच जनता पार्टी” कोई साधारण सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं है।
यह उस गुस्से, पीड़ा और निराशा का विस्फोट है जिसे व्यवस्था ने वर्षों से दबाकर रखा।
यह उन करोड़ों युवाओं की डिजिटल आवाज़ है जिन्हें हर चुनाव में सिर्फ़ वोट बैंक समझा गया, लेकिन उनके भविष्य पर कभी गंभीर चर्चा नहीं हुई।
एक युवा, RTI कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन लीडर और कांग्रेस विचारधारा से जुड़ा कार्यकर्ता होने के नाते मैं मानता हूँ कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को कुचलने की नहीं, सुनने की ज़रूरत होती है।
देश का युवा सम्मान चाहता है, अवसर चाहता है, रोजगार चाहता है और एक ईमानदार व्यवस्था चाहता है।
कांग्रेस की विचारधारा हमेशा युवाओं, मजदूरों, किसानों और आम जनता की आवाज़ को ताकत देने की रही है।
चाहे शिक्षा का अधिकार हो, सूचना का अधिकार (RTI) हो, युवाओं को मतदान का अधिकार 18 वर्ष में देना हो या रोजगार और सामाजिक न्याय की लड़ाई — कांग्रेस ने हमेशा लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं की पीड़ा को मज़ाक समझने के बजाय गंभीरता से सुना जाए।
क्योंकि इतिहास गवाह है —
जब युवा जागता है, तब परिवर्तन निश्चित होता है।
देश का युवा टूटना नहीं चाहता,
वो लड़ना चाहता है…
अपने हक़ के लिए,
अपने भविष्य के लिए,
और एक बेहतर भारत के लिए।
और याद रखिए —
जिस आवाज़ को आज ट्रोल समझकर नजरअंदाज किया जा रहा है,
वही आवाज़ कल देश का सबसे बड़ा जनआंदोलन बन सकती है।