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मंदिर जाने पर रखे सावधानी
15/12/2025

मंदिर जाने पर रखे सावधानी

जय श्री राधे🙏
31/05/2023

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25/04/2023
20/12/2022

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02/12/2022

हस्त रेखा और कुंडली से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी ग्रह दशा गोचर फल मांगलिक दोष पितृ दोष संतान समस्या राजयोग लव प्रॉब्लम, विवाह, जॉब में दिक्कत आदि समस्याओं का सशुल्क ज्योतिष्य समाधान पाने के लिए वाट्सअप करे 📱+918824815634

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अनेक कारणों से यात्रा तो सभी को करनी पड़ती है लेकिन कई बार यात्राएं लाभदायक होती है तो कई बार हमे इससे नुकसान भी उठाना प...
13/10/2022

अनेक कारणों से यात्रा तो सभी को करनी पड़ती है लेकिन कई बार यात्राएं लाभदायक होती है तो कई बार हमे इससे नुकसान भी उठाना पड़ता है। यात्रा करते समय दिशाशूल का ध्यान रखते हुए यात्रा करे तो बहुत हद तक नुकसान होने से बचा जा सकता है।
कहने का मतलब है की यात्रा के विषय में दिशा शूल का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। किन्हीं कारणों से दिशा शूल के दौरान उक्त दिशा की यात्रा नहीं टाली जा सकती, तो उससे बचने के लिए निम्न उपाय करके यात्रा की जा सकती है -
पूर्व दिशा- सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन पूर्व दिशा में दिशा शूल रहता है। उपाय : सोमवार को दर्पण देखकर या पुष्प खाकर और शनिवार को अदरक, उड़द या तिल खाकर घर से बाहर निकलें।

पश्चिम दिशा- रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन पश्‍चिम दिशा में दिशा शूल रहता है। उपाय : रविवार को दलिया, घी या पान खाकर और शुक्रवार को जौ या राईं खाकर घर से बाहर निकलें।

उत्तर दिशा- मंगलवर और बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन उत्तर दिशा में दिशा शूल रहता है। उपाय : मंगलवार को गुड़ खाकर और बुधवार को तिल, धनिया खाकर घर से बाहर निकलें।

दक्षिण दिशा- गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहता है। उपाय : गुरुवार को दहीं या जीरा खाकर घर से बाहर निकलें।

ज्योतिषाचार्य गौरीकरण शास्त्री
हस्तरेखा और जन्मपत्री विशेषज्ञ
नक्षत्र एस्ट्रोलॉजी सर्विस
जयपुर राजस्थान

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नक्षत्र एस्ट्रोलॉजी सर्विस की ओर से सभी मित्रो और शुभचिंतकों को जगत जननी मां भवानी के पावन पर्व शारदीय नवरात्र की हार्दि...
26/09/2022

नक्षत्र एस्ट्रोलॉजी सर्विस की ओर से सभी मित्रो और शुभचिंतकों को जगत जननी मां भवानी के पावन पर्व शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं।🚩🚩🌹🌹🙏

पितृपक्ष का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. इन दिनों में श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करके पूर्वजों को यह बताया जाता है कि आज...
12/09/2022

पितृपक्ष का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. इन दिनों में श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करके पूर्वजों को यह बताया जाता है कि आज भी वह परिवार का हिस्सा हैं. पितृपक्ष में पूर्वजों का आशीर्वाद लेने से घर में सुख-शांति रहती है और अगर पूर्वज नाराज हो जाएं तो काफी नुकसान हो सकता है. इसलिए पितृपक्ष में कुछ कामों को करने से बचना चाहिए ताकि पूर्वज नाराज ना हों. तो आइए उन गलतियों के बारे में जान लीजिए, जिन्हें पितृ पक्ष में करने से बचना चाहिए.

मांगलिक कार्य ना करें : मान्यताओं को पितृ पक्ष को कड़े दिन कहते हैं. इन दिनों में कोई भी मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है. इसलिए इन दिनों में आप कोई भी मांगलिक का शुभ काम करने से बचें. इन दिनों में नए कपड़े भी ना खरीदें.

बाल ना कटवाएं : हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, कड़े दिनों में पुरुषों को बाल और दाढ़ी नहीं कटवाने चाहिए. अगर कोई ऐसा करता है तो पूर्वज नाराज हो सकते हैं.

खुशबू वाली चीजें लगाने से बचें : कई लोग रोजमर्रा में परफ्यूम या सेंट लगाते हैं लेकिन पितृ पक्ष के 16 दिनों में सेंट, इत्र या परफ्यूम लगाने से बचें.

तामसी भोजन से बचें : कहा जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान तामसी भोजन और मांसाहार भोजन से बचना चाहिए और सात्विक भोजन ही करना चाहिए. इसके अलावा कुछ मत यह भी कहते हैं कि पितृ पक्ष में बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए.

आखिरी दिन करें श्राद्ध: पुराणों में कहा गया है पितृ पक्ष के आखिरी दिन यानी आश्विन माह की अमावस्या को सभी पूर्वजों को ध्यान करके उनका श्राद्ध करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध से वह प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं.

इसके विपरित अगर पूर्वजों का निरादर किया जाए या किसी कारण से पूर्वज कुपित हो जाए तो परिवार में अशांति और बिना बात के कलह का वातावरण बना रहता है। जिसे पितृ दोष के नाम से जाना जाता है।कही आपकी कुंडली में तो नहीं है पितृ दोष सशुल्क जानने के लिए संपर्क करे।
ज्योतिषाचार्य गौरीकरण शास्त्री
कुंडली व हस्तरेखा विशेषज्ञ
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