IMC Company

IMC Company IMC is an Indian Direct Selling Company that uses direct selling model to promote herbal products for a disease free life.

IMC provides an unbiased platform where anyone from every stratum of society can come, join and earn a decent living.

"पेट को बोला - टाटा, और हेल्थ को कहा - स्वागत है!"पहले लोग बोलते थे – "भाई जी पेट अंदर करो!"अब बोलते हैं – "भाई जी क्या ...
05/04/2025

"पेट को बोला - टाटा, और हेल्थ को कहा - स्वागत है!"

पहले लोग बोलते थे – "भाई जी पेट अंदर करो!"
अब बोलते हैं – "भाई जी क्या फिटनेस है!"

सिर्फ 15 दिन में 3.5 किलो वजन कम...
बिना भूखे रहे, बिना जिम जाए, सिर्फ IMC का Daily Protein Diet से!

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अगर आपका भी पेट बाहर है और तारीखें पास – तो अब वक्त है पेट की छुट्टी करने का!

अब आपकी बारी – बदलाव शुरू कीजिए आज से!

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28/02/2025

ऑर्गेनिक गेहूं – प्रकृति की शुद्धता, सेहत की गारंटी
दोस्तो आज लाखो किसान IMC का जैविक खाद इस्तेमाल करके आज बेहतरीन पैदावार ले रहे है ।
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✔ कोई रासायनिक खाद या कीटनाशक नहीं

अगर आप भी कम लागत में अधिक पैदावार लेना चाहते है तो आज ही 6375550148 पर संपर्क करे
शुद्ध खाइए, स्वस्थ रहिए!

27/02/2025

यह देखिए दोस्तों आ गया एक बहुत ही जबरदस्त रिजल्ट IMC कंपनी के MD Mr. सत्यं भाटिया जी ने 45 दिनों में IMC के डेली प्रोटीन डाइट से 8 kg तक का वजन घटाया। दोस्तों आप भी अपने वजन घटने और बढ़ाने के लिए आज ही इस्तेमाल करे IMC का डेली प्रोटीन डाइट।

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13/02/2025

दोस्तो IMC की केशविन टैबलेट से मिला बालो में जबरदस्त रिजल्ट 😳😳
अगर आपको भी बालों से संबंधित कोई भी प्रॉब्लम है तो आज ही इस्तेमाल कीजिए IMC का 100% आयुर्वेदिक टैबलेट केशविन टैबलेट 👍👍

11/02/2025

अब वजन को बढ़ाना, वजन को घटना या फिर वजन को मेंटेन रखना हो गया बहुत ही आसान क्योंकि IMC लेकर आई है एक जबरदस्त प्रोडक्ट जिसका इस्तेमाल करके आप अपने वजन को घटा सकते हैं, बढ़ा सकते हैं, मेंटेन रख सकते हैं।

दोस्तों अगर आप बढ़ाते हुए वजन से परेशान है, या फिर वजन को बढ़ाना चाहते हैं या वजन को मेंटेन रखना चाहते हैं तो आज ही इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।

इस वीडियो में देखें कि इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल कैसे करना है और कब करना है।

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📢 महिलाओं की सेहत पर महामारी का असर – एक गंभीर चिंता! 💔महामारी के दौर ने हम सभी को प्रभावित किया, लेकिन महिलाओं पर इसका ...
01/02/2025

📢 महिलाओं की सेहत पर महामारी का असर – एक गंभीर चिंता! 💔

महामारी के दौर ने हम सभी को प्रभावित किया, लेकिन महिलाओं पर इसका असर कुछ अलग ही रहा। घर, परिवार, नौकरी और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाते हुए महिलाओं ने कई चुनौतियों का सामना किया।

🔸 मासिक धर्म की अनियमितता – 41% से अधिक महिलाओं ने इसका अनुभव किया।
🔸 मानसिक तनाव और चिंता – 47% कामकाजी महिलाओं पर अधिक दबाव पड़ा।
🔸 नींद की कमी – महामारी के कारण महिलाओं की औसत नींद का समय घटकर 5.5 घंटे रह गया।
🔸 स्वास्थ्य समस्याएं – हार्मोनल असंतुलन, वजन बढ़ना और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ा।

समाज की रीढ़ कही जाने वाली महिलाएँ अपनी सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं। अब समय आ गया है कि हम उनकी भलाई के लिए आगे बढ़ें। उन्हें अच्छे पोषण, मानसिक शांति और स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत है।

💡 महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें और इसे प्राथमिकता दें!
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IMC के प्रोडक्ट लीजिए स्वस्थ रहिए।Call us - 6375550148
30/01/2025

IMC के प्रोडक्ट लीजिए स्वस्थ रहिए।
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भारत में सेक्स से जुड़ी समस्याएं एक व्यापक मुद्दा हैं, विभिन्न अध्ययनों और सर्वेक्षणों के अनुसार, लगभग 30% से 50% भारतीय...
27/01/2025

भारत में सेक्स से जुड़ी समस्याएं एक व्यापक मुद्दा हैं, विभिन्न अध्ययनों और सर्वेक्षणों के अनुसार, लगभग 30% से 50% भारतीय पुरुष अपने जीवन के किसी न किसी चरण में यौन समस्याओं का अनुभव करते हैं। इनमें शामिल हैं:

सामान्य यौन समस्याएं:

शीघ्रपतन (Premature Ej*******on)

स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction)

कामेच्छा में कमी (Low Libido)

कारण:

तनाव और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं

खराब जीवनशैली (जैसे धूम्रपान, शराब का सेवन, और खराब आहार)

शारीरिक समस्याएं (जैसे डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन)

सामाजिक और सांस्कृतिक वर्जनाएं, जिससे लोग मदद लेने से कतराते हैं।

दोस्तों अगर आपको भी ऐसी समस्या है और आप भी इसका इलाज ढूंढ रहे हैं तो आज ही इस्तेमाल करें IMC के 100% आयुर्वेदिक ऑर्गेनिक प्रोडक्ट जिसका इस्तेमाल करके आप इस समस्या को खत्म कर सकते हैं।

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भारत में गैस या एसिडिटी की समस्या एक आम स्वास्थ्य समस्या है। अध्ययन और रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 20-30% भारतीय वयस्क गैस...
25/01/2025

भारत में गैस या एसिडिटी की समस्या एक आम स्वास्थ्य समस्या है। अध्ययन और रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 20-30% भारतीय वयस्क गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) या एसिडिटी जैसी पाचन समस्याओं का अनुभव करते हैं।

इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं:

1. अस्वस्थ खानपान: तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड।

2. गलत दिनचर्या: भोजन का सही समय न होना और अनियमित दिनचर्या।

3. तनाव और चिंता।

4. धूम्रपान और शराब का सेवन।

5. मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी।

कई बार यह समस्या लंबे समय तक रहने पर गंभीर गैस्ट्रिक अल्सर या पेट से संबंधित अन्य बीमारियों का कारण बन सकती है। भारत जैसे देश में, जहां खानपान मसालेदार और ऑयली होता है, यह समस्या अधिक प्रचलित है।

दोस्तों अगर आपको भी ऐसे ही समस्या है और आप भी इसका इलाज ढूंढ रहे हैं और आप भी परमानेंट सॉल्यूशन चाहते हैं तो आज ही हमें संपर्क करें

यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक रसायनिक तत्व है जो प्यूरीन (Purine) नामक पदार्थ के टूटने से बनता है। प्यूरीन हमारे शरीर...
23/01/2025

यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक रसायनिक तत्व है जो प्यूरीन (Purine) नामक पदार्थ के टूटने से बनता है। प्यूरीन हमारे शरीर की कोशिकाओं और कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जैसे कि मांस, समुद्री भोजन, बीन्स, और अल्कोहलिक ड्रिंक्स (खासकर बीयर)।

जब प्यूरीन टूटता है, तो इससे यूरिक एसिड बनता है। शरीर इस यूरिक एसिड को रक्त के माध्यम से गुर्दों (किडनी) तक पहुंचाता है, और फिर यह मूत्र के जरिए बाहर निकल जाता है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है या किडनी इसे सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह रक्त में जमा होने लगता है। इसे हाइपरयूरिसेमिया कहा जाता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण:

1. खान-पान की आदतें:

मांस, मछली और बीयर जैसे प्यूरीन-युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन।

ज्यादा फ्रुक्टोज (मीठे पेय और शक्कर) का सेवन।

2. गुर्दों की समस्या: जब किडनी सही से यूरिक एसिड को फिल्टर नहीं कर पाती।

3. जोड़ों में समस्या (गठिया या गाउट): यूरिक एसिड क्रिस्टल के रूप में जमकर जोड़ों में दर्द और सूजन का कारण बन सकता है।

4. मोटापा: अधिक वजन यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है।

5. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर: इन बीमारियों से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है।

6. अनुवांशिकता: अगर परिवार में किसी को यह समस्या है तो आपको भी हो सकती है।

यूरिक एसिड के लक्षण:

जोड़ों में तेज दर्द, खासतौर पर पैर के अंगूठे में (गाउट अटैक)।

जोड़ों में सूजन और लालिमा।

पेशाब में जलन या तकलीफ।

दोस्तों अगर आपको भी यूरिक एसिड की समस्या है और अगर आप भी लगातार दवाई लेकर इसका इलाज नहीं कर पा रहे हैं तो आज ही हमें संपर्क करें

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भारत में अस्थमा एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट 2022 के अनुसार, भारत में लगभग 3 करोड़ से अधिक लोग अ...
22/01/2025

भारत में अस्थमा एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट 2022 के अनुसार, भारत में लगभग 3 करोड़ से अधिक लोग अस्थमा से पीड़ित हैं। यह संख्या दुनिया में अस्थमा रोगियों की कुल संख्या का एक बड़ा हिस्सा है।

बच्चों और किशोरों में अस्थमा का प्रचलन अधिक है, और यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थोड़ा अधिक पाया जाता है।

अस्थमा के मामलों में वृद्धि के प्रमुख कारणों में वायु प्रदूषण, धूल, धुआं, परागकण, तंबाकू का धुआं और जेनेटिक कारण शामिल हैं।

अस्थमा फेफड़ों की एक दीर्घकालिक (क्रॉनिक) बीमारी है, जिसमें श्वसन नलिकाओं (एयरवे) में सूजन और संकुचन हो जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। इसकी मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

1. आनुवंशिक कारण (Genetic Factors)

यदि परिवार में किसी को अस्थमा है, तो अन्य सदस्यों में भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

2. वातावरणीय कारण (Environmental Factors)

वायु प्रदूषण: धूल, धुआं, केमिकल्स और औद्योगिक प्रदूषण।

परागकण (Pollen): खासतौर पर वसंत ऋतु में।

पेट डेंडर: पालतू जानवरों के बाल और त्वचा के कण।

तंबाकू का धुआं।

3. एलर्जी (Allergies)

कुछ लोगों को धूल, फूलों के परागकण, फफूंद (Mold), खाद्य पदार्थ या दवाइयों से एलर्जी होती है, जिससे अस्थमा ट्रिगर हो सकता है।

4. सांस की बार-बार होने वाली समस्याएं (Respiratory Infections)

बार-बार सर्दी, खांसी या वायरल इंफेक्शन से अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है।

5. शारीरिक और मानसिक तनाव

अधिक शारीरिक मेहनत या व्यायाम।

तनाव और चिंता।

6. मौसमी बदलाव (Weather Changes)

ठंडी या बहुत गर्म हवा।

नमी (Humidity) का बढ़ना।

7. डायट और जीवनशैली

जंक फूड, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, और पोषण की कमी।

मोटापा भी अस्थमा के जोखिम को बढ़ा सकता है।

8. दवाइयों और रसायनों का प्रभाव

कुछ दवाइयाँ (जैसे एस्पिरिन या बीटा-ब्लॉकर्स) अस्थमा को ट्रिगर कर सकती हैं।

घरेलू क्लीनर, परफ्यूम, या अन्य रसायनों से भी समस्या हो सकती है।

दोस्तों अगर आपको भी अस्थमा की समस्या है, या फिर सास से संबंधित कोई समस्या है तो आज ही हमें संपर्क करें

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स्किन की समस्याएँ कई कारणों से हो सकती हैं। इन समस्याओं के कारण आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार के हो सकते हैं। मुख्य कारण ...
21/01/2025

स्किन की समस्याएँ कई कारणों से हो सकती हैं। इन समस्याओं के कारण आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार के हो सकते हैं। मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

1. आहार और पोषण की कमी

विटामिन A, C, और E की कमी

पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

जंक फूड और तैलीय भोजन का अधिक सेवन

2. हार्मोनल असंतुलन

किशोरावस्था, गर्भावस्था या मासिक धर्म के दौरान

थायरॉइड या पीसीओडी जैसी समस्याएँ

3. एलर्जी और संक्रमण

धूल, धूप, या किसी उत्पाद से एलर्जी

फंगल, बैक्टीरियल, या वायरल संक्रमण

4. अनियमित दिनचर्या

नींद की कमी

तनाव और चिंता

पर्याप्त व्यायाम न करना

5. पर्यावरणीय कारण

प्रदूषण

अत्यधिक धूप में रहना

अत्यधिक ठंडा या गर्म मौसम

6. केमिकल उत्पादों का उपयोग

घटिया गुणवत्ता के कॉस्मेटिक उत्पाद

बहुत अधिक मेकअप का इस्तेमाल

7. अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ

डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर

लिवर और किडनी की समस्याएँ

अगर आपको भी स्किन से संबंधित कोई भी समस्या है और अगर आप भी इलाज करा कर के थक चुके हैं लेकिन आपको इस समस्या का इलाज नहीं मिल पाया है तो आज ही हमें संपर्क करें

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