23/07/2024
वक्री शनि और अमेरिका के चुनाव
पं. सतीश शर्मा
अपने शनिदेव की आदत है कि जब भी वक्री होते हैं घटनाक्रम भी उलट गति हो जाता है। वैसे भी शनिदेव की पुरानी आदत है कि जब अपने किसी प्रिय को कुछ देना होता है तो उससे ऊपर वाले को, अर्थात् ऊपरी दर्जे वाले को उलटा लटका देते हैं। मान लो कोई किसी बैंक में मैनेजर है, और शनि देव डिप्टी मैनेजर को पदोन्नति देना चाहते हैं तो वह मैनेजर को कहीं न कहीं फँसा देंगे, मार देंगे, घायल करा देंगे या चार्जशीट दिला देंगे और डिप्टी मैनेजर को प्रमोशन दिला देंगे।
मैं अमेरिका की बात कर रहा हूँ। अब वक्री हुए हैं तो कुछ न कुछ उत्पात करायेंगे ही। उनके सामने बाइडेन की क्या औकात है जो टिक जायें। डॉनाल्ड ट्रम्प की मदद जो करनी है। अब जो बाइडेन के तो हाथ हिलने लग गये, डिमेंशिया (स्मृति दोष) हो गया, अपनी पत्नी समझ कर किसी और की पत्नी से बात करने लगे, कि बीच में खुद की पत्नी वहीं आ गई, तब उनको ध्यान आया कि मैं किस से बात कर रहा हूँ? निर्णय क्षमताओं में गलती होने लगी। उन्होंने मैदान छोड़ दिया.
यूक्रेन के चक्कर में यूरोप बर्बाद हो गया। जेलेंस्की की पत्नी बाजार में ज्वैलरी खरीद रही है और उनके सैनिक सीमा पर अभावों से ग्रस्त हैं। ट्रम्प ने सीधी धमकी दे दी कि वो जीते और युद्ध बंद। हमास भी डरने लगा है।
परन्तु हम तो अपने शनिदेव की ही बात करते हैं। बीच भाषण में उनका सबसे अव्वल जो सिक्यूरिटी था, स्नाइपर कहते हैं उसे, उसने ट्रम्प पर हमला करने वाले पर तीन मिनट पहले ही राइफल तान दी थी, परन्तु मारा नहीं उसे। उस पर भी जब पास वाली बिल्डिंग पर रैंग कर आरोपी हमला मुद्रा धारण करने के दरम्यान सीक्यूरिटी उसे निहारता रहा। ट्रम्प पर गोली चलने के बाद भी ट्रम्प के अंगरक्षकों ने ट्रम्प को ऐसे उठा लिया जैसे रोहित शर्मा को विश्व कप जीतने पर खिलाड़ियों ने उठा लिया था। महान देश के महान अंगरक्षकों ने अंगरक्षण की सबसे महान भूल की। ट्रम्प को अपने शरीरों से छुपाने के बजाय उसे अधर उठा लिया, जिससे कि हमलावर दूसरी गोली भी चला सके। यह अक्षम्य अपराध है। पूरे देश को और पूरे विश्व को इसकी कीमत चुकानी होगी। अमेरिका में और यूरोप में भी और मिडिल ईस्ट में भी।
आप तुलना करो। पैदल चलते हुए मोदी जी पर किसी ने मोबाइल फेंका और एक सिक्यूरिटी ने शानदार डाइव मारा, बिल्कुल क्रिकेट फील्डर की तरह और मोबाइल लपक लिया। और कहाँ यह ट्रम्प की सिक्यूरिटी टीम?
अब इतिहास बदलेगा। यूरोप में तो राष्ट्रवादियों की या दक्षिण पंथियों की लहर चल ही रही है, जो बाइडेन का भी काम हो गया। कमला हैरिस को लोग वैसे ही हारा हुआ मान रहे हैं। टीवी बहस में भी बाइडेन कुछ कर नहीं पाये। सर्वे गोली काण्ड के बाद ट्रम्प के पक्ष में बोल रहे हैं। शनिदेव ने खाली इतना ही किया कि वह ट्रम्प जो कि हमेशा ही टेलीप्रोम्पटर पर देख कर बोलते हैं और रत्तीभर भी सिर इधर-उधर नहीं करते, उस दिन बिना टेलीप्रोम्पटर के बोले और ठीक उस समय जब गोली चली सिर ऐसे झुका लिया जैसे कि पीछे से पत्थर आने पर कौआ हिलता भी नहीं और सिर झुका लेता है। बस इसी क्षण ने अमेरिका को इतिहास के बदलाव के मोड़ ला खड़ा किया।
अब अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका की सरकार चला रहे ओबामा इस जुगाड़ में लग गये हैं कि कमला हैरिस को पछाड़ कर मिशैल ओबामा को राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा दें। केवल वही डॉनाल्ड ट्रम्प को टक्कर दे सकती हैं।
हमको अपने शनिदेव पर भरोसा है। बाइडेन ने भारत का पक्ष नहीं लिया और डीप स्टेट को मदद की और जॉर्ज सोरोस जैसों को अन्तर्राष्ट्रीय अपराध करने दिया। निश्चित ही ट्रम्प और मोदी में निकटता है इसीलिए उधर तो ट्रम्प पर गोली चली और इधर से मोदी के मुँह से निकला कि दोस्त ट्रम्प पर गोली नहीं चलनी चाहिए थी। राजनीति में और लोकतंत्र में हिंसा को स्थान नहीं होना चाहिए।
लगता है शनिदेव भी मोदी के मददगार हैं। जब तक वक्री रहेंगे जब तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव पूरे नहीं हो जाते। खाली परिणाम का दिन बचेगा। तब तक पाकिस्तान भी डर - डर कर जीयेगा।