28/09/2022
आज दिनांक 28 सितंबर को URG ग्रुप के फाउंडर, समाजसेवी, युवाओं के आदर्श और हमेशा जरुरतमंदो के लिए खड़े रहने वाले उमेश राज शेखावत(राजा साहब)की सुपुत्री उदिति राजे का जन्मदिन बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया | जहाँ सर्वप्रथम उदिति राजे ने अपने घर के प्रांगण में बनें मंदिर में अपने पिता राजा साहब के साथ पूजा अर्चना की और मंदिर के पुजारी और विद्वान् ब्राह्मणो की उपस्थिति में गायत्री मंत्र और यथार्थ गीता के पाठ का आयोजन हुआ | इसके बाद उदिति राजे और उनके पिता राजा साहब ने सभी आंगनतुक ब्राह्मणो के पाँव छूकर आशीर्वाद लेकर उन्हें भोज आदि कराया | इसके बाद अपनी पुत्री और परिवार के साथ अनाथ आश्रम की ओर निकल गए, उत्साह और सेवा भाव इतना था की राजा साहब ने आज अपने वाहन को खुद ही चलाया जहाँ उनकी बेटी उदिति राजे अपने पिता के साथ आगे की सीट पर बैठी थीं, अपनी कार के साथ में एक गाड़ी फल, भोजन, कपड़ो और उपहार से भरी थीं जिन्हें वे मार्ग में मिलने वाले है जरुरतमंद को अपने हाथों से वितरित करते हुए जा रहें थे | अनाथ आश्रम पहुंचकर उन्होंने वहाँ रह रहें बच्चों संग अपनी बेटी के जन्मदिन का केक भी काटा, सभी उपस्थित बच्चों को भोजन कराने के पश्चात् उपहार भी वितरित किये, वहाँ से निकलते समय राजा साहब द्वारा आश्रम को 1 लाख 51 हजार की राशि दान स्वरूप भी भेंट की, इसके बाद वे जयपुर शहर की तमाम कच्ची बस्तियों तक भी पहुँचे जहाँ उन्होंने जरुरतमंदो और बच्चों को भोजन, फल और कपड़े वितरित किये | शाम को घर पहुंचने के बाद राजा साहब ने अपने URG ग्रुप की जयपुर शाखा के सभी कर्मियों की उपस्थिति में एक बार और केक काटा गया साथ ही भोजन का एक विशेष कार्यक्रम रखा गया, इसके बाद झोटवाड़ा विधानसभा, जयपुर और बाहर से आये राजा साहब के प्रसंशकों के आग्रह पर राजा साहब की बेटी उदिति राजे ने एक बार फिर से केक काटकर आये सभी प्रसंशकों का मान रखा और सभी को भोजन करवाकर ही उन्हें विदा किया | कार्यक्रम के दौरान दो ही नारे गुंजायेमान थे राजा साहब जिंदाबाद और उदिति राजे जिंदाबाद, इस तरह आज पूरा दिन जरुरतमंदो के साथ बिताया, एक प्रसंशक के पूछने पर की आप राजा साहब आज तो पूरी तरह थकान महसूस कर रहें होंगे इसके प्रति उत्तर में राजा साहब ने कहा जरुरतमंदो और गरीब बच्चों के साथ में सुख बाँटने में थकान कैसी, ये शब्द सुनकर सभी वहाँ मौजूद सभी प्रसंशकों ने राजा साहब की के लिए जिंदाबाद का उद्दघोष किया |
आज के कार्यक्रम को देखते हुए राजा साहब ने अपनी बेटी को दिये संस्कारो में ये बहुत मायने रखता है की वे अपनी बेटी को जमीन से जुड़कर जरुरतमंदो की सेवा करना इस छोटी-सी उम्र में ही सीखा रहें है ये भाव उनकी बेटी को आगे चलकर एक बड़े कर्म पथ की ओर अग्रसित करता है जिससे राजा साहब की भांति उनकी बेटी भी आगे चलकर समाज ओर देश निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाती हुई दिखाई देगी, हम सभी उनकी बेटी उदिति राजे को आशीष देते हुए उन्हे जन्मदिन की ह्रदय की गहराइयों से शुभकामनायें प्रेषित करते है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है |