04/09/2015
देश के सबसे बड़े ग्वार और मूंग उत्पादक राज्य राजस्थान में इन दोनो फसलों पर बरसात की कमी का असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने बुधवार तक राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में बरसात नहीं होने का अनुमान लगाया है। राजस्थान के अलावा हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी बुधवार तक बरसात की बेहद कम संभावना है।
करीब 20 दिन से बरसात नहीं
राजस्थान में बीते करीब 20 दिनों से अधिकतर जगहों पर बरसात नहीं हो रही है, बरसात की कमी की वजह से राज्य में खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। राज्य में खरीफ सीजन के दौरान सबसे ज्यादा खेती बाजरा, ग्वार, मूंग, मोठ, सोयाबीन और कपास की होती है। ऐसे में अगर आगे भी बरसात की कम बढ़ती है तो इन सभी फसलों पर सूखे की मार पड़ने की आशंका पड़ जाएगी।
करीब 40 लाख हेक्टेयर में ग्वार की खेती
राजस्थान देश का सब से बड़ा ग्वार उत्पादक राज्य है और अबतक मिले आंकड़ों के मुताबिक राज्य में करीब 40 लाख हेक्टेयर में ग्वार की फसल लग चुकी है। लेकिन अगस्त के दूसरे पखवाड़े के शुरू होते ही बरसात गायब हो गई है जिस वजह से कई इलाकों में ग्वार की फसल को सूखे की मार का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि मॉनसून सीजन में 15 अगस्त तक राजस्थान में भरपूर बरसात हुई है, ऐसे में जमीन में फिलहाल नमी बनी हुई है लेकिन बरसात अगर अगले 5-6 दिन भी गायब रही तो जमीन से नमी के खत्म होने में समय नहीं लगेगा और ऐसा होने पर ग्वार की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
करीब 11 लाख हेक्टेयर में मूंग की खेती
ग्वार की तरह राजस्थान मूंग का भी सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, राज्य में 20 अगस्त तक मूंग का रकबा करीब 11 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है। इसके अलावा करीब 11.50 लाख हेक्टेयर में मोठ की फसल भी लग चुकी है, लेकिन बरसात की कमी की वजह से अब इन दलहन की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगर बुधवार तक बरसात नहीं होती है तो मूंग और मोठ के उत्पादन में भारी गिरावट आएगी।