EducationUpdates

EducationUpdates Get full Updates of all govt jobs in real time.

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15/12/2016

Nowadays i am busy in my studies.
But Soon i will starts regular posting Updates.
From 2017 , i also planned to starts posting Question & Answers (with explanations) useful for those who preparing for Government Jobs & Various Entrance Examinations.
Give your valuable suggestions to improve this platform.

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14/02/2016

UGC imposes 're-ban' on technical education through ODL distance mode. Means "Technical Education (except MCA) courses through open &distance mode is NOT valid for government jobs".

01/01/2016
01/01/2016

The four newest elements on the periodic table gain official recognition and will be getting new names soon.

09/12/2015

Nursing Council of India proposes to make ENGLISH subject in 10+2 compulsory , for taking admission in Bachelor's Nursing Course.

18/05/2015

Cris Brack says digital technology is forcing the venerable lecture to adapt to the times.

18/05/2015

Europe dominates the global league table for skills and education, according to the World Economic Forum's Human Capital Report 2015. Here's a summary of the report in 10 charts.

07/04/2015

सीपीटी में होगा बदलाव, 9 माह पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन
Bhaskar News Network | Apr 7, 2015, 03:00:18 AM IST
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इमरोज खान देशभर में अगले वर्ष से सीए के लिए होेने वाली सीपीटी (कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट) का नाम बदल कर ‘फाउंडेशन’ हो जाएगा। सीए के पाठ्यक्रम की नई स्कीम के तहत फाउंडेशन एक्जाम को प्रस्तावित किया गया है। नई योजना में मौजूदा तीन स्तरीय ढांचे को ही रखने का प्रस्ताव है, लेकिन वह नए नामकरण के साथ होगा। नई व्यवस्था में फाउंडेशन एक्जामिनेशन आंशिक रूप से वर्णनात्मक होगा। आईसीएआई ग्वालियर ब्रांच के अध्यक्ष सीए दीपक कुमार वाजपेयी ने बताया कि आईसीएआई ने सीए कोर्स और ट्रेनिंग में बदलाव के लिए सुझाव मांगे थे। आईसीएआई द्वारा इसे अप्रूव करने के बाद सीपीटी में यह बदलाव लागू होगा। इसके बाद इसका नाम फाउंडेशन कोर्स हो जाएगा।

सेकंड लेवल पर होंगे आठ पेपर

सेकंड लेवल यानी इंटरमीडिएट कोर्स में सात की जगह आठ पेपर दो ग्रुप में होंगे। इनमें इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट ड्रॉप किया जाएगा।

इंटरमीडिएट कोर्स : नंबर ऑफ पेपर-8

ग्रुप-पहला: पेपर-1 अकाउंटिंग 100 नंबर, पेपर-2 कंपनी लॉ, अदर लॉ एंड इथिक्स 100 नंबर, पार्ट-1 कंपनी लॉ 60 नंबर, पार्ट-2 अदर लॉ 20 नंबर और पार्ट-3 इथिक्स 20 नंबर। पेपर-3 कॉस्ट अकाउंटिंग 100 नंबर, पेपर-4 डायरेक्ट टैक्सेस 100 नंबर।

ग्रुप-दूसरा: पेपर-5 एडवांस्ड अकाउंटिंग 100 नंबर, पेपर-6 ऑडिटिंग एंड एश्योरेंस 100 नंबर, पेपर-7 फाइनेंशियल मैनेजमेंट 100 नंबर और पेपर-8 इनडायरेक्ट टैक्सेस 100 नंबर।

फाइनल कोर्स: नंबर ऑफ पेपर-8

ग्रुप पहला: पेपर-1 फाइनेंशियल रिपोर्टिंग 100 नंबर, पेपर-2 स्ट्रेटेजिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट 100 नंबर, पेपर-3 एडवांस्ड ऑडिटिंग एंड प्रोफेशनल्स इथिक्स 100 नंबर, पेपर-4 कॉर्पोरेट लॉ एंड अदर इकोनॉमिक लॉ 100 नंबर।

ग्रुप दूसरा: पेपर-5 एडवांस्ड मैनेजमेंट अकाउंटिंग 100 नंबर, पेपर-6 फाइनेंशियल सर्विसेज एंड कैपिटल मार्केट्स 100 नंबर, पेपर-7 एडवांस्ड टैक्स मैनेजमेंट 60 एंड टैक्सेशन 40 नंबर, पेपर-8 इनडायरेक्ट टैक्स लॉ 100 नंबर का होगा।

फाइनल में दो पेपर ड्रॉप- फाइनल कोर्स में इन्फॉर्मेशन सिस्टम कंट्रोल एंड ऑडिट का पेपर ड्रॉप होगा। जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज एंड कैपिटल मार्केट्स 100 नंबर और इंटरनेशनल टैक्सेशन 40 नंबर के बढ़ेंगे।

यह होंगे बदलाव

9 माह पहले रजिस्ट्रेशन: सीपीटी में अपीयर होने के लिए स्टूडेंट्स को दो माह पहले रजिस्ट्रेशन कराना होता था लेकिन फाउंडेशन कोर्स होने के बाद उन्हें 9 महीने पहले रजिस्टर्ड होना होगा। तभी वह एक्जाम दे सकेंगे। रजिस्ट्रेशन का समय इसलिए बढ़ाया जा रहा है ताकि वह बेहतर तरह से तैयारी कर सकें।

दो पार्ट में बढ़ेगा एक पेपर: फाउंडेशन कोर्स में फ़र्स्ट लेवल पर 50-50 नंबर के दो पार्ट में एक पेपर भी बढ़ेगा। इनमें पेपर-1 फंडामेंटल ऑफ अकाउंटिंग 100 नंबर, पेपर-2 क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड 100, पेपर-3ए मर्केंटाइल लॉ 60, पेपर-3बी जनरल इकोनॉमिक्स 40 के अलावा पेपर-4ए में जनरल इंग्लिश 50 और पेपर-4बी में बिजनेस कम्युनिकेशन 50 नंबर का होगा।

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) सीए कोर्स की एजुकेशन और ट्रेनिंग में बदलाव करने जा रही है।

24/03/2015

The time has come to create a Global Fund for Education to ensure that even the world’s poorest children have the chance to receive a quality education.

24/03/2015

Finland, one of the leading educational hotspots in the world, is embarking on one of the most radical overhauls in modern education. By 2020, the country plans to phase out teaching individual subjects such as maths, chemistry and physics, and...

11/02/2015

Know about New Changes (CBCS) in Higher Education for improving Quality in Education by UGC:

उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। आगामी सत्र 2015-16 से छात्र पढ़ाई के बीच में कॉलेज और यूनिवर्सिटी बदल सकेंगे। वहीं छात्र मैथ और साइंस के साथ आर्ट्स के विषय व संस्कृत भी पढ़ सकेंगे। यूजीसी ने आठ जनवरी को सीबीसीएस सिस्टम लागू करने के निर्देश जारी करते हुए इस पर मुहर लगा दी है।

इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने आगामी सत्र से सीबीसीएस लागू करने के निर्देश देशभर की सभी यूनिवर्सिटी को जारी कर दिए हैं। सीबीसीएस के लागू होते ही छात्रों को डिग्री के बीच में कॉलेज और यूनिवर्सिटी बदलने की छूट भी मिलेगी। इसके लागू होने से कॉलेजों पर शिक्षा की गुणवत्ता के स्तर को बरकरार रखने का दबाव होगा। बदलते वक्त के साथ खुद को अन्य से बेहतर बनाना होगा। अन्यथा छात्रों के डिग्री पूरी करने से पहले ही दूसरे कॉलेज में चले जाने का डर रहेगा।

यूं समझें सीबीसीएस को

मान लीजिए किसी छात्र को पत्रकारिता डिग्री करनी है, वह इसके साथ कोई अन्य विषय भी चुन सकेगा। अगर उसकी रुचि किसी विज्ञान विषय में है तो वह साइंस का कोई विषय चुन सकेगा। अगर वह कॉमर्स या राजनीति विज्ञान या लिटरेचर में रुचि रखता है, उस तरह का विषय लेकर अपनी पढ़ाई कर सकेगा। इसी तरह किसी छात्र को एमएससी रसायन शास्त्र में करनी है तो वह अपनी च्वाइस का विषय चुन सकता है।

यूजीसी ने आगामी शैक्षणिक सत्र से देश के प्रत्येक विश्वविद्यालय में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने बारे दिशा-निर्देश जारी किए हैं
सैद्धांतिक तौर पर सीबीसीएस प्रणाली को आगामी सत्र से पीजी पाठ्यक्रमों में शुरू कर दिया जाएगा।

ये है सीबीसीएस कार्यक्रम

इस च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत अब परीक्षा में अंक की बजाय ग्रेड दिए जाएंगे। ग्लोबल स्तर पर चलने वाले ग्रेडिंग सिस्टम के तहत अब हर छात्र को कुछ प्वाइंट अर्जित करने होंगे। हर विभाग अपने स्तर पर तय करेगा कि कुल प्वाइंट कितने हों। हर पेपर के अलग-अलग क्रेडिट होंगे। विद्यार्थी अब किसी भी विषय में पीजी के कोर विषय के साथ वैकल्पिक विषय के तौर पर दूसरे अनुशासन के विषय भी चुन सकेंगे। ओपन च्वाइस बेस्ड सिस्टम के तहत किसी भी विषय में एमए/एमकॉम या एमएससी करने वाला छात्र अपनी इच्छानुसार दूसरे अनुशासन का विषय भी पढ़ सकेगा। इस मल्टी डिस्प्लिनरी पढ़ाई से छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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