02/01/2026
*हरियाणा में 5 महीने बाद होगी जातिगत जनगणना, पूरी तरह डिजिटल होगा प्रोसेस, केंद्र ने 200 करोड़ दिए, ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगी रोक*
*हरियाणा सरकार ने औपचारिक तौर पर जनगणना-2027 की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार की जातिगत जनगणना पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, जनगणना का पहला चरण 1 मई, 2026 से शुरू होगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण एवं आवास जनगणना की जाएगी।*
*जनगणना कार्य के लिए प्रदेश को केन्द्र सरकार की तरफ से 200 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की पहली बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इस महत्वपूर्ण कवायद के सुचारू एवं समयबद्ध संचालन के लिए प्रशासनिक, लॉजिस्टिक और परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।*
`प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज किया गया`
मुख्य सचिव ने बताया कि डेटा की सटीकता, एकरूपता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के मकसद से प्रदेश में सभी प्रशासनिक सीमाओं को स्थिर (फ्रीज) कर दिया गया है और जनगणना का कार्य पूर्ण होने तक इनमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
जिला स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करने के लिए जल्द ही उपायुक्तों की एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस बुलाई जाएगी, ताकि प्रधान जनगणना अधिकारियों को समय-सीमा, दायित्वों और विस्तृत परिचालन योजना के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।
`तीन जिलों में प्री टेस्ट पूरा हुआ`
हरियाणा के जनगणना निदेशक ललित जैन ने समिति को अवगत कराया कि जनगणना-2027 एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है, क्योंकि पूरा कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से शत-प्रतिशत डिजिटल प्री-टेस्ट पंचकूला, हिसार और फरीदाबाद में सफलतापूर्वक किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक आबादी को कवर किया गया। निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्री-टेस्ट पूरा करने के लिए भारत के महापंजीयक (रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया) द्वारा प्रदेश की सराहना की गई है।