Faith Of India

Faith Of India It is about the detail of news paper "Faith Of India"

01/03/2026

साहसी आरपीएफ ने बचाया एक और जीवन!
अहमदाबाद। चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में 36 वर्षीय एक यात्री प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर पड़ा। वह अपने पुत्र से मिलने पुणे जा रहा था, जो आईसीयू में भर्ती है। स्थिति अत्यंत गंभीर थी, किंतु प्लेटफॉर्म पर तैनात आरपीएफ जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी सजगता से बड़ा हादसा टल गया।
जनसंदेश
स्टेशन पर धैर्य रखें। एक ट्रेन छूट जाए तो दूसरी मिल जाती है — केवल कुछ घंटे का विलंब होता है।
परंतु जीवन एक बार चला जाए तो वापस नहीं आता।
कृपया चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम न लें। आपका जीवन आपके परिवार के लिए अमूल्य है।
.vaishnaw

पाठकों से अनुरोध है कि 'फेथ ऑफ इंडिया' को और बेतहर बनाने के लिए अपना बहुमूल्य सुझाव दें। समाचार पत्र से प्रदेश, मण्डल, ज...
12/02/2026

पाठकों से अनुरोध है कि 'फेथ ऑफ इंडिया' को और बेतहर बनाने के लिए अपना बहुमूल्य सुझाव दें। समाचार पत्र से प्रदेश, मण्डल, जिला स्तर पर जुड़ने के लिए सम्पर्क करें।

प्रबंधक
फेथ ऑफ इंडिया
दूरभाष / वाट्सएप नम्बर :- 8⃣4⃣2⃣3⃣2⃣7⃣0⃣2⃣7⃣5⃣
ईमेल आईडी:- [email protected]
[email protected]

President of India Vice President of India PMO India Narendra Modi Amit Shah Ashwini Vaishnaw Ministry of Railways, Government of India RPF INDIA RPF NCR RPF Mutual Transfer

मेरे आदरणीय बड़े भाई–बहनों,मेरे स्नेहिल छोटे भाई–बहनों,और मेरे प्रिय मित्रों…जन्मदिन पर आप सबने जो प्रेम, आशीर्वाद और शु...
08/12/2025

मेरे आदरणीय बड़े भाई–बहनों,
मेरे स्नेहिल छोटे भाई–बहनों,
और मेरे प्रिय मित्रों…

जन्मदिन पर आप सबने जो प्रेम, आशीर्वाद और शुभकामनाएँ मुझे भेजीं,
उन्हें पढ़ते-पढ़ते मन कई बार भर आया।
हर संदेश में मानो कोई अपना कंधे पर हाथ रखकर
धीरे से कह रहा था-
“हम तुम्हारे साथ हैं… हमेशा।”

आपके शब्द सिर्फ बधाई नहीं थे,
वे मेरे लिए अपनापन, भरोसा और स्नेह की अनमोल छाया थे।
मन के भीतर तक उतर गए…
इतना कि आज का दिन सचमुच यादगार बन गया।
मैं आप सबके इस अमूल्य प्रेम के लिए
हृदय की गहराइयों से
अपना अंतर्मन से निकला धन्यवाद अर्पित करता हूँ।
मैं बस यही प्रार्थना करता हूँ कि
आप सभी का प्यार और आशीर्वाद
यूँ ही जीवनभर मेरे साथ बना रहे,
और मैं भी सदैव आप सबके विश्वास,
आपकी उम्मीदों और आपके स्नेह के योग्य बना रहूँ।
आप सभी को हृदय से नमन,
स्नेह सहित-आभार।

“माँ… आज मेरे जन्मदिन पर बस एक बार पुकार दो-‘जन्मदिन मुबारक, अश्वनी’ क्योंकि उसी एक आवाज़ के बिना मैं हर पल भीतर से बिखर...
08/12/2025

“माँ… आज मेरे जन्मदिन पर बस एक बार पुकार दो-‘जन्मदिन मुबारक, अश्वनी’ क्योंकि उसी एक आवाज़ के बिना मैं हर पल भीतर से बिखर रहा हूँ।”

“मैं जीना चाहता था… पर मैं टूट गया”"BLO सर्वेश सिंह की आख़िरी आवाज़"कभी सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा भी आएगा,जब एक नीरव-सा...
30/11/2025

“मैं जीना चाहता था… पर मैं टूट गया”

"BLO सर्वेश सिंह की आख़िरी आवाज़"

कभी सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा भी आएगा,
जब एक नीरव-सा BLO अपनी ही कलम से
अपनी मृत्यु का कारण लिख जाएगा।
सुसाइड नोट में सर्वेश ने जो लिखा,
वे सिर्फ शब्द नहीं
एक जीवित व्यक्ति की चीख, घुटन और थकान का अंतिम बयान है।
उन्होंने लिखा:-
“मैं जीना चाहता हूँ… लेकिन भीतर बहुत बेचैनी है।
मैं डर में जी रहा हूँ… घुटन इतनी कि साँस लेना भी भारी पड़ रहा है।”
कौन-सी व्यवस्था है जो अपने ही कर्मचारी को इतना डरा देती है
कि जीवन जीना कठिन लगने लगता है?
उन्होंने आगे लिखा:-

“मैंने रात-दिन काम किया।
घर-परिवार भूलकर सिर्फ ड्यूटी निभाई।
पर फिर भी SIR का टारगेट पूरा नहीं कर पाया।”
सोचिए…
एक इंसान जो अपनी पूरी क्षमता से काम करे,
फिर भी उसे अपमानित किया जाए, दबाव डाला जाए,
तो उसके दिल पर क्या गुजरती है?
और फिर वह पंक्ति-
जिसे पढ़कर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का दिल फट जाए

“अगर थोड़ा और समय मिलता तो मैं SIR का काम पूरा कर देता…
मैं पहली बार BLO बना था।”

यही लाइन बताती है कि
सर्वेश काम से नहीं भाग रहे थे-
वे डरे हुए थे, अकेले थे, और व्यवस्था की कठोरता उन्हें निगल गई।
अंत में उन्होंने लिखा
“मुझे माफ कर देना"
कितना दर्द छिपा है इन चार शब्दों में।
जैसे कोई शंख की तरह टूट चुका हो
और अंतिम साँस लेने से पहले भी वह अपराधबोध में जी रहा हो।
"सवाल यह है:-
एक BLO को इतना मजबूर किसने किया?"
क्या लक्ष्य-पत्र (टारगेट)
किसी मनुष्य के जीवन से बड़ा है?
क्या इतनी कठोर, अमानवीय, निर्दयी व्यवस्था
किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए उचित है?
आज सर्वेश चले गए…
कल कोई और न चला जाए
यह सुनिश्चित करना शासन का, सिस्टम का, समाज का कर्तव्य है।
"सर्वेश की मौत सिर्फ संख्या नहीं एक चेतावनी है"
कितने BLO पहले इसी बोझ तले दम तोड़ चुके हैं,
और कब तक यह चलता रहेगा?
अब वक्त है कि व्यवस्था बदले-
न कि अपने कर्मचारियों को बदल दे…
क्योंकि कर्मचारी मरते हैं,
सिस्टम नहीं रोता।

   President of India Vice President of India "क्या यही न्याय है, उत्तर प्रदेश?जहाँ एक फौजी देश संभाले और उसकी पत्नी की ...
29/11/2025




President of India
Vice President of India
"क्या यही न्याय है, उत्तर प्रदेश?
जहाँ एक फौजी देश संभाले और उसकी पत्नी की सुरक्षा भी न संभल सके?"

"आरती यादव:एक नाम नहीं, एक सवाल है"

"सवाल यह कि क्या इस देश में आम नागरिक की जान की कोई कीमत नहीं?
26 नवंबर 2025…"
दिन वही, जगह वही, पर दर्द ऐसा कि पूरा प्रदेश शर्म से झुक जाए।
नेवी के जवान की पत्नी आरती यादव
एक साधारण महिला, वैध टिकट लेकर अपने गंतव्य की यात्रा कर रही थी।
बस, एक मानवीय गलती हुई -गलत ट्रेन में चढ़ गईं।
क्या किसी भी यात्री के साथ ऐसा हो सकता है?
हाँ, बिल्कुल।
क्या यह कोई अपराध है?
बिल्कुल नहीं।
लेकिन एक ने इसे अपराध की तरह नहीं,
बल्कि "सज़ा के साथ मौत का वारंट" समझ लिया।
"तथ्य जो हर दिल को कंपा दें-"
1️⃣ "पहले आरती का पूरा बैग चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया"
ताकि दस्तावेज़, टिकट और पहचान का हर सबूत ख़त्म हो जाए।
2️⃣ "फिर जब आरती ने रोकर मदद मांगी,"
“टिकट है, कृपया जांच कर लीजिए” कहा,
तो उसी चलती ट्रेन से धक्का दे दिया।
3️⃣ "प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक"
यह कोई हादसा नहीं "स्पष्ट रूप से बहस के बाद किया गया निर्मम धक्का था।"
"4️⃣ गिरते ही आरती गंभीर रूप से घायल हुईं,"
और वहीं पर उनकी मौत हो गई।
एक महिला की मौत!
मृत्यु!
लेकिन रेलवे का तंत्र क्या करता है?
"मामले को हादसा बनाने की कोशिश"
किसके लिए?
"एक को बचाने के लिए।"
एक “पहचाने-हुए कर्मचारी” को ढाल देने के लिए।
टिकट खो गयी
महिला भ्रमित थी
मानसिक तनाव में थी
यह सब नए-नए “कथानक” गढ़कर पेश किए जा रहे हैं।
क्या यह न्याय का मज़ाक नहीं?

"सबसे बड़ा प्रश्न:-फौजी की पत्नी भी सुरक्षित नहीं?"
नेवी जवान ड्यूटी पर देश का भार संभाले हुए था,
और वहीं, उसकी पत्नी को
"चलती ट्रेन से फेंककर मौत के हवाले कर दिया गया।"
फौजी ने चीखते हुए कहा:-

“मैं देश की रक्षा करता हूँ…
पर मेरी पत्नी की हत्या कर उसे हादसा कहा जा रहा है।”

क्या यह वाक्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के हृदय को चीरने के लिए पर्याप्त नहीं?
प्रश्न… जो व्यवस्था को झकझोरने चाहिए
क्या ट्रेन में महिला की सुरक्षा इतनी हल्की बात हो गई है?
क्या अपनी मनमर्जी से किसी यात्री को धक्का दे सकता है?
क्या रेलवे की वर्दी अपराध का लाइसेंस है?
क्या अफसर अपने पसंदीदा कर्मचारियों को हर कीमत पर बचाएँगे?
क्या प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही को कुचला जाएगा?
क्या फौजी परिवार की पीड़ा का कोई मूल्य नहीं?
क्षति केवल इटावा या कानपुर की नहीं पूरा उत्तर प्रदेश अपराधबोध में डूबा है
यह घटना साबित करती है
सिस्टम में पहचान की ताकत, इंसाफ की आवाज़ से ज़्यादा भारी है।
एक गरीब घर की बहू,
एक फौजी की पत्नी,
एक निर्दोष महिला
जब उसके साथ इतना भयावह अपराध होता है
और प्रशासन उसे हादसा कहता है…
तो पूरे प्रदेश की आत्मा घायल हो जाती है।
माँग :- न्याय की, सच्चे न्याय की
आरोपित TTE पर IPC 302 के तहत हत्या का मुक़दमा दर्ज हो
मामले की जाँच CBI/विशेष एजेंसी को सौंपी जाए
रेलवे और GRP बताएं
आख़िर एक महिला चलती ट्रेन से कैसे गिर गई?
फौजी परिवार को राज्य द्वारा विशेष सहायता प्रदान हो





PMO India
Narendra Modi

Amit Shah
Ashwini Vaishnaw
Ministry of Railways, Government of India
RPF INDIA
RPF NCR

"श्रीप्रकाश जायसवाल : कानपुर का बेटा, उत्तर प्रदेश का गौरवएक युग का अंत, एक विरासत की शुरुआत"कानपुर ने आज केवल अपना प्रत...
28/11/2025

"श्रीप्रकाश जायसवाल : कानपुर का बेटा, उत्तर प्रदेश का गौरव
एक युग का अंत, एक विरासत की शुरुआत"

कानपुर ने आज केवल अपना प्रतिनिधि नहीं खोया
"एक सच्चा जननेता, एक कर्मयोगी और एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया, जिसकी उपस्थिति ही शहर की पहचान थी।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री, कानपुर से तीन बार के सांसद,
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष
"श्रद्धेय श्रीप्रकाश जायसवाल जी"
अब हमारे बीच नहीं रहे।
यह क्षति केवल कानपुर की नहीं
"पूरे उत्तर प्रदेश की है।
कानपुर के विकास का दूसरा नाम श्रीप्रकाश जायसवाल"
कानपुर जब औद्योगिक असमानताओं, ट्रैफिक जाम, टूटी सड़कों और उपेक्षित ढांचे से जूझ रहा था,
तब एक आवाज़ सबसे आगे थी
“मेरे शहर को न्याय दो।”
उनके प्रयासों से
शहर में कई "रेलवे ओवरब्रिज (ROBs)" स्वीकृत हुए
"गोविंदपुरी रेल पुल," लिंक रोड और अन्य मार्गों का कार्य आगे बढ़ा
रेल आवाजाही की सुविधा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए
कानपुर को राष्ट्रीय रेलवे मानचित्र पर सशक्त स्थान दिलाया
उन्होंने कानपुर की रेल सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए बार-बार दिल्ली में संघर्ष किया
उन्होंने कानपुर के लिए निरंतर नई परियोजनाओं, फंड और बुनियादी सुविधाओं के लिए लड़ाई लड़ी
कानपुर के लिए उन्होंने मंत्री की तरह नहीं,
"एक बेटे की तरह काम किया।
दिलों से जुड़े नेता"
श्रीप्रकाश जायसवाल जी की सबसे बड़ी शक्ति थी
"उनकी सरलता, सहजता और अपनापन।"
वे बड़े पदों पर रहे,
पर उनके भीतर हमेशा एक कानपुरिया आत्मा थी
जो अपने शहर के हर दर्द, हर जरूरत और हर उम्मीद को समझती थी।
सत्ता बदली, सरकारें बदलीं, दौर बदले
पर उनकी जनता से निष्ठा नहीं बदली।
उनकी मुस्कान में स्नेह था,
उनके शब्दों में दृढ़ता थी,
और उनकी राजनीति में ईमानदारी की खुशबू थी।
"उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक मजबूत स्तंभ"
वे केवल कानपुर तक सीमित नेता नहीं थे
"वे उत्तर प्रदेश के बड़े नेताओं में से एक थे।"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में
केंद्रीय गृह मंत्रालय में जिम्मेदार पद पर
भारत सरकार में "केंद्रीय कोयला मंत्री" के रूप में
उन्होंने प्रदेश और देश दोनों में अपनी छाप छोड़ी।
उनका अनुभव, उनकी समझ और उनका संतुलित नेतृत्व
उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए अमूल्य था।
आज उनकी अनुपस्थिति उस शून्य को जन्म देती है
जिसे भर पाना आसान नहीं।
"भावनात्मक विदाई"
कहते हैं
"नेता पद से नहीं, अपने कर्म और चरित्र से महान बनते हैं।"
श्रीप्रकाश जायसवाल जी ने यह बात सिद्ध की।
आज जब हम उन्हें विदा कर रहे हैं,
हम सिर्फ एक राजनेता को नहीं,
"एक पिता-समान संरक्षक, एक स्नेहिल व्यक्तित्व और एक कर्मशील योद्धा" को खो रहे हैं।
कानपुर की हवा आज भारी है,
स्मृतियाँ नम हैं,
और शहर का हर कोना उन्हें याद कर रहा है।
"ईश्वर से प्रार्थना"
हे ईश्वर,
दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें।
उनके परिवार, समर्थकों और हम सबको
यह अपूरणीय क्षति सहन करने की शक्ति दें।
"कानपुर की ओर से अंतिम प्रणाम
हमारे कानपुर शहर की आन, बान और शान
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल जी
आपका जाना दुखद ही नहीं, अत्यंत असहनीय है।"
आपकी स्मृतियाँ, आपका संघर्ष,
और आपका शहर-प्रेम
सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेगा।
"आप गए नहीं हैं
आप कानपुर की आत्मा में बस गए हैं।"


#श्रद्धांजलि

#कानपुर_का_लाल


#कानपुर_की_आन_बान_शान

#अपनानायक_अपनाशहर

Kanpur Gramin Congress

19/11/2025

Address

Kanpur
208004

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Faith Of India posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Faith Of India:

Share