28/11/2025
"श्रीप्रकाश जायसवाल : कानपुर का बेटा, उत्तर प्रदेश का गौरव
एक युग का अंत, एक विरासत की शुरुआत"
कानपुर ने आज केवल अपना प्रतिनिधि नहीं खोया
"एक सच्चा जननेता, एक कर्मयोगी और एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया, जिसकी उपस्थिति ही शहर की पहचान थी।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री, कानपुर से तीन बार के सांसद,
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष
"श्रद्धेय श्रीप्रकाश जायसवाल जी"
अब हमारे बीच नहीं रहे।
यह क्षति केवल कानपुर की नहीं
"पूरे उत्तर प्रदेश की है।
कानपुर के विकास का दूसरा नाम श्रीप्रकाश जायसवाल"
कानपुर जब औद्योगिक असमानताओं, ट्रैफिक जाम, टूटी सड़कों और उपेक्षित ढांचे से जूझ रहा था,
तब एक आवाज़ सबसे आगे थी
“मेरे शहर को न्याय दो।”
उनके प्रयासों से
शहर में कई "रेलवे ओवरब्रिज (ROBs)" स्वीकृत हुए
"गोविंदपुरी रेल पुल," लिंक रोड और अन्य मार्गों का कार्य आगे बढ़ा
रेल आवाजाही की सुविधा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए
कानपुर को राष्ट्रीय रेलवे मानचित्र पर सशक्त स्थान दिलाया
उन्होंने कानपुर की रेल सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए बार-बार दिल्ली में संघर्ष किया
उन्होंने कानपुर के लिए निरंतर नई परियोजनाओं, फंड और बुनियादी सुविधाओं के लिए लड़ाई लड़ी
कानपुर के लिए उन्होंने मंत्री की तरह नहीं,
"एक बेटे की तरह काम किया।
दिलों से जुड़े नेता"
श्रीप्रकाश जायसवाल जी की सबसे बड़ी शक्ति थी
"उनकी सरलता, सहजता और अपनापन।"
वे बड़े पदों पर रहे,
पर उनके भीतर हमेशा एक कानपुरिया आत्मा थी
जो अपने शहर के हर दर्द, हर जरूरत और हर उम्मीद को समझती थी।
सत्ता बदली, सरकारें बदलीं, दौर बदले
पर उनकी जनता से निष्ठा नहीं बदली।
उनकी मुस्कान में स्नेह था,
उनके शब्दों में दृढ़ता थी,
और उनकी राजनीति में ईमानदारी की खुशबू थी।
"उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक मजबूत स्तंभ"
वे केवल कानपुर तक सीमित नेता नहीं थे
"वे उत्तर प्रदेश के बड़े नेताओं में से एक थे।"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में
केंद्रीय गृह मंत्रालय में जिम्मेदार पद पर
भारत सरकार में "केंद्रीय कोयला मंत्री" के रूप में
उन्होंने प्रदेश और देश दोनों में अपनी छाप छोड़ी।
उनका अनुभव, उनकी समझ और उनका संतुलित नेतृत्व
उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए अमूल्य था।
आज उनकी अनुपस्थिति उस शून्य को जन्म देती है
जिसे भर पाना आसान नहीं।
"भावनात्मक विदाई"
कहते हैं
"नेता पद से नहीं, अपने कर्म और चरित्र से महान बनते हैं।"
श्रीप्रकाश जायसवाल जी ने यह बात सिद्ध की।
आज जब हम उन्हें विदा कर रहे हैं,
हम सिर्फ एक राजनेता को नहीं,
"एक पिता-समान संरक्षक, एक स्नेहिल व्यक्तित्व और एक कर्मशील योद्धा" को खो रहे हैं।
कानपुर की हवा आज भारी है,
स्मृतियाँ नम हैं,
और शहर का हर कोना उन्हें याद कर रहा है।
"ईश्वर से प्रार्थना"
हे ईश्वर,
दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें।
उनके परिवार, समर्थकों और हम सबको
यह अपूरणीय क्षति सहन करने की शक्ति दें।
"कानपुर की ओर से अंतिम प्रणाम
हमारे कानपुर शहर की आन, बान और शान
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल जी
आपका जाना दुखद ही नहीं, अत्यंत असहनीय है।"
आपकी स्मृतियाँ, आपका संघर्ष,
और आपका शहर-प्रेम
सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेगा।
"आप गए नहीं हैं
आप कानपुर की आत्मा में बस गए हैं।"
#श्रद्धांजलि
#कानपुर_का_लाल
#कानपुर_की_आन_बान_शान
#अपनानायक_अपनाशहर
Kanpur Gramin Congress